government

₹3,500 करोड़ बकाया: मुंबई पोर्ट अथॉरिटी के डिफॉल्टरों में ताज होटल्स भी शामिल l

मुंबई पोर्ट अथॉरिटी (MbPA) ने करीब ₹3,500 करोड़ के बकाया की वसूली के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू कर दी है। बकायेदारों की सूची में ताज होटल्स समेत कई कंपनियां, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और विभिन्न परियोजनाएं शामिल हैं। प्राधिकरण ने बकाया राशि की वसूली के लिए संपत्तियों पर कब्जा लेने, लीज शर्तों के उल्लंघन पर कार्रवाई करने और कानूनी प्रक्रिया तेज करने का फैसला किया है। अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल राजस्व की वसूली नहीं, बल्कि मुंबई पोर्ट क्षेत्र की मूल्यवान जमीन और परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना भी है।

Kashish Rai21 जुल. 2026, 07:07 PM IST
खबर शेयर करें:
₹3,500 करोड़ बकाया: मुंबई पोर्ट अथॉरिटी के डिफॉल्टरों में ताज होटल्स भी शामिल l

मुंबई पोर्ट अथॉरिटी (MbPA) ने वर्षों से लंबित बकाया राशि की वसूली के लिए सख्त रुख अपनाते हुए बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। करीब ₹3,500 करोड़ के बकाया की वसूली के लिए चलाए जा रहे इस अभियान के दायरे में ताज होटल्स समेत कई बड़े संस्थान, कंपनियां और विभिन्न व्यावसायिक परियोजनाएं शामिल हैं। प्राधिकरण का कहना है कि जिन लीजधारकों ने लंबे समय से बकाया राशि जमा नहीं की है या लीज की शर्तों का उल्लंघन किया है, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


MbPA के अनुसार, बंदरगाह क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण और व्यावसायिक रूप से मूल्यवान संपत्तियां लंबे समय से बकाया भुगतान, लीज विवाद और अन्य कानूनी मामलों में फंसी हुई हैं। इससे न केवल प्राधिकरण के राजस्व पर असर पड़ा है, बल्कि कई परिसंपत्तियों का प्रभावी उपयोग भी नहीं हो पा रहा है। इसी को देखते हुए प्राधिकरण ने बकाया वसूली अभियान तेज करते हुए ऐसे मामलों के त्वरित निपटारे की प्रक्रिया शुरू की है।


अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई के तहत बकाया राशि की वसूली के लिए संपत्तियों पर कब्जा लेना, अवैध कब्जों को हटाना, लीज रद्द करना तथा आवश्यक होने पर कानूनी कार्रवाई करना जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। जिन मामलों में लीज की अवधि समाप्त हो चुकी है या लीजधारकों ने अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं किया है, वहां नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट के अनुसार, कार्रवाई के दायरे में होटल, व्यावसायिक परिसर, वेयरहाउस, क्रूज़ पर्यटन, शिपिंग और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से जुड़ी कई संपत्तियां शामिल हैं।


 MbPA का मानना है कि लंबे समय से लंबित मामलों के समाधान से न केवल बड़ी राशि की वसूली संभव होगी, बल्कि बंदरगाह क्षेत्र में विकास परियोजनाओं को भी गति मिलेगी। प्राधिकरण का कहना है कि मुंबई पोर्ट क्षेत्र देश की सबसे मूल्यवान शहरी परिसंपत्तियों में से एक है। ऐसे में इन जमीनों और संपत्तियों का योजनाबद्ध एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से बकायेदारों के खिलाफ अभियान तेज किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित मामलों में नियमानुसार आगे की कार्रवाई जारी रहेगी।