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राजस्थान में लंगर खाने के बाद 500 से ज्यादा लोग बीमार, अस्पतालों में मची अफरा-तफरी l
राजस्थान के झालावाड़ जिले के भवानीमंडी में ईदगाह परिसर में आयोजित लंगर का भोजन करने के बाद 500 से अधिक लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। प्रभावित लोगों को उल्टी, दस्त, पेट दर्द और कमजोरी की शिकायत होने पर सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। बड़ी संख्या में मरीजों के एक साथ पहुंचने से अस्पतालों में बेड कम पड़ गए और कई मरीजों का इलाज जमीन व स्ट्रेचर पर करना पड़ा। खाद्य सुरक्षा विभाग ने भोजन के नमूने जांच के लिए भेज दिए हैं, जबकि प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है। फिलहाल अधिकांश मरीजों की हालत स्थिर बताई जा रही है।

राजस्थान के झालावाड़ जिले के भवानीमंडी में रविवार को आयोजित एक लंगर के बाद फूड पॉइजनिंग की बड़ी घटना सामने आई। नगर के मेला मैदान स्थित ईदगाह परिसर में लंगर का भोजन करने के कुछ ही समय बाद 500 से अधिक लोगों की तबीयत बिगड़ गई। अचानक बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने से अस्पतालों में अफरा-तफरी मच गई और स्वास्थ्य विभाग को आपात व्यवस्था करनी पड़ी।
जानकारी के अनुसार, लंगर का भोजन करने के बाद लोगों को उल्टी, दस्त, पेट दर्द, कमजोरी और बेचैनी जैसी शिकायतें होने लगीं। देखते ही देखते मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी और लोग इलाज के लिए सरकारी उप जिला अस्पताल के साथ-साथ तीन निजी अस्पतालों में पहुंचने लगे। देर शाम तक 500 से अधिक मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंच चुके थे। प्रशासन का मानना है कि प्रभावित लोगों की संख्या इससे भी अधिक हो सकती है।
एक साथ बड़ी संख्या में मरीजों के पहुंचने से अस्पतालों की व्यवस्था चरमरा गई। कई जगह मरीजों के लिए बेड कम पड़ गए, जिसके कारण कई लोगों का इलाज जमीन पर लिटाकर करना पड़ा। कुछ मरीजों को स्ट्रेचर और टेबल पर प्राथमिक उपचार दिया गया। हालात को देखते हुए चिकित्सा विभाग ने अतिरिक्त डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी लगाई। साथ ही अतिरिक्त बेड, ग्लूकोज, ओआरएस और आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था भी की गई।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, चिकित्सा विभाग और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों ने अस्पतालों का निरीक्षण कर उपचार व्यवस्था का जायजा लिया। खाद्य सुरक्षा विभाग ने लंगर में परोसे गए भोजन के नमूने एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि भोजन में किस कारण से फूड पॉइजनिंग हुई और इतनी बड़ी संख्या में लोग इसकी चपेट में कैसे आए।
सीएमएचओ डॉ. साजिद खान ने गंभीर मरीजों की लगातार निगरानी करने और अस्पतालों में उपचार व्यवस्था को और मजबूत बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने निजी अस्पतालों को भी प्रभावित लोगों का निशुल्क इलाज करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी मरीज से इलाज के नाम पर शुल्क नहीं लिया जाएगा और जिन लोगों से पहले पैसे लिए गए हैं, उन्हें भी वापस कराए जाएंगे।
इस घटना के बाद पूरे इलाके में चिंता का माहौल है। स्वास्थ्य विभाग लगातार मरीजों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अधिकांश मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, जबकि गंभीर मरीजों का विशेष उपचार जारी है। पुलिस ने भी मामले में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
