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कैंसर के खिलाफ सरकार की बड़ी तैयारी, 770 जिला NCD क्लीनिक और 524 कैंसर सेंटर तैयार
देश में कैंसर और अन्य गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) के बढ़ते बोझ को देखते हुए केंद्र सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर लगातार जोर दे रही है। राष्ट्रीय गैर-संचारी रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम (NP-NCD) के तहत अब तक 524 डे-केयर कैंसर सेंटर और 770 जिला स्तरीय एनसीडी क्लीनिक स्थापित किए जा चुके हैं। सरकार का उद्देश्य कैंसर, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान और उपचार सुनिश्चित करना है, ताकि मरीजों को अपने ही जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

सरकार के अनुसार, जिला स्तर पर विकसित किए जा रहे डे-केयर कैंसर सेंटर मरीजों को कीमोथेरेपी जैसी आवश्यक सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराएंगे। इससे इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर जाने की मजबूरी कम होगी और रोगियों का समय तथा खर्च दोनों बचेंगे। इन केंद्रों को विशेषज्ञ अस्पतालों से जोड़ने के लिए हब-एंड-स्पोक मॉडल अपनाया जा रहा है, जिससे जरूरत पड़ने पर मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं तक आसानी से रेफर किया जा सके।
कैंसर के साथ-साथ अन्य गैर-संचारी रोगों की रोकथाम और उपचार के लिए देशभर में 770 जिला एनसीडी क्लीनिक और 6,410 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) स्तर के एनसीडी क्लीनिक भी संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और सामान्य कैंसर की जांच तथा उपचार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके अलावा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से 30 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों की मुंह, स्तन और सर्वाइकल कैंसर की नियमित स्क्रीनिंग भी की जा रही है, जिससे बीमारी का शुरुआती चरण में पता लगाया जा सके।
केंद्र सरकार कैंसर उपचार के लिए विशेष चिकित्सा संस्थानों के नेटवर्क का भी विस्तार कर रही है। देश में कई स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट और टर्शियरी केयर कैंसर सेंटर विकसित किए गए हैं, जबकि नए एम्स संस्थानों में भी कैंसर जांच और उपचार सेवाओं को मजबूत किया गया है। सरकार का मानना है कि इन प्रयासों से कैंसर और अन्य गैर-संचारी रोगों के इलाज की पहुंच बढ़ेगी और मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जिला स्तर तक कैंसर और एनसीडी सेवाओं का विस्तार सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। समय पर जांच, शुरुआती पहचान और स्थानीय स्तर पर इलाज की सुविधा मिलने से गंभीर बीमारियों से होने वाली जटिलताओं और मृत्यु दर को कम करने में मदद मिल सकती है। सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य देशभर में ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित करना है, जहां प्रत्येक नागरिक को अपने क्षेत्र में ही सुलभ और प्रभावी उपचार उपलब्ध हो सके।
