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वारकरियों की सेवा में समर्पित 'औषध वारी', 44 वर्षों से ठाणे का ज्ञानदेव सेवा मंडल दे रहा निःशुल्क चिकित्सा सेवा

आषाढ़ी वारी के दौरान लाखों श्रद्धालु पैदल पंढरपुर की ओर बढ़ रहे हैं। ऐसे में वारकरियों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी उठाते हुए ठाणे का ज्ञानदेव सेवा मंडल पिछले 44 वर्षों से 'औषध वारी' अभियान चला रहा है। डॉक्टरों और स्वयंसेवकों की टीम वारी मार्ग पर निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, दवाइयों और प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध करा रही है।

Priyanka Gaikwad20 जुल. 2026, 09:54 PM IST
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वारकरियों की सेवा में समर्पित 'औषध वारी', 44 वर्षों से ठाणे का ज्ञानदेव सेवा मंडल दे रहा निःशुल्क चिकित्सा सेवा
ठाणे : ज्ञानदेव सेवा मंडल की ओर से वर्ष 1982 में शुरू किया गया 'औषध वारी' अभियान इस वर्ष अपने 44वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। 17 जुलाई से शुरू हुआ यह सेवा अभियान 23 जुलाई तक वारी मार्ग के विभिन्न पड़ावों पर जारी रहेगा। हर वर्ष की तरह इस बार भी वारकरियों को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए डॉक्टरों और स्वयंसेवकों की टीम लगातार सेवा में जुटी हुई है। फलटण, वाजे गांव, नातेपुते, माळशिरस, वेळापूर, वाडी कुरोली और बंडीशेगांव सहित कई स्थानों पर सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे तक चिकित्सा शिविर लगाए जा रहे हैं। अभियान में 3 डॉक्टर, 3 पैरामेडिकल कर्मचारी, 13 स्वयंसेवक और अन्य सहयोगियों सहित कुल 27 सदस्यीय टीम सेवा दे रही है। प्रतिदिन लगभग 600 से 700 वारकरियों की स्वास्थ्य जांच कर उन्हें आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। 

लंबी पैदल यात्रा और बारिश के मौसम के कारण कई वारकरी बुखार, डिहाइड्रेशन, पैरों में छाले, त्वचा रोग, मधुमेह और रक्तचाप जैसी समस्याओं से जूझते हैं। ऐसे मरीजों का मौके पर ही उपचार किया जा रहा है। जरूरत के अनुसार विटामिन, कैल्शियम, इंजेक्शन, सलाइन और अन्य जीवनरक्षक दवाइयां भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। आयोजकों के अनुसार इस वर्ष सेवा कार्य के लिए लगभग 10 लाख रुपये मूल्य की दवाइयों की व्यवस्था की गई है। इनमें करीब 2 लाख रुपये की नई दवाइयों की खरीद की गई है। प्रतिदिन 300 से 400 इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं, जबकि लगभग 200 सलाइन बोतलों की भी व्यवस्था की गई है।

डॉ. ओमप्रकाश शुक्ल, ज्ञानदेव सेवा मंडल
"हम पिछले 44 वर्षों से लगातार वारकरियों की सेवा कर रहे हैं। हर वर्ष हजारों श्रद्धालुओं को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना ही हमारा उद्देश्य है। वारकरियों की सेवा करना हमारे लिए सौभाग्य और सबसे बड़ी प्रेरणा है।"सेवा अभियान से जुड़े स्वयंसेवकों का कहना है कि वारकरियों की निस्वार्थ सेवा करना ही उनके लिए सबसे बड़ा धर्म है। यही कारण है कि हर वर्ष बड़ी संख्या में डॉक्टर, स्वयंसेवक और समाजसेवी इस अभियान से जुड़कर अपनी सेवाएं देते हैं। चिकित्सा सेवा के साथ-साथ जरूरतमंद श्रद्धालुओं को आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है।