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बार-बार थकान और पेट दर्द को न करें नजरअंदाज, हो सकता है लिवर का खतरा
लिवर शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। यह शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने, भोजन को पचाने, ऊर्जा का भंडारण करने और कई जरूरी प्रोटीन बनाने का काम करता है। लेकिन चिंता की बात यह है कि लिवर की बीमारी अक्सर शुरुआती चरण में बिना किसी स्पष्ट लक्षण के विकसित होती रहती है। ऐसे में समय रहते संकेतों को पहचानना गंभीर जटिलताओं, जैसे सिरोसिस (Cirrhosis) या लिवर फेलियर, से बचाने में मदद कर सकता है।
Vindhya Dubey20 जुल. 2026, 02:16 PM IST

यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के सीनियर कंसल्टेंट गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट, हेपेटोलॉजिस्ट एवं एडवांस्ड थेरेप्यूटिक एंडोस्कोपिस्ट डॉ. के. एस. सोमशेखर राव के अनुसार, लोग अक्सर शुरुआती लक्षणों को सामान्य स्वास्थ्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, यदि ये लक्षण लगातार बने रहें तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
1. लगातार थकान महसूस होना
दिनभर काम करने के बाद थकान महसूस होना सामान्य है, लेकिन यदि पर्याप्त आराम के बाद भी लगातार कमजोरी, सुस्ती और थकान बनी रहे तो यह लिवर की समस्या का शुरुआती संकेत हो सकता है। जब लिवर ठीक से काम नहीं करता, तो शरीर में विषैले पदार्थ जमा होने लगते हैं, जिससे व्यक्ति हमेशा थका हुआ महसूस कर सकता है। यदि यह लक्षण अन्य परेशानियों के साथ दिखाई दे, तो इसे हल्के में न लें।
2. पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द या सूजन
अगर पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में लगातार दर्द, भारीपन या असहजता महसूस हो रही है, तो यह लिवर में सूजन या क्षति का संकेत हो सकता है। गंभीर मामलों में पेट या पैरों में सूजन भी आ सकती है, जो शरीर में तरल पदार्थ जमा होने के कारण होती है। ऐसे लक्षण दिखने पर जल्द से जल्द चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।
3. त्वचा में लगातार खुजली, गहरा पेशाब और फीके रंग का मल
यदि बिना किसी एलर्जी या त्वचा संबंधी कारण के लगातार खुजली हो रही है, तो यह लिवर की बीमारी से जुड़ा संकेत हो सकता है। इसके अलावा, पेशाब का रंग सामान्य से अधिक गहरा होना या मल का रंग हल्का अथवा मिट्टी जैसा दिखाई देना भी पित्त (बाइल) के प्रवाह में गड़बड़ी का संकेत हो सकता है। यदि ये लक्षण एक साथ दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
4. मामूली चोट पर भी जल्दी चोट के निशान पड़ना या ज्यादा खून बहना
यदि हल्की चोट लगने पर भी शरीर पर आसानी से नीले निशान पड़ जाते हैं या सामान्य से अधिक रक्तस्राव होता है, तो इसका कारण लिवर द्वारा पर्याप्त मात्रा में रक्त जमाने वाले प्रोटीन (क्लॉटिंग प्रोटीन) का उत्पादन न होना हो सकता है। हालांकि इसके अन्य कारण भी हो सकते हैं, लेकिन यदि यह समस्या लगातार बढ़ रही हो तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
5. आंखों और त्वचा का पीला पड़ना
आंखों के सफेद हिस्से या त्वचा का पीला पड़ जाना पीलिया (जॉन्डिस) का प्रमुख लक्षण है और यह लिवर की बीमारी का सबसे स्पष्ट संकेत माना जाता है। ऐसा तब होता है जब बिलीरुबिन नामक पीला रंगद्रव्य रक्त में जमा होने लगता है क्योंकि लिवर उसे सामान्य रूप से संसाधित नहीं कर पाता। यह स्थिति तुरंत चिकित्सकीय जांच और उपचार की मांग करती है।
कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?
यदि ऊपर बताए गए लक्षण कुछ दिनों तक बने रहें, समय के साथ बढ़ने लगें या एक से अधिक लक्षण एक साथ दिखाई दें, तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लें। विशेष रूप से वे लोग अधिक सतर्क रहें जिन्हें मोटापा, मधुमेह, अत्यधिक शराब सेवन, वायरल हेपेटाइटिस या लंबे समय तक कुछ दवाओं का सेवन करने जैसी जोखिम वाली स्थितियां हैं।
NOTE: ध्यान रखें कि केवल इन लक्षणों के आधार पर लिवर की बीमारी की पुष्टि नहीं की जा सकती। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर की सलाह और आवश्यक जांच कराना जरूरी है।
