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भारत में पहली डेंगू वैक्सीन QDENGA को मंजूरी, डेंगू रोकथाम में खुला नया अध्याय

भारत में डेंगू की रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। देश के ड्रग रेगुलेटर ने जापान की फार्मास्यूटिकल कंपनी Takeda द्वारा विकसित डेंगू वैक्सीन QDENGA को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही QDENGA भारत में स्वीकृत होने वाली पहली डेंगू वैक्सीन बन गई है। यह मंजूरी ऐसे समय पर मिली है जब मानसून के दौरान देश के कई राज्यों में डेंगू और अन्य मच्छरजनित बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ने लगते हैं।

Vindhya Dubey21 जुल. 2026, 07:14 PM IST
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भारत में पहली डेंगू वैक्सीन QDENGA को मंजूरी, डेंगू रोकथाम में खुला नया अध्याय

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि QDENGA की उपलब्धता डेंगू की रोकथाम की रणनीति को नई मजबूती दे सकती है। अब तक भारत में डेंगू से बचाव का मुख्य आधार मच्छरों की रोकथाम, साफ-सफाई, लार्वा नियंत्रण और समय पर चिकित्सा उपचार रहा है। वैक्सीन के शामिल होने से भविष्य में डेंगू के गंभीर मामलों और अस्पताल में भर्ती होने की संख्या कम करने में मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।


ड्रग रेगुलेटर की मंजूरी के अनुसार, QDENGA वैक्सीन 4 से 60 वर्ष की आयु के लोगों के लिए अनुमोदित की गई है। इसे दो डोज़ में लगाया जाएगा, जिनके बीच तीन महीने का अंतर रखा जाएगा। इस वैक्सीन की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसे उन लोगों को भी लगाया जा सकता है जिन्हें पहले कभी डेंगू हुआ हो और उन लोगों को भी जिन्हें डेंगू का संक्रमण नहीं हुआ है। QDENGA को डेंगू वायरस के चारों सीरोटाइप (DEN-1, DEN-2, DEN-3 और DEN-4) के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत जैसे देश में, जहां अलग-अलग क्षेत्रों में डेंगू वायरस के विभिन्न प्रकार सक्रिय रहते हैं, वहां चारों सीरोटाइप के खिलाफ सुरक्षा देने वाली वैक्सीन सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।


Takeda के अनुसार, वैक्सीन को मंजूरी भारत में किए गए क्लिनिकल अध्ययनों और वैश्विक परीक्षणों से प्राप्त सुरक्षा एवं प्रभावकारिता के आंकड़ों के आधार पर मिली है। कंपनी ने संकेत दिया है कि आवश्यक नियामकीय और व्यावसायिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद QDENGA अगले वर्ष की पहली छमाही तक भारतीय बाजार में उपलब्ध कराई जा सकती है।


भारत में हर वर्ष, विशेष रूप से बरसात के मौसम में, डेंगू के हजारों मामले सामने आते हैं और कई मरीजों को गंभीर जटिलताओं के कारण अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है। ऐसे में पहली डेंगू वैक्सीन को मिली मंजूरी को सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। हालांकि विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट किया है कि वैक्सीन उपलब्ध होने के बाद भी मच्छर नियंत्रण, साफ-सफाई, जलभराव रोकने और व्यक्तिगत बचाव के उपाय पहले की तरह ही आवश्यक बने रहेंगे, क्योंकि डेंगू की रोकथाम के लिए बहुस्तरीय रणनीति अपनाना जरूरी है।