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डिजिटल निगरानी से तेज होगी विकास की रफ्तार, PRAGATI बैठक में पीएम मोदी का फोकस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने PRAGATI (Pro-Active Governance and Timely Implementation) बैठक में राष्ट्रीय विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए समयबद्ध कार्यान्वयन, बेहतर समन्वय और डिजिटल निगरानी पर विशेष जोर दिया। बैठक में सड़क, रेलवे, ऊर्जा, जल संसाधन और अन्य प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की स्थिति पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को लंबित बाधाओं को शीघ्र दूर कर निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजनाओं को पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि नागरिकों को विकास कार्यों का लाभ समय पर मिल सके।

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने PRAGATI (Pro-Active Governance and Timely Implementation) बैठक के माध्यम से एक बार फिर राष्ट्रीय विकास परियोजनाओं की समयबद्ध प्रगति, बेहतर समन्वय और प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। बैठक में विभिन्न मंत्रालयों, राज्य सरकारों और संबंधित एजेंसियों द्वारा संचालित प्रमुख बुनियादी ढांचा एवं सार्वजनिक कल्याण परियोजनाओं की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि आम नागरिकों को विकास कार्यों का लाभ समय पर मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि परियोजनाओं में अनावश्यक देरी न केवल लागत बढ़ाती है, बल्कि विकास की गति को भी प्रभावित करती है।
क्या है PRAGATI?
PRAGATI (Pro-Active Governance and Timely Implementation) केंद्र सरकार का एक डिजिटल, बहु-स्तरीय और इंटरैक्टिव प्लेटफॉर्म है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2015 में की गई थी। इसका उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर प्रमुख परियोजनाओं, जन शिकायतों और महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा करना है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रधानमंत्री सीधे विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों और राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हैं।
बैठक में किन विषयों पर रहा जोर?
- राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेसवे परियोजनाएं
- रेलवे और मेट्रो परियोजनाएं
- बंदरगाह एवं लॉजिस्टिक्स विकास
- ऊर्जा एवं बिजली से जुड़ी परियोजनाएं
- जल संसाधन और सिंचाई परियोजनाएं
- शहरी विकास एवं स्मार्ट सिटी परियोजनाएं
- सार्वजनिक कल्याण योजनाओं का क्रियान्वयन
समयबद्ध परियोजनाओं पर विशेष जोर
बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि विकास परियोजनाओं में देरी से लागत बढ़ती है और जनता को मिलने वाले लाभ में भी विलंब होता है। इसलिए सभी एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ बाधाओं का समय रहते समाधान करना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय मंजूरी, तकनीकी स्वीकृति और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़े लंबित मामलों का तेजी से निपटारा किया जाए।
तकनीक आधारित निगरानी को बढ़ावा
- परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की जाती है।
- लंबित मामलों की पहचान होती है।
- संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जाते हैं।
- राज्यों और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होता है।
- निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक तेज और पारदर्शी बनती है।
राज्यों के साथ बेहतर समन्वय
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय विकास परियोजनाओं की सफलता केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों पर निर्भर करती है। इसलिए सभी संबंधित विभागों को नियमित संवाद बनाए रखने और समस्याओं का समय रहते समाधान करने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों से नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने और विकास कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने पर भी जोर दिया।
नागरिकों को होगा सीधा लाभ
- बेहतर सड़क और परिवहन सुविधाएं
- तेज रेल और मेट्रो नेटवर्क
- बिजली एवं ऊर्जा आपूर्ति में सुधार
- सिंचाई और जल प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था
- रोजगार के नए अवसर
- व्यापार और निवेश को बढ़ावा
- क्षेत्रीय विकास और आर्थिक गतिविधियों में तेजी
प्रशासनिक दक्षता में होगा सुधार
PRAGATI प्रणाली केवल परियोजनाओं की निगरानी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक जवाबदेही और निर्णय प्रक्रिया को भी मजबूत बनाती है। नियमित समीक्षा बैठकों से विभागों के बीच समन्वय बढ़ता है और समस्याओं का समय पर समाधान संभव हो पाता है। इससे सरकारी परियोजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता बढ़ती है।
भारत के विकास विजन को मिलेगी गति
विशेषज्ञों का मानना है कि बुनियादी ढांचा, परिवहन, ऊर्जा और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़ी परियोजनाओं का समय पर पूरा होना भारत की आर्थिक वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है। PRAGATI जैसे डिजिटल निगरानी मंच के माध्यम से परियोजनाओं की नियमित समीक्षा देश के विकास लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में सहायक हो सकती है।
PRAGATI बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय विकास परियोजनाओं की समयबद्ध पूर्णता पर दिया गया जोर सरकार की विकास-केंद्रित कार्यशैली को दर्शाता है। डिजिटल निगरानी, बेहतर समन्वय और नियमित समीक्षा के माध्यम से परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने का प्रयास न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ाएगा, बल्कि देश के बुनियादी ढांचे, अर्थव्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को भी नई गति प्रदान करेगा।
