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जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए मुंबईकरों की परेशानी बढ़ी; पालिका कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर नागरिक

पुरानी SAP प्रणाली में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी होने के मामले के बाद मुंबई महानगरपालिका ने जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया को सख्त कर दिया है। हालांकि, नई व्यवस्था के कारण आम नागरिकों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रमाणपत्र में नाम, जन्मतिथि या अन्य छोटी गलतियों को सुधारने के लिए भी लोगों को कई बार महानगरपालिका कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर बीएमसी सभागृह में भी चर्चा हुई, जहां नगरसेवकों ने प्रक्रिया को आसान बनाने की मांग की।

Priyanka Gaikwad21 जुल. 2026, 07:12 PM IST
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जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए मुंबईकरों की परेशानी बढ़ी; पालिका कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर नागरिक
मुंबई : मुंबई महानगरपालिका (BMC) की जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र व्यवस्था में पुरानी SAP प्रणाली के दौरान हुई गड़बड़ियों और कथित फर्जी प्रमाणपत्र मामले के बाद प्रशासन ने अब जांच प्रक्रिया को और सख्त कर दिया है। फर्जी दस्तावेजों पर रोक लगाने के लिए उठाए गए इन कदमों का असर अब आम नागरिकों पर भी दिखाई दे रहा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद जन्म प्रमाणपत्र बनवाने और उसमें सुधार कराने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक लंबी हो गई है। नाम में छोटी गलती, जन्मतिथि में सुधार या अन्य मामूली बदलाव के लिए भी नागरिकों को अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने पड़ रहे हैं और कई बार महानगरपालिका कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

समय पर जन्म प्रमाणपत्र नहीं मिलने से कई लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। विदेश में उच्च शिक्षा के लिए जाने वाले छात्रों, विवाह पंजीकरण कराने वाले नागरिकों, पासपोर्ट और अन्य सरकारी कामों के लिए दस्तावेजों की जरूरत रखने वाले लोगों को प्रमाणपत्र में देरी का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले को लेकर मुंबई महानगरपालिका के सभागृह में भी चर्चा हुई। भाजपा नगरसेवक नील सोमैया ने जन्म पंजीकरण प्रक्रिया की विशेष जांच और नियमित ऑडिट कराने की मांग की। उन्होंने फर्जी जन्म प्रमाणपत्र मामले की पूरी जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने की मांग भी उठाई।

वहीं, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) की नगरसेविका श्रद्धा जाधव ने नागरिकों को हो रही परेशानियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से मांग की कि जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए और नागरिकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएं। सभागृह में नगरसेवकों ने फर्जी जन्म प्रमाणपत्र मामले में अब तक हुई कार्रवाई, अधिकारियों की कार्यप्रणाली और प्रमाणपत्र मिलने में हो रही देरी को लेकर प्रशासन से जवाब मांगा।
नागरिकों की सुविधा के लिए नगरसेवकों ने ऑनलाइन प्रक्रिया को और मजबूत करने, एक ही पोर्टल पर आवेदन से लेकर प्रमाणपत्र प्राप्त करने तक की पूरी सुविधा उपलब्ध कराने, आवेदन की स्थिति ऑनलाइन देखने की सुविधा और वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग टोकन व्यवस्था शुरू करने की मांग की।

महानगरपालिका प्रशासन की ओर से अतिरिक्त आयुक्त विपिन शर्मा ने बताया कि पुरानी SAP प्रणाली को बंद कर 12 जून से CRS (Civil Registration System) प्रणाली लागू की गई है। नई प्रणाली को लेकर कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और शुरुआती तकनीकी समस्याओं को दूर करने के प्रयास जारी हैं।
प्रशासन का कहना है कि CRS प्रणाली लागू होने के बाद जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और पारदर्शी होगी। हालांकि, नागरिकों की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए प्रक्रिया को अधिक सरल और तेज करने की जरूरत पर भी जोर दिया जा रहा है।