crime
आसाराम बापू की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख, AIIMS की रिपोर्ट बताएगी जेल से रिहाई का रास्ता
दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम बापू को मेडिकल आधार पर राहत देने से पहले सुप्रीम कोर्ट ने स्वास्थ्य जांच को अहम माना है। अदालत ने AIIMS से उनकी सेहत पर विस्तृत रिपोर्ट तलब करते हुए साफ किया कि गंभीर चिकित्सकीय जरूरत साबित होने पर ही जमानत पर विचार किया जाएगा।
Sonali21 जुल. 2026, 07:10 PM IST

दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम बापू की मेडिकल आधार पर जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 21 जुलाई 2026 को सुनवाई की। अदालत ने आसाराम बापू की स्वास्थ्य स्थिति का सही आकलन करने के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली से विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट मांगी है।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश (Justice M.M. Sundresh) और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले (Justice P.B. Varale) की पीठ ने की। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि केवल बीमारी का हवाला देने के आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती। अदालत तभी राहत देगी, जब मेडिकल रिपोर्ट से यह संतुष्ट हो जाए कि आसाराम की स्वास्थ्य स्थिति ऐसी है, जिसके कारण उन्हें जेल से बाहर इलाज की आवश्यकता है।
क्या है मामला?
आसाराम बापू का मामला वर्ष 2013 में सामने आया था, जब राजस्थान के जोधपुर स्थित उनके आश्रम में एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म का आरोप लगाया गया था। जांच के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था और उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
25 अप्रैल 2018 को जोधपुर की विशेष POCSO अदालत ने आसाराम को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अदालत ने उन्हें नाबालिग से दुष्कर्म का दोषी माना था। इसके बाद आसाराम ने अपनी सजा के खिलाफ राजस्थान हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी।
27 मई 2026 को राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने उनकी दोषसिद्धि और उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा। यह फैसला न्यायमूर्ति अरुण मोंगा और न्यायमूर्ति योगेंद्र कुमार पुरोहित की खंडपीठ ने सुनाया था। हाईकोर्ट ने उन्हें राहत देने से इनकार करते हुए उनकी जमानत याचिका भी खारिज कर दी थी।
इसके बाद आसाराम ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए मेडिकल आधार पर अंतरिम जमानत की मांग की।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान राजस्थान सरकार की ओर से दलील दी गई कि आसाराम की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर स्वतंत्र मेडिकल जांच जरूरी है। अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद AIIMS से विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम बनाकर रिपोर्ट पेश करने को कहा।
अब AIIMS की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर सुप्रीम कोर्ट यह तय करेगा कि आसाराम बापू को स्वास्थ्य कारणों से अंतरिम जमानत दी जा सकती है या नहीं।
मामले का नाम: Asha Ram @ Ashumal v. State of Rajasthan
