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OT में नर्स की संदिग्ध मौत: प्रेमी व साथी ने ड्रिप में मिलाकर की हत्या
मेरठ, 20 जुलाई 2026 - लोहिया नगर स्थित एक निजी अस्पताल में तैनात 25 वर्षीय नर्स नेहा की संदिग्ध मृत्यु का पुलिस ने खुलासा किया है। प्रारंभिक रिपोर्ट्स और सीसीटीवी जांच से पता चला कि नेहा की हत्या उसके विवाह से इनकार करने वाले प्रेमी सुरेश और उसके साथी फरहान ने मिलकर ड्रिप में जहरीला पदार्थ मिलाकर की थी। आरोपियों ने वारदात को आत्महत्या का रूप देने के लिए फर्जी सुसाइड नोट और जहर की गोलियां भी मौके पर रख दीं।

पुलिस के मुताबिक फफूंडा निवासी नेहा शनिवार सुबह ननद के साथ ड्यूटी पर अस्पताल पहुँची। दोपहर करीब 12 बजे उसे ओटी में अचेत पाया गया और चिकित्सकों ने बाद में उसे मृत घोषित कर दिया। मौके पर एक सुसाइड नोट और सल्फर की गोलियों के पैकेट मिले। नेहा के परिजनों ने सुसाइड नोट की लिखावट पर आपत्ति जताई और हत्या का संदेह जताया। उन्होंने नेहा की पुरानी लिखावट पुलिस को दिखाकर कहा कि सुसाइड नोट उनकी बेटी की लिखावट जैसा नहीं है और उनके परिवार व ससुराल के बीच कोई विवाद नहीं था।
जांच और खुलासे
लोहिया नगर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज व मोबाइल कॉल डिटेल्स खंगालीं। फुटेज में नेहा, सुरेश व फरहान को ओटी में जाते और कुछ देर बाद सुरेश को ग्लव्स पहनकर अकेला बाहर निकलते दिखाया गया। कॉल रिकॉर्ड व पूछताछ में यह भी पता चला कि सुरेश और नेहा के बीच पिछले 7–8 महीनों से प्रेम संबंध थे। पूछताछ में सुरेश ने कबूल किया कि वह शादीशुदा है और उसका पांच साल का बेटा है। नेहा लगातार उससे शादी करने का दबाव बना रही थी, जिससे तनाव बढ़ने पर सुरेश ने फरहान की मदद से नेहा की हत्या की साजिश रची। पुलिस ने कहा कि नेहा ने कमजोरी की शिकायत की थी और उसे ड्रिप लगाए जाने के बहाने ओटी में ले जाया गया। वहां आरोपियों ने ड्रिप में नशे या जहरीला रसायन मिलाकर उसे इंजेक्ट किया, जिससे उसकी मौत हुई। घटना के बाद आरोपियों ने मौके पर सुसाइड नोट और सल्फर की गोलियाँ रख दीं ताकि घटना आत्महत्या दिखे। पुलिस ने सुसाइड नोट, नोटपैड, सिरिंज, रासायनिक पदार्थ का रैपर, कैनूला और मृतका का मोबाइल बरामद कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि
पुलिस ने यह भी बताया कि नेहा का विवाह करीब ढाई साल पहले हुआ था और एक वर्ष पहले उसके पति रवि कुमार की मृत्यु हो चुकी थी। पति के निधन के बाद नेहा ने अपने परिजनों और अपने बच्चे की जिम्मेदारी सँभालने के लिए निजी अस्पताल में नौकरी शुरू की थी।
आरोपियों की गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई
राहतपुर थाना प्रभारी व स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपियों सुरेश और फरहान को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे कड़ी पूछताछ जारी है। फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम और विष विज्ञान परीक्षण के परिणाम के आधार पर मामला आगे बढ़ाया जाएगा। पुलिस ने कहा कि हत्या की साजिश, आपराधिक षड्यंत्र और हत्या के संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। घटना की संवेदनशीलता के चलते अस्पताल के आंतरिक कर्मचारियों की शिनाख्त और सुरक्षा प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की जा रही है। पुलिस के मुताबिक परिजनों ने शुरुआत में सुसाइड नोट पर आपत्ति जताकर मामले की तहकीकात कराने में अहम भूमिका निभाई। घटना ने अस्पतालों में कार्यरत स्टाफ की सुरक्षा, अंतर-व्यक्तिगत संबंधों और निजी जीवन के दबावों से उत्पन्न खतरों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
