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भूख हड़ताल के दौरान शरीर के अंदर क्या होता है? विशेषज्ञों ने दिए 5 अहम सवालों के वैज्ञानिक जवाब, जानिए कब बढ़ जाता है जान का खतरा

देश में हाल ही में लंबी भूख हड़तालों को लेकर स्वास्थ्य संबंधी चर्चाएं तेज हुई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक भोजन न लेने पर शरीर पहले ऊर्जा के भंडार का उपयोग करता है, फिर वसा और अंततः मांसपेशियों एवं महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचने लगता है। यदि समय पर चिकित्सकीय निगरानी न मिले तो स्थिति जानलेवा हो सकती है।

Kalpana Gautam24 जुल. 2026, 01:32 AM IST
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भूख हड़ताल के दौरान शरीर के अंदर क्या होता है? विशेषज्ञों ने दिए 5 अहम सवालों के वैज्ञानिक जवाब, जानिए कब बढ़ जाता है जान का खतरा
हाल के दिनों में लंबी भूख हड़ताल को लेकर लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं। डॉक्टरों और चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, भूख हड़ताल केवल वजन घटने तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह पूरे शरीर की कार्यप्रणाली को प्रभावित करती है। शरीर धीरे-धीरे "सर्वाइवल मोड" में चला जाता है और कई महत्वपूर्ण अंगों पर इसका असर पड़ने लगता है। 

1. भूख हड़ताल शुरू होने के बाद सबसे पहले शरीर में क्या होता है?
विशेषज्ञ बताते हैं कि पहले 24 घंटे तक शरीर भोजन से प्राप्त ग्लूकोज़ और लिवर में जमा ग्लाइकोजन का उपयोग करता है। इसके बाद ऊर्जा की कमी होने पर शरीर वसा (Fat) को जलाना शुरू करता है और धीरे-धीरे "कीटोसिस" (Ketosis) की स्थिति में पहुंच जाता है। 

2. क्या लंबे समय तक भूखे रहने से मांसपेशियां और अंग प्रभावित होते हैं?
हाँ। यदि भूख हड़ताल कई दिनों तक जारी रहती है तो शरीर केवल वसा ही नहीं, बल्कि मांसपेशियों के प्रोटीन को भी ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल करने लगता है। इससे कमजोरी, चक्कर, चलने-फिरने में कठिनाई और अंततः हृदय व श्वसन संबंधी मांसपेशियों पर भी असर पड़ सकता है। 

3. सबसे बड़ा स्वास्थ्य खतरा क्या होता है?
डॉक्टरों के अनुसार लंबे उपवास के दौरान शरीर में पोटैशियम, सोडियम और मैग्नीशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ सकता है। इससे अनियमित धड़कन (Arrhythmia), बेहोशी, किडनी की समस्या और कई मामलों में जान का खतरा भी पैदा हो सकता है। 

4. क्या भूख हड़ताल खत्म करने के बाद तुरंत सामान्य भोजन करना सुरक्षित है?
विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि नहीं। लंबे समय तक भोजन न लेने के बाद अचानक सामान्य खाना शुरू करने से रीफीडिंग सिंड्रोम (Refeeding Syndrome) हो सकता है। यह एक गंभीर स्थिति है, जिसमें इलेक्ट्रोलाइट्स तेजी से बदलते हैं और हृदय, मस्तिष्क तथा श्वसन तंत्र पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए भोजन धीरे-धीरे और डॉक्टरों की निगरानी में शुरू किया जाना चाहिए। 

5. क्या हर व्यक्ति समान अवधि तक भूख हड़ताल सह सकता है?
नहीं। यह व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य, वजन, शरीर में वसा की मात्रा, पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की उपलब्धता तथा पहले से मौजूद बीमारियों पर निर्भर करता है। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ दिनों का उपवास और कई सप्ताह की भूख हड़ताल पूरी तरह अलग परिस्थितियाँ हैं। लंबे समय तक भोजन न लेने वाले व्यक्ति की नियमित चिकित्सकीय निगरानी आवश्यक होती है। 

दावा: भूख हड़ताल के दौरान शरीर में गंभीर जैविक परिवर्तन होते हैं।
निष्कर्ष: सत्य। चिकित्सा विशेषज्ञों और हालिया स्वास्थ्य रिपोर्टों के अनुसार, लंबे समय तक भोजन न लेने पर शरीर ऊर्जा के लिए पहले ग्लाइकोजन, फिर वसा और अंततः मांसपेशियों का उपयोग करता है। लंबे उपवास से इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन, अंगों को नुकसान और रीफीडिंग सिंड्रोम जैसी गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं।