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5 लाख के मुआवजे के लिए मां की हत्या, बेटे की साजिश का खुलासा l
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में एक युवक पर वन विभाग से 5 लाख रुपये का मुआवजा पाने के लिए अपनी मां की हत्या करने का आरोप लगा है। आरोपी ने हत्या के बाद दावा किया कि उसकी मां पर गुलदार ने हमला किया था और इसी आधार पर मुआवजे की मांग की। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला के शरीर पर किसी जंगली जानवर के हमले के निशान नहीं मिले और मौत का कारण गला दबाना सामने आया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी बेटे को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस और वन विभाग अब पूरे मामले की गहन जांच कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक पर अपनी ही मां की हत्या कर वन विभाग से 5 लाख रुपये का मुआवजा हासिल करने की साजिश रचने का आरोप लगा है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पहले अपनी मां की गला दबाकर हत्या की और फिर इसे गुलदार के हमले में हुई मौत बताकर अधिकारियों और ग्रामीणों को गुमराह करने की कोशिश की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
यह घटना बिजनौर जिले के हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र की है। पुलिस के अनुसार, सोमवार को बीरो देवी अपने बेटे बहाल सिंह के साथ खेत में चारा लेने गई थीं। आरोप है कि इसी दौरान बहाल सिंह ने सुनसान जगह का फायदा उठाकर अपनी मां की गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात के बाद उसने गांव पहुंचकर शोर मचाया कि उसकी मां पर गुलदार ने हमला कर दिया और उसने उन्हें बचाने की कोशिश भी की।
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लगातार गुलदार की मौजूदगी की खबरों से पहले से नाराज ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों का आरोप था कि क्षेत्र में गुलदार के आतंक के बावजूद विभाग ने उसे पकड़ने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया है। इस दौरान आरोपी बेटे ने भी ग्रामीणों और अधिकारियों के सामने दावा किया कि उसने अपनी मां को बचाने के लिए गुलदार से संघर्ष किया था। ग्रामीणों ने वन विभाग से मुआवजे की मांग करते हुए शव उठाने से इनकार कर दिया। काफी देर तक चले हंगामे के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने 5 लाख रुपये का मुआवजा देने का लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज सकी।
मामले ने उस समय नया मोड़ लिया जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि महिला के शरीर पर किसी जंगली जानवर के हमले के निशान नहीं थे। मेडिकल जांच में मौत का कारण गला दबाना पाया गया। इसके बाद पुलिस को पूरे घटनाक्रम पर संदेह हुआ और जांच की दिशा बदल दी गई। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी बेटे ने कथित तौर पर वन विभाग से मुआवजा हासिल करने के उद्देश्य से पूरी कहानी गढ़ी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने बहाल सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हत्या की साजिश कब और कैसे रची गई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में फोरेंसिक साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले सबूतों और आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं वन विभाग भी इस मामले में अपने स्तर पर जांच कर रहा है कि मुआवजा प्रक्रिया का दुरुपयोग करने की कोशिश कैसे की गई। यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मामले की जांच पूरी होने तक किसी भी तरह की अफवाहों पर विश्वास न करें। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
