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MBBS-BDS में कॉलेजों की सीधी प्रवेश प्रक्रिया खत्म, सीट छोड़ने वालों पर दो साल की रोक।

महाराष्ट्र सरकार ने मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों की इंस्टीट्यूशनल (कॉलेज स्तर की) एडमिशन प्रक्रिया समाप्त कर दी है। अब एमबीबीएस और बीडीएस की सभी सीटों पर प्रवेश केवल राज्य CET सेल की केंद्रीकृत काउंसलिंग के माध्यम से होगा। अंतिम चरण में सीट मिलने के बावजूद प्रवेश नहीं लेने वाले विद्यार्थियों को अगले दो वर्षों तक मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति नहीं मिलेगी। यह निर्णय 2024 और 2025 में इंस्टीट्यूशनल राउंड को लेकर उठे विवाद और न्यायालय की अनुमति से हुई प्रवेश प्रक्रिया की पृष्ठभूमि में लिया गया है।

Priyanka Gaikwad23 जुल. 2026, 08:31 PM IST
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MBBS-BDS में कॉलेजों की सीधी प्रवेश प्रक्रिया खत्म, सीट छोड़ने वालों पर दो साल की रोक।
मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों के लिए कॉलेज स्तर पर होने वाली इंस्टीट्यूशनल एडमिशन प्रक्रिया पर पूरी तरह रोक लगा दी है। अब प्रथम वर्ष की सभी सीटों पर प्रवेश केवल राज्य CET सेल द्वारा आयोजित केंद्रीकृत काउंसलिंग के माध्यम से ही किया जाएगा। इस संबंध में राज्य सरकार ने नई अधिसूचना जारी कर दी है। अब तक केंद्रीय काउंसलिंग पूरी होने के बाद यदि कुछ सीटें खाली रह जाती थीं, तो कई निजी मेडिकल कॉलेजों को इंस्टीट्यूशनल राउंड आयोजित कर सीधे प्रवेश देने की अनुमति मिल जाती थी। हालांकि इस प्रक्रिया को लेकर लगातार पारदर्शिता और मेरिट से जुड़े सवाल उठते रहे।

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने वर्ष 2023 में ही स्पष्ट कर दिया था कि मेडिकल की सभी सीटों पर प्रवेश केंद्रीकृत प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए। इसके बावजूद वर्ष 2024 और 2025 में कुछ निजी मेडिकल कॉलेजों ने न्यायालय की अनुमति के बाद रिक्त सीटों पर इंस्टीट्यूशनल राउंड आयोजित किए थे। अब सरकार ने इस व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। नई अधिसूचना के अनुसार यदि किसी विद्यार्थी को अंतिम काउंसलिंग राउंड में सीट आवंटित होती है और वह प्रवेश नहीं लेता, जिससे सीट खाली रह जाती है, तो ऐसे अभ्यर्थी को अगले दो शैक्षणिक वर्षों तक मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे सीट ब्लॉकिंग पर रोक लगेगी और योग्य विद्यार्थियों को समय पर प्रवेश मिल सकेगा।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब मेडिकल कॉलेज अपने स्तर पर किसी भी प्रकार की अलग प्रवेश प्रक्रिया आयोजित नहीं कर सकेंगे। सभी रिक्त सीटों का आवंटन केवल CET सेल की केंद्रीकृत प्रक्रिया के माध्यम से ही किया जाएगा। इसके अलावा नए नियमों के तहत बारहवीं कक्षा में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोटेक्नोलॉजी विषयों के साथ पढ़ाई करने वाले पात्र विद्यार्थियों को भी एमबीबीएस प्रवेश के लिए आवेदन करने की अनुमति दी गई है। यह संशोधन राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के नए पात्रता मानकों के अनुरूप किया गया है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी, सीटों की अनावश्यक बर्बादी रुकेगी और मेरिट के आधार पर विद्यार्थियों को समय पर प्रवेश मिलने में मदद मिलेगी।