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दिल्ली: परिवेश भवन में बनेगी सीपीसीबी की आधुनिक इमारत, सुरक्षा और तकनीकी पात्रता के नए नियम लागू।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के दिल्ली स्थित परिवेश भवन परिसर में नई बहुमंजिला इमारत के निर्माण हेतु पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा एक महत्वपूर्ण शुद्धिपत्र (Corrigendum) जारी किया गया है। इस संशोधन के जरिए निर्माण कार्य की तकनीकी पात्रता और अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) मानकों को अपग्रेड किया गया है।

दिल्ली: केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दिल्ली स्थित परिवेश भवन परिसर में नई बहुमंजिला इमारत के निर्माण कार्य को गति देने के लिए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के नागरिक निर्माण एकक द्वारा एक महत्वपूर्ण संशोधन आदेश जारी किया गया है। जुलाई 2026 में जारी इस शुद्धिपत्र के जरिए परियोजना की तकनीकी पात्रता और अग्नि सुरक्षा से जुड़े मापदंडों में दूरगामी बदलाव किए गए हैं। लगभग 57.53 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस महत्वपूर्ण परियोजना का उद्देश्य देश की शीर्ष पर्यावरण एजेंसी के प्रशासनिक और अनुसंधान संबंधी बुनियादी ढांचे को आधुनिक एवं सुरक्षित बनाना है।
इस नई इमारत का निर्माण दिल्ली के ईस्ट अर्जुन नगर स्थित परिवेश भवन परिसर में किया जा रहा है। लगभग बीस महीने की समय सीमा में पूरा किए जाने वाले इस कार्य के लिए निविदा शर्तों में संशोधन करते हुए नागरिक निर्माण एकक ने निर्माण कंपनियों की तकनीकी योग्यता के नियमों को और स्पष्ट किया है। नए नियमों के अनुसार, ऐसे ठेकेदार जिन्होंने किसी अन्य ठेके के तहत कम से कम पांच मंजिल और एक बेसमेंट वाली आरसीसी फ्रेम संरचना का निर्माण किया है, उनके अनुभव को केवल तकनीकी क्षमता के आकलन के लिए मान्य माना जाएगा। हालांकि, पात्रता तय करते समय अलग से बनाए गए बेसमेंट के वित्तीय मूल्य को कुल मौद्रिक योग्यता में नहीं जोड़ा जाएगा। इस कदम से निर्माण क्षेत्र की अनुभवी और योग्य कंपनियों के लिए प्रतिस्पर्धा का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
इमारत में जीवन सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अग्नि सुरक्षा के नियमों को भारतीय मानक ब्यूरो के नवीनतम मानकों के अनुरूप ढाला गया है। संशोधन के अनुसार, आपातकालीन सीढ़ियों, निकास मार्गों और सुरक्षित शरण स्थलों पर 120 मिनट की अग्नि रोधी क्षमता और 30 मिनट के तापीय इन्सुलेशन वाले विशेष अग्निरोधक धातु दरवाजों के सेट लगाए जाएंगे। ये दरवाजे आईएस 3614:2021 और आईएस 17518:2022 के कड़े मानकों का पालन करेंगे। दरवाजों के चौखट और पल्ले न्यूनतम 1.20 मिलीमीटर मोटी जस्ता लेपित गैल्वनाइज्ड स्टील शीट से निर्मित होंगे। इसके अलावा धुएं के फैलाव को रोकने के लिए विशेष ईपीडीएम सील और आग लगने पर स्वतः फूलने वाली इन्टूमेसेंट सील का उपयोग किया जाएगा। आपात स्थिति में लोगों की त्वरित निकासी के लिए दरवाजों में पैनिक्स पुश बार, डोर क्लोजर और उच्च तापमान सहन करने वाले बोरोसिलिकेट कांच के दृश्य पैनल भी शामिल किए गए हैं।
यह निर्माण कार्य भारत के पर्यावरण संरक्षण ढांचे के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जो जल और वायु प्रदूषण के नियंत्रण, गुणवत्ता निगरानी तथा राष्ट्रीय नीतियों के निर्माण में केंद्र सरकार की मुख्य तकनीकी संस्था है, को अपने बढ़ते कार्यक्षेत्र के लिए आधुनिक एवं बहुआयामी स्थान की आवश्यकता रही है। इस नई इमारत के निर्माण से बोर्ड के वैज्ञानिकों और अधिकारियों को अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, विशाल डेटा सेंटर और आधुनिक प्रशासनिक सुविधाएं प्राप्त होंगी। इससे दिल्ली-एनसीआर सहित पूरे देश में वायु और जल गुणवत्ता की निगरानी प्रक्रिया को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा।
सरकारी भवनों में इस स्तर की तकनीकी विशिष्टताओं और सख्त सुरक्षा मानकों को लागू करने से न केवल अग्निकांड जैसी आपात स्थितियों से सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि यह देश में सार्वजनिक निर्माण कार्यों के लिए एक नया मानक भी स्थापित करेगा। निर्माण कार्य के पूरा होने से केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को एक सर्वसुविधायुक्त, सुरक्षित और हरित परिसर मिलेगा, जो भारत की पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के प्रयासों को और मजबूती प्रदान करेगा।
