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पुलिसकर्मी की हत्या के बाद पूरे कश्मीर में छापेमारी, 2,500 से ज्यादा हिरासत में

अनंतनाग में पुलिस हेड कॉन्स्टेबल की हत्या के बाद जम्मू-कश्मीर में बड़े पैमाने पर सुरक्षा अभियान चलाया गया। घाटी के कई जिलों में छापेमारी के दौरान 2,500 से अधिक संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। सुरक्षा एजेंसियां आतंकियों के नेटवर्क और उनके सहयोगियों की तलाश में लगातार अभियान चला रही हैं।

Neha Sharma24 जुल. 2026, 12:33 AM IST
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पुलिसकर्मी की हत्या के बाद पूरे कश्मीर में छापेमारी, 2,500 से ज्यादा हिरासत में
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में पुलिस हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन की आतंकवादी हमले में हत्या के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे कश्मीर में बड़े पैमाने पर आतंकवाद विरोधी अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत अब तक 2,500 से अधिक लोगों को पूछताछ और सत्यापन के लिए हिरासत में लिया गया है। यह कार्रवाई हाल के वर्षों में घाटी में चलाए गए सबसे बड़े सुरक्षा अभियानों में से एक मानी जा रही है। 

बुधवार को अनंतनाग के व्यस्त लाल चौक बाजार में ड्यूटी के दौरान अज्ञात आतंकियों ने हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन पर बेहद करीब से गोलीबारी की। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। इस हमले ने घाटी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं। 

हमले के तुरंत बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना, सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त अभियान शुरू किया। श्रीनगर, अनंतनाग, पुलवामा, शोपियां, कुलगाम, बारामूला, सोपोर, बडगाम, गांदरबल और कुपवाड़ा समेत कई जिलों में देर रात तक छापेमारी की गई। सुरक्षा एजेंसियों ने 2,500 से अधिक संदिग्ध ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGWs) और आतंकियों के सहयोगियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। अधिकारियों का कहना है कि हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान और उनके संभावित आतंकी नेटवर्क से संबंधों की जांच की जा रही है। 

जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने अनंतनाग में दो संदिग्ध आतंकियों से जुड़े बताए जा रहे मकानों को भी ध्वस्त किया। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई आतंकवाद के नेटवर्क को कमजोर करने और आतंकियों को मिलने वाली स्थानीय मदद पर रोक लगाने के उद्देश्य से की गई है। हालांकि, इस कार्रवाई पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। 

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पुलिसकर्मी की हत्या की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि आतंकवाद से लड़ाई में जनता का विश्वास बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है और सुरक्षा अभियानों में आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। 

हमले के बाद पूरे कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं। प्रमुख सड़कों पर नाकेबंदी, वाहनों की तलाशी और पहचान जांच अभियान लगातार जारी है। सुरक्षा एजेंसियां हमले में शामिल आतंकियों की तलाश में कई स्थानों पर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। 

अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जिन लोगों के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिलेगा, उन्हें रिहा कर दिया जाएगा। वहीं, जिनके आतंकवादी संगठनों से संबंध पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।