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NEET पेपर लीक पर संसद में सियासी संग्राम, आमने-सामने आए NDA और विपक्ष l

संसद के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को नीट (NEET) पेपर लीक और राहुल गांधी के प्रधानमंत्री आवास तक किए गए प्रदर्शन को लेकर संसद परिसर में राजनीतिक माहौल गरमा गया। मकर द्वार पर एनडीए और विपक्षी सांसद आमने-सामने आ गए और दोनों पक्षों ने अपने-अपने मुद्दों को लेकर जोरदार नारेबाजी की। सरकार ने कहा कि मामले की जांच सीबीआई कर रही है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी, जबकि विपक्ष ने परीक्षा प्रणाली की विफलता का आरोप लगाते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की, जिस पर राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोला।

Kashish Rai24 जुल. 2026, 12:33 AM IST
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NEET पेपर लीक पर संसद में सियासी संग्राम, आमने-सामने आए NDA और विपक्ष l

संसद के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को नीट (NEET) पेपर लीक विवाद और राहुल गांधी के प्रधानमंत्री आवास तक किए गए प्रदर्शन को लेकर संसद परिसर में राजनीतिक तनाव देखने को मिला। संसद भवन के मकर द्वार पर एनडीए और विपक्षी सांसद आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों ने अपने-अपने मुद्दों को लेकर जोरदार नारेबाजी की, जिससे कुछ समय के लिए संसद परिसर का माहौल पूरी तरह राजनीतिक विरोध-प्रदर्शन में बदल गया।


एनडीए सांसदों ने प्रधानमंत्री आवास तक किए गए राहुल गांधी के प्रदर्शन का विरोध किया और इसे राजनीतिक ड्रामा बताया। दूसरी ओर विपक्षी सांसदों ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के खिलाफ प्रदर्शन किया। विपक्ष का आरोप था कि परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता बनाए रखने में सरकार पूरी तरह विफल रही है, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। प्रदर्शन के दौरान दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ लगातार नारे लगाते रहे।


सरकार की ओर से कहा गया कि शिक्षा मंत्रालय की शिकायत के आधार पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने नीट पेपर लीक मामले की जांच शुरू कर दी है। विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं और जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। सरकार ने भरोसा दिलाया कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए आवश्यक सुधार किए जाएंगे, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। सरकार का दावा है कि छात्रों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।


वहीं विपक्ष ने सरकार के दावों को खारिज करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। विपक्षी नेताओं का कहना है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने में असफल रही है और इसके कारण देशभर के लाखों छात्रों को मानसिक तनाव और अनिश्चितता का सामना करना पड़ा है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने समय रहते उचित कदम नहीं उठाए। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर युवाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किए जाएंगे, ताकि दोषियों को शीघ्र और कठोर सजा मिल सके तथा ऐसे मामलों का त्वरित निस्तारण हो।


प्रधानमंत्री की इस घोषणा पर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पलटवार किया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि देश के युवाओं के भविष्य को सबसे अधिक नुकसान मौजूदा सरकार के कार्यकाल में हुआ है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को कमजोर होने दिया और पेपर लीक जैसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की। संसद के भीतर और बाहर इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार जारी है। एक ओर सरकार जांच और सुधारों का भरोसा दे रही है, वहीं विपक्ष इसे छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहा है। ऐसे में संभावना है कि मानसून सत्र के दौरान भी यह मुद्दा संसद में प्रमुखता से उठता रहेगा।