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महाराष्ट्र के 423 शहरों की बदलेगी तस्वीर: ₹44,800 करोड़ के 'अर्बन चैलेंज फंड' से सड़क, पानी और स्वच्छता परियोजनाओं को मिलेगा बड़ा सहारा
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के 423 शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) के लिए ₹44,800 करोड़ के अर्बन चैलेंज फंड (Urban Challenge Fund) की शुरुआत की है। इस योजना का उद्देश्य शहरों में सड़क, पेयजल, सीवरेज, ट्रैफिक, कचरा प्रबंधन और शहरी पुनर्विकास जैसी आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना है। यह योजना केंद्र, राज्य और बाजार आधारित वित्तपोषण के मिश्रित मॉडल पर लागू की जाएगी।
Kalpana Gautam24 जुल. 2026, 11:02 AM IST

मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के 423 शहरी स्थानीय निकायों (Urban Local Bodies) के लिए ₹44,800 करोड़ के अर्बन चैलेंज फंड की घोषणा की है। सरकार का दावा है कि यह योजना राज्य के शहरों को आधुनिक, स्वच्छ, आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी। यह निर्णय शहरी विकास विभाग द्वारा जारी सरकारी प्रस्ताव (GR) के माध्यम से लागू किया गया है।
योजना के तहत 2025-26 से 2030-31 तक विभिन्न शहरी विकास परियोजनाओं पर कार्य किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर इसकी अवधि तीन वर्ष तक बढ़ाई भी जा सकती है।
किन क्षेत्रों पर रहेगा सबसे ज्यादा फोकस?
सरकार ने इस फंड के माध्यम से कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को प्राथमिकता दी है, जिनमें शामिल हैं:
- बेहतर और चौड़ी सड़कें
- स्वच्छ पेयजल एवं जलापूर्ति व्यवस्था
- सीवरेज एवं ड्रेनेज सिस्टम
- ठोस कचरा प्रबंधन
- ट्रैफिक जाम कम करने की परियोजनाएं
- लास्ट-माइल कनेक्टिविटी
- पुराने बाजारों और शहरों का पुनर्विकास
- शहरी बाढ़ नियंत्रण
- हरित एवं सतत विकास
- फ्लाईओवर, ट्रांजिट हब और डिजिटल गवर्नेंस परियोजनाएं।
कैसे जुटाया जाएगा ₹44,800 करोड़?
- यह योजना ब्लेंडेड फाइनेंस मॉडल पर आधारित होगी।
- 25% तक सहायता केंद्र सरकार देगी।
- कम से कम 50% राशि नगर निकाय, बैंक ऋण, म्युनिसिपल बॉन्ड या PPP मॉडल से जुटाई जाएगी।
- शेष 25% राशि राज्य सरकार या संबंधित स्थानीय निकाय उपलब्ध कराएंगे।
छोटे शहरों को भी मिलेगा लाभ
एक लाख से कम आबादी वाले शहरों के लिए क्रेडिट रिपेमेंट गारंटी की व्यवस्था की जाएगी, जिससे छोटे नगर परिषद और नगर पंचायत भी बाजार से आसानी से ऋण लेकर विकास परियोजनाएं शुरू कर सकेंगी।
बड़े शहरों में आधुनिक सुविधाओं पर जोर
20 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में कन्वेंशन सेंटर, आधुनिक पुस्तकालय, खेल परिसर, वेलनेस पार्क, मेडिटेशन सेंटर और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के विकास को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
