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स्मार्ट सिटी 'अस्वच्छ'! डोंबिवली की 90 फीट रोड पर फुटपाथ कचरे की चपेट में, लोगों में नाराजगी

स्मार्ट सिटी का सपना दिखाने वाले डोंबिवली में ही नागरिकों को गंदगी और अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है। ठाकुर्ली क्षेत्र की 90 फीट रोड पर फुटपाथों पर फैले कचरे के ढेर, अतिक्रमण और खाद्य स्टॉलों के कारण पैदल चलने वालों को भारी परेशानी हो रही है। बारिश के मौसम में बदबू, मच्छरों और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ने से स्थानीय लोगों ने कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

Priyanka Gaikwad21 जुल. 2026, 07:09 PM IST
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स्मार्ट सिटी 'अस्वच्छ'! डोंबिवली की 90 फीट रोड पर फुटपाथ कचरे की चपेट में, लोगों में नाराजगी
डोंबिवली के ठाकुर्ली क्षेत्र की 90 फीट रोड कल्याण और डोंबिवली को जोड़ने वाला एक प्रमुख मार्ग माना जाता है। इस सड़क के किनारे बड़ी संख्या में रिहायशी इमारतें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और रेलवे स्टेशन की ओर आने-जाने वाले लोगों की लगातार आवाजाही रहती है। लेकिन इस मार्ग के फुटपाथों की स्थिति दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। फुटपाथों पर बड़े पैमाने पर कचरे के ढेर जमा हैं। कई स्थानों पर निर्माण मलबा और अन्य ठोस कचरा खुले में पड़ा हुआ है। इसके कारण पैदल यात्रियों को फुटपाथ छोड़कर मुख्य सड़क पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क के दोनों ओर अवैध खाद्य स्टॉल और अतिक्रमण लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे फुटपाथों का मूल उद्देश्य ही खत्म हो गया है। कई जगहों पर कचरा कई दिनों तक पड़ा रहता है, जिससे पूरे इलाके में दुर्गंध फैल रही है। बारिश के दौरान पानी जमा होने से मच्छरों की संख्या बढ़ रही है और डेंगू, मलेरिया समेत अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। नागरिकों का कहना है कि महानगरपालिका समय-समय पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तो करती है, लेकिन कुछ ही दिनों में फिर से वही स्थिति बन जाती है। इसलिए स्थानीय लोगों ने नियमित सफाई अभियान, प्रभावी कचरा प्रबंधन और लगातार अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाने की मांग की है।

स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर को आधुनिक और स्वच्छ बनाने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन नागरिकों का कहना है कि जब सुरक्षित और स्वच्छ फुटपाथ जैसी बुनियादी सुविधाएं ही उपलब्ध नहीं होंगी, तो स्मार्ट सिटी की अवधारणा अधूरी ही रहेगी। स्थानीय लोगों ने केडीएमसी प्रशासन से इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने और जल्द से जल्द प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है।