health
₹2.50 का ORS ₹15 में, ₹150 की बेडशीट ₹450 में! दिल्ली के कथित 700 करोड़ रुपये के हेल्थ प्रोक्योरमेंट घोटाले ने उठाए बड़े सवाल।
दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग में लगभग ₹700 करोड़ के कथित मेडिकल प्रोक्योरमेंट घोटाले की जांच जारी है। एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) के अनुसार, ORS, बेडशीट, पोर्टेबल एक्स-रे मशीन और अन्य मेडिकल उपकरणों की खरीद बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर किए जाने के आरोप हैं। मामले में कई वरिष्ठ अधिकारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच अभी जारी है।
Kalpana Gautam24 जुल. 2026, 11:02 AM IST

दिल्ली के सरकारी स्वास्थ्य विभाग में सामने आए कथित ₹700 करोड़ के मेडिकल खरीद घोटाले ने सरकारी खरीद प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) की जांच के अनुसार, सरकारी अस्पतालों के लिए आवश्यक दवाइयों, मेडिकल उपकरणों और उपभोग्य सामग्रियों की खरीद में भारी वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे हैं।
जांच में सामने आए आरोपों के अनुसार
- ₹2.50 का ORS सैशे लगभग ₹15 में खरीदा गया।
- ₹150 की अस्पताल बेडशीट के लिए ₹450 तक भुगतान किया गया।
- करीब ₹10 लाख की पोर्टेबल एक्स-रे मशीन लगभग ₹33 लाख प्रति यूनिट में खरीदी गई।
कौन-कौन जांच के घेरे में?
मामले में दिल्ली सरकार की सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) और डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS) से जुड़े कई अधिकारियों की भूमिका जांच के दायरे में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पूर्व DGHS प्रमुख, CPA के पूर्व अधिकारियों सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि कुछ अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है।
टेंडर में हेरफेर के आरोप
जांच एजेंसियों का आरोप है कि कुछ निविदाओं (Tender) की शर्तें इस प्रकार तैयार की गईं कि चुनिंदा कंपनियों को ही लाभ मिले। साथ ही, शेल कंपनियों और कथित फर्जी आपूर्तिकर्ताओं के माध्यम से सरकारी धन के दुरुपयोग की भी जांच की जा रही है।
यह मामला पूरी तरह सत्यापित जांच के दायरे में है, लेकिन यह स्पष्ट करना जरूरी है कि:
- ₹700 करोड़ के घोटाले का आरोप ACB की जांच और दर्ज FIR पर आधारित है।
- जांच अभी जारी है और अदालत द्वारा किसी भी आरोपी को दोषी घोषित नहीं किया गया है।
