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क्या लौट रहा है कोविड? आंध्र में RF.5 के मामले बढ़े, कोलकाता में 10 साल का बच्चा कोविड पॉजिटिव
कोविड‑19 महामारी भले ही अपने सबसे भयावह दौर से निकल चुकी हो, लेकिन वायरस के नए‑नए वेरिएंट अभी भी दुनिया भर में सामने आ रहे हैं। आंध्र प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग ने ओमिक्रॉन के नए सब‑वेरिएंट RF.5 के 16 मामलों की पुष्टि की है। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक इन मरीज़ों में ज्यादातर हल्के लक्षण पाए गए हैं और किसी भी मरीज़ की स्थिति फिलहाल गंभीर नहीं बताई जा रही है, लेकिन विशेषज्ञ इसे भविष्य के लिए एक चेतावनी मान रहे हैं।

वायरोलॉजिस्ट्स का कहना है कि SARS‑CoV‑2 वायरस में म्यूटेशन की प्रक्रिया सामान्य है और इसी से नए सब‑वेरिएंट बनते रहते हैं। RF.5 अभी तक के डेटा के अनुसार बड़े पैमाने पर अस्पताल में भर्ती या मौतों से नहीं जुड़ा दिख रहा, लेकिन इसकी संक्रामकता यानी दूसरों तक फैलने की क्षमता पर निगरानी रखी जा रही है। जीनोम सीक्वेंसिंग लैब्स इन मामलों की प्रोफाइलिंग कर रही हैं, ताकि पता लगाया जा सके कि यह वेरिएंट और किन‑किन राज्यों या देशों में फैल चुका है।
इसी दौरान, पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से 10 साल के एक बच्चे के कोविड‑पॉज़िटिव होने की खबर सामने आई है। बच्चा हल्के बुखार और सर्दी‑जुकाम के लक्षणों के बाद टेस्ट में पॉज़िटिव पाया गया, हालांकि उसकी हालत स्थिर है और उसे होम या अस्पताल आइसोलेशन में रखा गया है (यह स्थानीय रिपोर्ट पर निर्भर करेगा)। यह मामला याद दिलाता है कि बच्चे भी संक्रमण से पूरी तरह मुक्त नहीं हैं, भले ही उनमें बीमारी का असर अपेक्षाकृत हल्का हो।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि वैक्सीनेशन और हाइब्रिड इम्युनिटी (टीका + प्राकृतिक संक्रमण) के कारण गंभीर बीमारी के मामले कम हुए हैं, लेकिन वेरिएंट बदलने से संक्रमण की लहरें दोबारा उठ सकती हैं। इसलिए भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनना, हाथों की साफ‑सफाई, लक्षण दिखने पर टेस्ट कराना और पॉज़िटिव आने पर घर में अलग रहना अब भी जरूरी है। बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, कैंसर या किडनी जैसी गंभीर बीमारियों के मरीज़ और इम्यूनो‑कम्प्रोमाइज़्ड लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।
