Visvesvaraya Technological University (VTU) ने Google के साथ एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक समझौता किया है, जिसके तहत कर्नाटक के लगभग 220 इंजीनियरिंग कॉलेजों के करीब 3 लाख छात्रों और शिक्षकों को AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी और अन्य आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रदान कर उन्हें रोजगार के लिए बेहतर तरीके से तैयार करना है। Google के अलावा Qualcomm और Bharat Skills Foundation जैसे साझेदार भी इस कौशल विकास अभियान का हिस्सा होंगे, जिससे इंजीनियरिंग शिक्षा को अधिक व्यावहारिक और रोजगारोन्मुख बनाने में मदद मिलेगी। (VTU) ने Google के साथ एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक समझौता किया है, जिसके तहत कर्नाटक के लगभग 220 इंजीनियरिंग कॉलेजों के करीब 3 लाख छात्रों और शिक्षकों को AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी और अन्य आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रदान कर उन्हें रोजगार के लिए बेहतर तरीके से तैयार करना है। Google के अलावा Qualcomm और Bharat Skills Foundation जैसे साझेदार भी इस कौशल विकास अभियान का हिस्सा होंगे, जिससे इंजीनियरिंग शिक्षा को अधिक व्यावहारिक और रोजगारोन्मुख बनाने में मदद मिलेगी। (VTU) ने Google के साथ एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक समझौता किया है, जिसके तहत कर्नाटक के लगभग 220 इंजीनियरिंग कॉलेजों के करीब 3 लाख छात्रों और शिक्षकों को AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी और अन्य आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रदान कर उन्हें रोजगार के लिए बेहतर तरीके से तैयार करना है। Google के अलावा Qualcomm और Bharat Skills Foundation जैसे साझेदार भी इस कौशल विकास अभियान का हिस्सा होंगे, जिससे इंजीनियरिंग शिक्षा को अधिक व्यावहारिक और रोजगारोन्मुख बनाने में मदद मिलेगी।
कर्नाटक: कर्नाटक के लाखों इंजीनियरिंग छात्रों को अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सिक्योरिटी, डेटा साइंस और अन्य उभरती तकनीकों की उद्योग-आधारित ट्रेनिंग मिलेगी। विश्वेश्वरैया प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (VTU) ने Google के साथ एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक समझौता (MoU) किया है, जिसका उद्देश्य छात्रों को केवल डिग्री तक सीमित न रखकर उन्हें रोजगार के लिए पूरी तरह तैयार करना है। यह पहल भारत में इंजीनियरिंग शिक्षा को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
Visvesvaraya Technological University (VTU), जो कर्नाटक के सबसे बड़े तकनीकी विश्वविद्यालयों में से एक है, ने Google के साथ अकादमिक साझेदारी की है। इस समझौते के तहत विश्वविद्यालय से संबद्ध इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्रों और शिक्षकों को AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य छात्रों को वास्तविक उद्योग आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रदान करना है ताकि वे पढ़ाई पूरी करते ही रोजगार के लिए तैयार हों।
VTU से लगभग 220 इंजीनियरिंग कॉलेज जुड़े हुए हैं और इनमें करीब 3 लाख छात्र अध्ययन कर रहे हैं। इस साझेदारी का लाभ इन सभी छात्रों तक चरणबद्ध तरीके से पहुंचाया जाएगा। Google द्वारा तैयार किए गए लर्निंग मॉड्यूल के माध्यम से छात्रों को आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान मिलेगा। शिक्षकों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे नई तकनीकों के अनुसार पढ़ाई करा सकें।
किन विषयों की होगी ट्रेनिंग?
• आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
• मशीन लर्निंग
• क्लाउड कंप्यूटिंग
• डेटा साइंस
• साइबर सिक्योरिटी
• डिजिटल स्किल्स
• उद्योग आधारित समस्या समाधान
• रोजगार और इंटरव्यू की तैयारी
Google का उद्देश्य छात्रों को केवल तकनीकी जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें वास्तविक कार्यस्थल की चुनौतियों के लिए भी तैयार करना है।
इस समझौते की खास बात यह है कि केवल छात्रों को ही नहीं बल्कि इंजीनियरिंग कॉलेजों के फैकल्टी सदस्यों को भी नई तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शिक्षक आधुनिक तकनीकों में दक्ष होंगे तो छात्रों की शिक्षा की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
रोजगार क्षमता बढ़ाने पर रहेगा फोकस
आज कंपनियां केवल डिग्री नहीं बल्कि व्यावहारिक कौशल रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता देती हैं। इसी वजह से इस कार्यक्रम में इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स, AI आधारित प्रोजेक्ट, क्लाउड प्लेटफॉर्म पर काम करने का अनुभव और रोजगार उन्मुख प्रशिक्षण शामिल किया गया है। इससे इंजीनियरिंग छात्रों की प्लेसमेंट संभावनाओं में सुधार होने की उम्मीद है।
Google के अलावा VTU ने Qualcomm (Stem Lore Innovators LLP के माध्यम से), Bharat Skills Foundation और अन्य उद्योग साझेदारों के साथ भी समझौते किए हैं। इनके तहत Edge AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, AI, एम्बेडेड सिस्टम्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), प्रोडक्ट प्रोटोटाइपिंग, डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म, GATE तैयारी, AI आधारित मॉक इंटरव्यू, इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट और इंटर्नशिप जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। Bharat Skills Foundation चरणबद्ध तरीके से लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से कौशल विकास केंद्र स्थापित करेगी।
नई शिक्षा नीति से कैसे जुड़ी है पहल?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के उस उद्देश्य को मजबूत करती है जिसमें कौशल आधारित शिक्षा, उद्योग-अकादमिक सहयोग और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों पर जोर दिया गया है। आज AI और डिजिटल तकनीक तेजी से बदल रही हैं, इसलिए विश्वविद्यालयों के लिए उद्योगों के साथ साझेदारी करना आवश्यक होता जा रहा है।
भारत के लिए यह पहल क्यों महत्वपूर्ण है?
भारत दुनिया का सबसे बड़ा इंजीनियरिंग केंद्र तैयार करने वाले देशों में शामिल है, लेकिन लंबे समय से यह चिंता जताई जाती रही है कि बड़ी संख्या में छात्र उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल नहीं रखते। Google और VTU की यह साझेदारी इस अंतर को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यदि यह मॉडल सफल रहता है तो भविष्य में अन्य विश्वविद्यालय भी वैश्विक टेक कंपनियों के साथ इसी तरह के समझौते कर सकते हैं।
छात्रों के लिए क्या होंगे फायदे?
इस पहल से छात्रों को नई तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा, रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी, उद्योग-मानक प्रमाणन और प्रोजेक्ट आधारित सीखने का अवसर मिलेगा, शिक्षकों की क्षमता में सुधार होगा तथा कॉलेजों और उद्योगों के बीच सहयोग मजबूत होगा। इससे कर्नाटक के इंजीनियरिंग छात्रों को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिल सकती है।