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C-Section के बाद संक्रमण का खतरा? तेलंगाना अस्पताल में 5 महिलाओं की तबीयत बिगड़ी

तेलंगाना के एक अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी (C-section) के बाद पांच महिलाओं में स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं सामने आने का मामला सामने आया है। इनमें से तीन महिलाओं को गंभीर हालत के चलते ICU में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था और ऑपरेशन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

Vindhya Dubey22 जुल. 2026, 06:49 PM IST
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C-Section के बाद संक्रमण का खतरा? तेलंगाना अस्पताल में 5 महिलाओं की तबीयत बिगड़ी

C-Section के बाद बिगड़ी महिलाओं की हालत

जानकारी के अनुसार, अस्पताल में कई महिलाओं की सिजेरियन डिलीवरी की गई थी। ऑपरेशन के बाद कुछ मरीजों में संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के लक्षण दिखाई दिए, जिसके बाद उन्हें निगरानी में रखा गया। परिजनों के अनुसार, ऑपरेशन के बाद महिलाओं की तबीयत अचानक खराब होने लगी। कुछ मरीजों को तेज बुखार, कमजोरी और अन्य जटिलताओं के कारण ICU में शिफ्ट करना पड़ा।

तीन महिलाएं ICU में, डॉक्टरों की निगरानी में इलाज

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, प्रभावित महिलाओं को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। तीन मरीजों की स्थिति को देखते हुए उन्हें ICU में रखा गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। अस्पताल ने कहा है कि मरीजों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और इलाज में किसी तरह की कमी नहीं छोड़ी जा रही है।

मेडिकल लापरवाही के आरोपों पर जांच शुरू

घटना के बाद महिलाओं के परिजनों ने इलाज और ऑपरेशन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। कुछ परिवारों ने आरोप लगाया कि सर्जरी के बाद जरूरी सावधानियों और संक्रमण नियंत्रण के मानकों का पालन नहीं किया गया। हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने फिलहाल किसी भी लापरवाही की पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि जटिलताएं किस वजह से हुईं।

C-Section के बाद किन कारणों से हो सकती हैं जटिलताएं?

विशेषज्ञों के अनुसार, सिजेरियन डिलीवरी एक बड़ी सर्जिकल प्रक्रिया होती है। इसके बाद संक्रमण, अत्यधिक रक्तस्राव, एनेस्थीसिया से जुड़ी समस्या या घाव में परेशानी जैसी जटिलताएं हो सकती हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, ऑपरेशन के बाद मरीज की लगातार निगरानी, साफ-सफाई के मानकों का पालन और समय पर उपचार बेहद जरूरी होता है। किसी भी संक्रमण या असामान्य लक्षण को नजरअंदाज करने से स्थिति गंभीर हो सकती है।

स्वास्थ्य विभाग ने मांगी रिपोर्ट

मामले की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल से रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों की टीम ऑपरेशन रिकॉर्ड, मरीजों की मेडिकल हिस्ट्री, दवाओं के इस्तेमाल और पोस्ट-ऑपरेटिव केयर की समीक्षा कर रही है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि सभी मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन किया गया था या नहीं और महिलाओं में आई जटिलताओं के पीछे कोई चिकित्सकीय लापरवाही तो नहीं थी।

मरीजों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने अस्पतालों में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं, सर्जिकल सुरक्षा और संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रसव के दौरान और उसके बाद मां की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। फिलहाल तीन महिलाएं ICU में डॉक्टरों की निगरानी में हैं और बाकी मरीजों का इलाज जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मामला मेडिकल जटिलता का है या किसी स्तर पर लापरवाही हुई।