education
इंजीनियरिंग एडमिशन में 'बेटरमेंट' अब महंगा, बेहतर सीट के लिए देने होंगे 6 हजार रुपये तक
महाराष्ट्र में इंजीनियरिंग प्रवेश प्रक्रिया (CAP) के दौरान बेहतर कॉलेज या ब्रांच पाने के लिए 'बेटरमेंट' विकल्प चुनने वाले छात्रों को अब अतिरिक्त शुल्क देना होगा। राज्य CET सेल ने नई शुल्क व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत पहली बार सीट स्वीकार करने पर 1,000 रुपये, दूसरी बार नई सीट मिलने पर 2,000 रुपये और तीसरी बार नई सीट मिलने पर 3,000 रुपये शुल्क लिया जाएगा। यानी लगातार तीन बार सीट अपग्रेड कराने पर कुल 6,000 रुपये तक का भुगतान करना पड़ सकता है। इस फैसले का छात्रों और अभिभावकों ने विरोध शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा और बेहतर कॉलेज पाने के अवसर सीमित हो जाएंगे।
Priyanka Gaikwad22 जुल. 2026, 02:55 PM IST

महाराष्ट्र राज्य कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (State CET Cell) ने शैक्षणिक वर्ष 2026-27 की इंजीनियरिंग प्रवेश प्रक्रिया के लिए सीट स्वीकृति (Seat Acceptance) और 'बेटरमेंट' प्रक्रिया में नई शुल्क संरचना लागू कर दी है। नई व्यवस्था के अनुसार, यदि कोई छात्र पहले आवंटित सीट को सुरक्षित रखते हुए अगले राउंड में बेहतर कॉलेज या ब्रांच हासिल करना चाहता है, तो हर बार नई सीट मिलने पर उसे अलग-अलग शुल्क देना होगा। नई शुल्क व्यवस्था के तहत पहली बार सीट स्वीकार करने पर 1,000 रुपये, दूसरी बार नई सीट मिलने पर 2,000 रुपये और तीसरी बार नई सीट मिलने पर 3,000 रुपये शुल्क देना होगा। इस तरह लगातार तीन बार सीट अपग्रेड कराने वाले छात्र को कुल 6,000 रुपये तक का भुगतान करना पड़ सकता है।
CET Cell का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य सीट ब्लॉकिंग को रोकना, खाली सीटों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना और प्रवेश प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाना है। अधिकारियों के अनुसार यह शुल्क CAP राउंड के आधार पर नहीं, बल्कि छात्र को कितनी बार नई सीट आवंटित हुई है, उसके आधार पर लिया जाएगा। हालांकि, इस नई व्यवस्था का छात्रों, अभिभावकों और विभिन्न छात्र संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि पहले पूरी 'बेटरमेंट' प्रक्रिया के लिए केवल 1,000 रुपये शुल्क लिया जाता था, जबकि अब इसे बढ़ाकर 6,000 रुपये तक कर दिया गया है। उनका आरोप है कि इस फैसले का सबसे अधिक असर ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों पर पड़ेगा, क्योंकि बेहतर कॉलेज या पसंदीदा ब्रांच पाने के लिए उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ेगा।
छात्र संगठनों ने राज्य CET Cell से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने और नई शुल्क व्यवस्था वापस लेने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने छात्रों के हित में फैसला नहीं बदला, तो राज्यभर में आंदोलन किया जाएगा। वहीं CET Cell का कहना है कि यह बदलाव प्रवेश प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित बनाने और योग्य छात्रों तक सीटों का बेहतर आवंटन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है।
