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महाराष्ट्र पुलिस का MP में बड़ा ऑपरेशन, 45 घरों की तलाशी और 12 लोग हिरासत में
महाराष्ट्र पुलिस ने अवैध हथियारों के कथित नेटवर्क के खिलाफ मध्य प्रदेश के उमरती गांव में बड़ा ऑपरेशन चलाया। करीब 400 पुलिसकर्मियों ने पांच घंटे तक छापेमारी कर 45 घरों की तलाशी ली। इस दौरान करीब 20 लोगों से पूछताछ और 12 लोगों को सत्यापन के लिए हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने कथित तौर पर हथियार निर्माण से जुड़े मोल्ड, कच्चा माल और उपकरण भी बरामद किए हैं।

मुंबई/बड़वानी, 22 जुलाई 2026। महाराष्ट्र पुलिस ने अवैध हथियारों की तस्करी और निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश के एक गांव में बड़े पैमाने पर छापेमारी की। करीब 400 पुलिसकर्मियों की टीम ने कई घंटे तक चले इस ऑपरेशन में गांव के दर्जनों घरों की तलाशी ली। कार्रवाई के दौरान कई लोगों से पूछताछ की गई और कुछ संदिग्धों को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की।
एक गांव पर पुलिस की पूरी नजर
महाराष्ट्र पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, अधिकारियों का ध्यान मध्य प्रदेश के उमरती गांव की ओर गया। पुलिस को संदेह था कि यह इलाका अवैध हथियारों के निर्माण और आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। इसके बाद पुलिस ने गांव में एक बड़े ऑपरेशन की योजना तैयार की। कार्रवाई के दौरान करीब 400 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। पुलिस टीम ने लगभग पांच घंटे तक गांव में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान करीब 45 घरों की तलाशी लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
45 घरों की तलाशी, कई लोगों से पूछताछ
ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने गांव के कई संदिग्ध ठिकानों की जांच की। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 20 लोगों से पूछताछ की गई, जबकि 12 लोगों को सत्यापन के लिए हिरासत में लिया गया।
पुलिस की कार्रवाई का मकसद कथित अवैध हथियार निर्माण और उसके नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान करना था। अधिकारियों ने उन स्थानों की भी जांच की, जहां हथियार बनाने या उन्हें तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाले उपकरण और सामग्री रखे जाने का संदेह था।
हथियार बनाने के उपकरण और कच्चा माल बरामद
तलाशी अभियान के दौरान पुलिस को कथित तौर पर हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले मोल्ड, कच्चा माल और कुछ उपकरण बरामद हुए। इन सामानों की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका इस्तेमाल किस तरह के हथियारों के निर्माण में किया जाता था और इस नेटवर्क का संचालन कौन कर रहा था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित तौर पर तैयार किए गए हथियार कहां भेजे जाते थे और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
महाराष्ट्र से MP तक पहुंचा जांच का सिरा
इस कार्रवाई की सबसे अहम कड़ी यह है कि महाराष्ट्र पुलिस की जांच एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंची। अवैध हथियारों से जुड़े मामलों की जांच के दौरान सामने आए सुरागों के आधार पर पुलिस ने मध्य प्रदेश के उमरती गांव पर ध्यान केंद्रित किया। इसके बाद स्थानीय पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों के सहयोग से बड़े स्तर पर छापेमारी की गई। इतनी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती यह बताती है कि अधिकारियों ने ऑपरेशन को बेहद संवेदनशील मानते हुए पहले से व्यापक तैयारी की थी।
अब नेटवर्क की पूरी कड़ी खंगाल रही पुलिस
छापेमारी के बाद पुलिस का फोकस अब कथित अवैध हथियार नेटवर्क की पूरी सप्लाई चेन का पता लगाने पर है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हथियार बनाने के लिए कच्चा माल कहां से आता था, तैयार हथियार किन लोगों तक पहुंचते थे और इनके पीछे किसी संगठित गिरोह की भूमिका थी या नहीं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या उमरती गांव में अवैध हथियार निर्माण का काम लंबे समय से चल रहा था और क्या इस नेटवर्क के तार महाराष्ट्र के अलावा अन्य राज्यों तक भी जुड़े हुए हैं।
बड़ी कार्रवाई से अवैध हथियार नेटवर्क पर शिकंजा
महाराष्ट्र पुलिस की इस कार्रवाई को अवैध हथियारों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण अभियान के तौर पर देखा जा रहा है। करीब 400 पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में पांच घंटे तक चले ऑपरेशन ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में अवैध हथियारों के निर्माण और तस्करी का नेटवर्क किस तरह काम करता है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ और बरामद सामग्री की जांच के बाद इस पूरे नेटवर्क से जुड़े और भी नाम सामने आने की संभावना है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित हथियार नेटवर्क की जड़ें कितनी गहरी हैं और इसका संचालन किन लोगों द्वारा किया जा रहा था।
