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'चलो संसद' मार्च पर दिल्ली पुलिस सख्त, बिना अनुमति प्रदर्शन पर होगी कानूनी कार्रवाई

संसद के मानसून सत्र से पहले दिल्ली पुलिस ने CJP के प्रस्तावित 'चलो संसद' मार्च को बिना अनुमति अवैध बताया है। नई दिल्ली में BNSS की धारा 163 लागू कर दी गई है, जिसके तहत भीड़, जुलूस और प्रदर्शन पर रोक रहेगी। पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

Neha Sharma20 जुल. 2026, 09:59 PM IST
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'चलो संसद' मार्च पर दिल्ली पुलिस सख्त, बिना अनुमति प्रदर्शन पर होगी कानूनी कार्रवाई
संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह कड़ी कर दी गई है। CJP (चात्र न्याय परिषद) द्वारा 20 जुलाई को प्रस्तावित 'चलो संसद' मार्च के ऐलान के बाद दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि इस प्रदर्शन के लिए न तो कोई अनुमति मांगी गई है और न ही प्रशासन ने इसकी मंजूरी दी है। ऐसे में बिना अनुमति मार्च, जुलूस या प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है, जिसे पहले CrPC की धारा 144 के नाम से जाना जाता था। इस आदेश के तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एक स्थान पर एकत्र होने, जुलूस निकालने और विरोध प्रदर्शन करने पर रोक रहेगी।
20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र को देखते हुए संसद परिसर और आसपास के पूरे इलाके को हाई सिक्योरिटी ज़ोन में तब्दील कर दिया गया है। पुलिस ने प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग, वाहनों की सघन जांच और लगातार गश्त बढ़ा दी है। नई दिल्ली के साथ-साथ मध्य दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में भी सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं।

CJP ने यह 'चलो संसद' मार्च NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर बुलाया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस का कहना है कि संसद के आसपास बिना पूर्व अनुमति किसी भी प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी जाएगी, क्योंकि यह क्षेत्र अत्यधिक संवेदनशील और सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस बीच, जंतर-मंतर पर CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके का अनशन जारी है। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें शनिवार को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

दिल्ली पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जंतर-मंतर जैसे निर्धारित प्रदर्शन स्थलों पर भी आयोजन से पहले प्रशासन की अनुमति लेना अनिवार्य है। यदि कोई व्यक्ति या संगठन धारा 163 का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 समेत अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि संसद सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।