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Stress से परेशान हैं? सिर्फ कुछ मिनटों में मन और शरीर को शांत करने की 5 तकनीकें

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में चिंता और तनाव (Anxiety) बहुत आम हो गया है। लगातार काम का दबाव, ईमेल का जवाब देने की चिंता, मीटिंग, फोन कॉल या कई अधूरे काम कई बार बिना किसी स्पष्ट वजह के भी शरीर में तनाव की प्रतिक्रिया पैदा कर देते हैं। लेकिन सवाल यह है कि सामान्य तनाव कब चिंता (Anxiety) का रूप ले लेता है और ऐसे समय में खुद को कैसे शांत किया जाए?

Vindhya Dubey20 जुल. 2026, 02:16 PM IST
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Stress से परेशान हैं? सिर्फ कुछ मिनटों में मन और शरीर को शांत करने की 5 तकनीकें

सर्टिफाइड लाइफ कोच और हिप्नोथेरेपिस्ट संगीता शर्मा के अनुसार, कुछ आसान तकनीकों की मदद से चिंता के लक्षणों को समझा और नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि कई लोग बिना किसी वास्तविक खतरे के भी चिंतित महसूस करने लगते हैं। उदाहरण के तौर पर, उनकी एक क्लाइंट को जैसे ही मीटिंग का इनवाइट मिलता था, उसके कंधे तनाव में आ जाते थे। वह सोचती थी कि उसे अपने शेड्यूल की वजह से चिंता हो रही है, लेकिन असल में उसका शरीर उसके दिमाग से पहले प्रतिक्रिया दे रहा था।

शरीर दिमाग से पहले क्यों प्रतिक्रिया करता है?

कोच संगीता शर्मा के मुताबिक, हमारा शरीर कई बार डेडलाइन और वास्तविक खतरे के बीच अंतर नहीं कर पाता। दोनों परिस्थितियों में शरीर एक जैसी प्रतिक्रिया देने लगता है।

ऐसे में:

  • सीने में जकड़न महसूस हो सकती है।
  • सांसें तेज या छोटी हो सकती हैं।
  • दिमाग तुरंत यह खोजने लगता है कि आखिर समस्या क्या है।

विशेषज्ञों के अनुसार, केवल सोच बदलने से हमेशा मदद नहीं मिलती। कई बार शरीर को शांत करना जरूरी होता है ताकि दिमाग भी सामान्य तरीके से काम कर सके।

चिंता कम करने के लिए 5 आसान तकनीकें

1. अपनी सोच को बिना प्रतिक्रिया दिए देखें

जब चिंता महसूस हो तो तुरंत उसे रोकने या बदलने की कोशिश न करें। अपनी भावनाओं और विचारों को सिर्फ नोटिस करें।

खुद से पूछें:

  • मैं अभी क्या महसूस कर रहा हूं?
  • मेरे शरीर के किस हिस्से में तनाव है?
  • मेरे दिमाग में कौन-सी बात चल रही है?

अपने विचारों को मौसम की तरह आने-जाने दें और उन्हें केवल देखने की कोशिश करें।

2. Emotional Freedom Technique (EFT) आजमाएं

EFT एक आसान तकनीक है जिसमें शरीर के कुछ हिस्सों पर हल्की टैपिंग की जाती है।

इसके लिए:

  • कॉलरबोन (गले के नीचे हड्डी) के पास हाथ से हल्की टैपिंग करें।
  • अपनी भावना को शब्दों में व्यक्त करें।
  • खुद को बताएं कि आप अभी क्या महसूस कर रहे हैं।

यह तकनीक शरीर को शांत महसूस कराने में मदद कर सकती है।

3. चिंता वाले विचारों को लिखें

जब दिमाग में बहुत सारे विचार घूम रहे हों तो उन्हें कागज पर लिखना फायदेमंद हो सकता है।

जर्नलिंग से:

  • विचार व्यवस्थित होते हैं।
  • समस्या कम बड़ी लगने लगती है।
  • समाधान ढूंढना आसान हो जाता है।

कई बार जो परेशानी दिमाग में बहुत बड़ी लगती है, वह कागज पर लिखने के बाद छोटी महसूस होती है।

4. छोटी-छोटी आदतों पर ध्यान दें

छोटे बदलाव भी मानसिक स्वास्थ्य पर बड़ा असर डाल सकते हैं।

खुद से पूछें:

  • इस स्थिति में मैं वास्तव में क्या कर सकता हूं?
  • कौन-सी चीज मेरे नियंत्रण में है?

जो आपके हाथ में है, उस पर काम करें और बाकी चीजों को छोड़ने की कोशिश करें।

5. सांस लेने की तकनीक अपनाएं

गहरी और नियंत्रित सांस लेना शरीर को शांत करने का एक आसान तरीका है।

धीरे-धीरे सांस लेने से:

  • हृदय गति सामान्य होने में मदद मिल सकती है।
  • शरीर का तनाव कम हो सकता है।
  • मन अधिक शांत महसूस कर सकता है।

चिंता को समझना जरूरी है

कोच संगीता शर्मा के अनुसार, कई बार चिंता की असली वजह परिस्थिति नहीं बल्कि चिंता करने की आदत बन जाती है। उनकी क्लाइंट को मीटिंग से नहीं बल्कि इस बात से डर लग रहा था कि अगर वह घबराना बंद कर देगी तो क्या होगा। छोटी-छोटी तकनीकों और जागरूकता के जरिए चिंता को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता है।


डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं है। अगर चिंता लंबे समय तक बनी रहती है या रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही है, तो डॉक्टर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें।