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क्या आपका RO पानी सेहत के लिए सही है? जानें कितना TDS है बेहतर और कब कराएं सर्विस।
आज के समय में ज्यादातर घरों में पीने के पानी को साफ और सुरक्षित बनाने के लिए RO (Reverse Osmosis) का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि RO से निकलने वाले पानी का TDS (Total Dissolved Solids) स्तर कितना होना चाहिए? विशेषज्ञों के अनुसार, बहुत कम या बहुत ज्यादा TDS वाला पानी लंबे समय तक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। वहीं, RO की नियमित सर्विस न कराने से पानी की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है।

RO पानी का TDS कितना होना चाहिए?
TDS पानी में मौजूद घुले हुए खनिजों और लवणों की मात्रा को दर्शाता है। इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम, सोडियम जैसे मिनरल्स शामिल होते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पीने के पानी का TDS सामान्य तौर पर 50 से 300 ppm (parts per million) के बीच होना बेहतर माना जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, लगभग 300 ppm तक का TDS वाला पानी स्वाद और स्वीकार्यता के लिहाज से अच्छा माना जाता है, जबकि बहुत कम TDS वाले पानी में जरूरी मिनरल्स की मात्रा कम हो सकती है। हालांकि, पानी की गुणवत्ता केवल TDS से तय नहीं होती। पानी में बैक्टीरिया, केमिकल और अन्य प्रदूषकों की जांच भी जरूरी होती है।
बहुत कम TDS वाला पानी क्यों हो सकता है चिंता का कारण?
कई लोग RO से पानी को इतना शुद्ध कर लेते हैं कि उसमें मौजूद प्राकृतिक मिनरल्स की मात्रा काफी कम हो जाती है। लंबे समय तक बेहद कम TDS वाला पानी पीने से शरीर में जरूरी खनिजों की कमी को लेकर विशेषज्ञ सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। यूरोलॉजिस्ट और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर के लिए पानी में कुछ आवश्यक मिनरल्स का होना भी जरूरी है। इसलिए RO की सेटिंग ऐसी होनी चाहिए कि पानी से हानिकारक तत्व निकल जाएं, लेकिन जरूरी मिनरल्स पूरी तरह खत्म न हों।
ज्यादा TDS वाला पानी भी हो सकता है नुकसानदायक
अगर पानी में TDS बहुत अधिक है तो उसमें नमक, भारी धातु या अन्य घुले हुए पदार्थों की मात्रा ज्यादा हो सकती है। इससे पानी का स्वाद खराब हो सकता है और लंबे समय तक ऐसे पानी के सेवन को लेकर स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, पानी की जांच समय-समय पर कराते रहना जरूरी है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां भूजल में खनिजों की मात्रा अधिक होती है।
RO की सर्विस कितने समय में करानी चाहिए?
यूरोलॉजिस्ट और वाटर क्वालिटी विशेषज्ञों के अनुसार, RO की नियमित सर्विस बेहद जरूरी है।
हर 6 से 12 महीने में RO की सर्विस करानी चाहिए।
पानी की गुणवत्ता खराब होने वाले क्षेत्रों में सर्विस जल्दी करानी पड़ सकती है।
RO के फिल्टर और मेम्ब्रेन की समय-समय पर जांच जरूरी है।
पानी का स्वाद बदलने, गंध आने या TDS बढ़ने पर तुरंत जांच करानी चाहिए।
RO सर्विस न कराने से क्या हो सकता है?
समय पर सर्विस न कराने पर RO के फिल्टर में गंदगी जमा हो सकती है, जिससे पानी की शुद्धता प्रभावित हो सकती है। खराब फिल्टर के कारण बैक्टीरिया और अशुद्धियां पानी में जाने का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा RO मशीन की कार्यक्षमता भी कम हो सकती है और पानी की बर्बादी बढ़ सकती है।
घर में पानी की गुणवत्ता कैसे जांचें?
समय-समय पर TDS मीटर से पानी की जांच करें।
RO के फिल्टर बदलने का समय नोट करें।
पानी में गंध या स्वाद में बदलाव को नजरअंदाज न करें।
जरूरत पड़ने पर लैब से पानी की जांच कराएं।
RO का इस्तेमाल पानी को सुरक्षित बनाने के लिए किया जाता है, लेकिन सही रखरखाव और सही TDS स्तर बनाए रखना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, न तो बहुत कम और न ही बहुत ज्यादा TDS वाला पानी लंबे समय के लिए बेहतर माना जाता है। RO की नियमित सर्विस और पानी की गुणवत्ता की जांच से परिवार के स्वास्थ्य को बेहतर तरीके से सुरक्षित रखा जा सकता है।
