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आंखों की रोशनी और दांतों की सेहत बचाने की तैयारी, आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनेगा पहला पड़ाव
ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सरकार आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में ओरल हेल्थ (दांत और मुंह की देखभाल) और आई केयर (आंखों की देखभाल) सेवाओं पर ज्यादा जोर दे रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन के तहत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्तर पर अब लोगों की दांतों और आंखों से जुड़ी समस्याओं की शुरुआती पहचान, स्क्रीनिंग और आवश्यक स्वास्थ्य सलाह उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।
Vindhya Dubey20 जुल. 2026, 09:55 PM IST

देश के ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में लोग दांतों की समस्या, मसूड़ों की बीमारी, नजर कमजोर होने, आंखों में संक्रमण और मोतियाबिंद जैसी परेशानियों से जूझते हैं। कई बार समय पर जांच और इलाज नहीं मिलने के कारण छोटी समस्या गंभीर रूप ले लेती है। इसी को ध्यान में रखते हुए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में प्राथमिक स्तर पर इन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की योजना बनाई गई है।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर में मिलेंगी दांतों से जुड़ी सेवाएं
नई व्यवस्था के तहत हेल्थ सेंटर पर मरीजों के दांतों और मुंह की जांच की जाएगी। इसमें दांतों में कैविटी, मसूड़ों की बीमारी, मुंह के संक्रमण और अन्य समस्याओं की पहचान शामिल होगी। इसके अलावा लोगों को दांतों की सफाई, ओरल हाइजीन और तंबाकू सेवन से होने वाले नुकसान को लेकर जागरूक किया जाएगा। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को भी इस तरह की समस्याओं की पहचान करने और जरूरतमंद मरीजों को आगे के इलाज के लिए रेफर करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। इससे ग्रामीण इलाकों में मुंह के कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के शुरुआती संकेतों की पहचान में भी मदद मिल सकती है।
आंखों की जांच पर भी बढ़ेगा फोकस
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में प्राथमिक आई केयर सेवाओं के तहत लोगों की आंखों की जांच, नजर की समस्या की पहचान और सामान्य आंखों की बीमारियों की स्क्रीनिंग पर ध्यान दिया जाएगा। खासतौर पर बुजुर्गों में नजर कमजोर होना और मोतियाबिंद जैसी समस्याओं की समय पर पहचान करने का प्रयास किया जाएगा। जिन मरीजों को विशेषज्ञ इलाज की जरूरत होगी, उन्हें आगे के उपचार के लिए संबंधित अस्पतालों में रेफर किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आंखों की समस्या के लिए शुरुआती स्तर पर ही मदद मिल सकेगी।
सिर्फ इलाज नहीं, बीमारी रोकने पर जोर
आयुष्मान आरोग्य मंदिर का उद्देश्य केवल मरीजों का इलाज करना नहीं, बल्कि बीमारियों की रोकथाम और समय रहते पहचान करना भी है। इन केंद्रों पर पहले से ही गर्भवती महिलाओं की देखभाल, बच्चों का स्वास्थ्य, टीकाकरण, डायबिटीज और ब्लड प्रेशर की जांच, मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं और बुजुर्गों की देखभाल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। ओरल और आई केयर सेवाओं को मजबूत करने से ग्रामीण आबादी को अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ही शुरुआती जांच और स्वास्थ्य सलाह मिल सकेगी।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, दांत और आंखों से जुड़ी समस्याओं की समय पर पहचान होने से मरीजों को गंभीर स्थिति से बचाया जा सकता है। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में इन सेवाओं के विस्तार से ग्रामीण भारत में प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
