health

कॉफी दिल की दुश्मन या दोस्त? अमेरिकी हार्ट एसोसिएशन ने बताया सच, हर कप का असर हर व्यक्ति पर अलग

क्या रोज़ कॉफी पीना दिल के लिए नुकसानदायक है या फायदेमंद? इस बहस पर American Heart Association (AHA) ने नया वैज्ञानिक बयान जारी किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, अधिकांश स्वस्थ लोगों के लिए सीमित मात्रा में कॉफी सुरक्षित हो सकती है और इससे हृदय रोग का खतरा भी कम हो सकता है। लेकिन यह फायदा हर व्यक्ति को समान रूप से मिले, ऐसा जरूरी नहीं है। कॉफी का असर आपकी उम्र, आनुवंशिक बनावट, स्वास्थ्य और पीने की आदतों पर निर्भर करता है।

Kalpana Gautam24 जुल. 2026, 12:32 AM IST
खबर शेयर करें:
कॉफी दिल की दुश्मन या दोस्त? अमेरिकी हार्ट एसोसिएशन ने बताया सच, हर कप का असर हर व्यक्ति पर अलग
AHA (American Heart Association) के अनुसार, अधिकांश स्वस्थ वयस्कों के लिए प्रतिदिन 400 mg तक कैफीन (लगभग 3–5 कप 8-औंस ब्लैक कॉफी) सामान्यतः सुरक्षित मानी जाती है। साथ ही, शोध यह भी संकेत देते हैं कि सीमित मात्रा में कॉफी पीने से हृदय रोग, स्ट्रोक और टाइप-2 डायबिटीज़ का जोखिम कम हो सकता है। हालांकि, यह सलाह सभी लोगों पर समान रूप से लागू नहीं होती और ऊर्जा पेय (Energy Drinks) या अत्यधिक कैफीन का सेवन जोखिम बढ़ा सकता है। 

नई दिल्ली: सुबह की शुरुआत एक गर्मागर्म कॉफी से करना करोड़ों लोगों की दिनचर्या का हिस्सा है। लेकिन वर्षों से यह सवाल बना हुआ है कि क्या कॉफी दिल के लिए अच्छी है या नुकसानदायक? अब इस बहस पर American Heart Association (AHA) ने नया वैज्ञानिक दृष्टिकोण पेश किया है, जिसमें बताया गया है कि जवाब इतना सीधा नहीं है जितना लोग समझते हैं। 
क्या रोज कॉफ़ी पीना सही है.jpg
Image caption

AHA के अनुसार, कॉफी केवल कैफीन नहीं है। इसमें सैकड़ों जैव-सक्रिय (Bioactive) तत्व मौजूद होते हैं, जो शरीर पर अलग-अलग प्रभाव डाल सकते हैं। इसलिए केवल कैफीन को देखकर कॉफी के फायदे या नुकसान का आकलन करना सही नहीं होगा। 

क्या कॉफी दिल के लिए फायदेमंद हो सकती है?
वैज्ञानिक समीक्षा के अनुसार, अधिकांश स्वस्थ वयस्कों के लिए रोज़ाना लगभग 3 से 5 कप (करीब 400 mg कैफीन) तक ब्लैक कॉफी का सेवन सुरक्षित माना गया है। कई अध्ययनों में यह भी पाया गया कि सीमित मात्रा में कॉफी पीने वालों में हृदय रोग, स्ट्रोक, हार्ट फेल्योर और टाइप-2 डायबिटीज़ का जोखिम अपेक्षाकृत कम देखा गया। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि अधिक कॉफी पीने से अधिक लाभ मिलेगा। 

हर व्यक्ति पर अलग होता है असर
विशेषज्ञों का कहना है कि कॉफी का प्रभाव हर व्यक्ति में अलग हो सकता है। कुछ लोगों में कैफीन से धड़कन तेज होना, रक्तचाप बढ़ना, घबराहट या अनिद्रा जैसी समस्याएं हो सकती हैं, जबकि अन्य लोगों में ऐसा प्रभाव नहीं दिखता। इसकी वजह आनुवंशिक अंतर, उम्र, पहले से मौजूद बीमारियां और शरीर की कैफीन सहन करने की क्षमता हो सकती है। 

ब्लैक कॉफी बेहतर, एनर्जी ड्रिंक से सावधान
AHA ने स्पष्ट किया है कि सामान्य कॉफी और हाई-कैफीन एनर्जी ड्रिंक्स को एक जैसा नहीं माना जा सकता। एनर्जी ड्रिंक्स में अत्यधिक कैफीन और अन्य उत्तेजक तत्व होने के कारण हृदय की धड़कन में गड़बड़ी और अन्य जोखिम बढ़ सकते हैं। वहीं, बिना अधिक चीनी और क्रीम वाली फिल्टर्ड ब्लैक कॉफी अपेक्षाकृत बेहतर विकल्प मानी जाती है। 

किन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी?
यदि किसी व्यक्ति को पहले से हृदय रोग, अनियंत्रित उच्च रक्तचाप, अनियमित धड़कन, गर्भावस्था या कैफीन से संवेदनशीलता है, तो कॉफी की मात्रा तय करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक है। विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि देर शाम या रात में कॉफी पीने से बचें, क्योंकि इससे नींद प्रभावित हो सकती है। 

निष्कर्ष
कॉफी न तो पूरी तरह नुकसानदायक है और न ही कोई चमत्कारी पेय। यदि इसका सेवन संतुलित मात्रा, स्वस्थ जीवनशैली और संतुलित आहार के साथ किया जाए, तो यह अधिकांश स्वस्थ लोगों के लिए सुरक्षित हो सकती है। लेकिन यदि कॉफी पीने के बाद घबराहट, तेज धड़कन, अनिद्रा या बेचैनी महसूस होती है, तो इसकी मात्रा कम करना और चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर होगा। आखिरकार, दिल की सेहत का सबसे बड़ा मंत्र केवल कॉफी नहीं, बल्कि संतुलित जीवनशैली है।