environment
हरित बदलापुर की दिशा में ऐतिहासिक पहल, पर्यावरण संरक्षण के लिए नगर परिषद ने कृषि विश्वविद्यालय से किया समझौता
बदलापुर को पर्यावरण-अनुकूल, स्वच्छ और टिकाऊ शहर बनाने की दिशा में कुलगांव-बदलापुर नगर परिषद ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नगर परिषद ने डॉ. बाळासाहेब सावंत कोंकण कृषि विद्यापीठ के साथ सामंजस्य करार (MoU) किया है। इस समझौते के तहत शहर के वैज्ञानिक हरित विकास, प्रदूषण नियंत्रण, जैव विविधता संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने के लिए आगामी दस वर्षों का व्यापक विकास खाका तैयार किया जाएगा।
Priyanka Gaikwad20 जुल. 2026, 02:29 PM IST

ठाणे जिले के कुलगांव-बदलापुर नगर परिषद ने पर्यावरण संरक्षण और सतत शहरी विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से डॉ. बाळासाहेब सावंत कोंकण कृषि विद्यापीठ के साथ सामंजस्य करार किया है। इस करार के माध्यम से बदलापुर को "हरित बदलापुर" के रूप में विकसित करने की दीर्घकालिक योजना पर काम किया जाएगा। नगर परिषद का कहना है कि यह पहल केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि शहर के संपूर्ण पर्यावरणीय विकास के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाया जाएगा।
इस समझौते के तहत आगामी दस वर्षों के लिए बदलापुर शहर का वैज्ञानिक, तकनीकी और पर्यावरणीय अध्ययन किया जाएगा। इसके आधार पर प्रत्येक प्रभाग के लिए अलग-अलग हरित विकास योजना तैयार होगी, जिससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार विकास कार्यों को अमल में लाया जा सके। शहर में बड़े पैमाने पर शहरी जंगल, ऑक्सीजन पार्क, जैव विविधता उद्यान, हरित पट्टियों और खुले क्षेत्रों का विकास किया जाएगा। इसके साथ ही वर्षा जल संरक्षण, जलस्रोतों के पुनर्जीवन, वृक्ष संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
नगर परिषद का उद्देश्य शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण को कम करना, हरित क्षेत्र बढ़ाना और जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ रहे तापमान के प्रभाव को नियंत्रित करना है। इसके लिए वैज्ञानिक नियोजन के आधार पर विभिन्न परियोजनाओं को लागू किया जाएगा। साथ ही नागरिकों, स्वयंसेवी संस्थाओं और शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी बढ़ाकर पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया जाएगा।नगराध्यक्ष रुचिता घोरपड़े ने कहा कि बदलते जलवायु हालात को ध्यान में रखते हुए पर्यावरण-अनुकूल विकास नीति तैयार की जाएगी। वृक्ष संरक्षण, जल संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि "हरित बदलापुर" केवल एक कल्पना नहीं, बल्कि वैज्ञानिक योजना, जनसहभागिता और नगर परिषद के समन्वित प्रयासों से साकार होने वाला विकास मॉडल होगा, जो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, स्वस्थ और हरित शहर प्रदान करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना तय समयसीमा के अनुसार प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो बदलापुर महाराष्ट्र के उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो सकता है, जहां विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने का सफल मॉडल देखने को मिलेगा। नगर परिषद को उम्मीद है कि इस पहल से शहर की पर्यावरणीय गुणवत्ता में सुधार होगा और बदलापुर भविष्य में एक आदर्श हरित शहर के रूप में पहचान बनाएगा।
