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आपकी प्लेट में छिपा दिल का दुश्मन! जानिए ट्रांस फैट कैसे पहुंचाता है शरीर को नुकसान

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में पैकेज्ड फूड, फास्ट फूड और तले हुए खाद्य पदार्थों का सेवन तेजी से बढ़ा है। स्वाद और सुविधा के कारण लोग इनका इस्तेमाल तो करते हैं, लेकिन इनमें मौजूद कुछ तत्व धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इन्हीं में से एक है ट्रांस फैट (Trans Fat), जिसे विशेषज्ञ हृदय स्वास्थ्य के लिए सबसे खतरनाक फैट में से एक मानते हैं। यह शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ाकर दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है।

Vindhya Dubey24 जुल. 2026, 09:05 PM IST
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आपकी प्लेट में छिपा दिल का दुश्मन! जानिए ट्रांस फैट कैसे पहुंचाता है शरीर को नुकसान

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और कई स्वास्थ्य संस्थाएं औद्योगिक ट्रांस फैट को खत्म करने की दिशा में काम कर रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रांस फैट का सेवन कम करना हृदय रोगों की रोकथाम के लिए बेहद जरूरी कदम हो सकता है।

क्या होता है ट्रांस फैट?

ट्रांस फैट एक प्रकार का असंतृप्त वसा (Unsaturated Fat) होता है। यह दो तरह का हो सकता है—प्राकृतिक और औद्योगिक। प्राकृतिक ट्रांस फैट कुछ मात्रा में मांस और डेयरी उत्पादों में पाया जाता है, लेकिन स्वास्थ्य के लिए सबसे ज्यादा चिंता औद्योगिक ट्रांस फैट को लेकर होती है। औद्योगिक ट्रांस फैट को आमतौर पर वनस्पति तेलों में हाइड्रोजन मिलाकर बनाया जाता है। इस प्रक्रिया को आंशिक हाइड्रोजनीकरण (Partial Hydrogenation) कहा जाता है। इससे तेल अधिक स्थिर हो जाता है, खाद्य पदार्थों की शेल्फ लाइफ बढ़ जाती है और उनका स्वाद व बनावट लंबे समय तक बनी रहती है। इसी वजह से कई खाद्य कंपनियां पहले इसका इस्तेमाल बेकरी उत्पादों, स्नैक्स और प्रोसेस्ड फूड में करती थीं।

किन खाद्य पदार्थों में पाया जाता है ट्रांस फैट?

ट्रांस फैट कई ऐसे खाद्य पदार्थों में मौजूद हो सकता है जिनका सेवन लोग नियमित रूप से करते हैं। इनमें पैकेज्ड बिस्किट, कुकीज, नमकीन, चिप्स, केक, पेस्ट्री, डोनट्स, फास्ट फूड, फ्रोजन फूड, मार्जरीन और वनस्पति घी जैसी चीजें शामिल हैं। इसके अलावा, बार-बार गर्म किए गए तेल में बने खाद्य पदार्थों में भी ट्रांस फैट की मात्रा बढ़ सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, बाहर के तले हुए खाद्य पदार्थों का लगातार सेवन शरीर में हानिकारक फैट की मात्रा बढ़ा सकता है।

ट्रांस फैट दिल के लिए क्यों है खतरनाक?

विशेषज्ञों के अनुसार ट्रांस फैट शरीर में कोलेस्ट्रॉल के संतुलन को बिगाड़ देता है। यह LDL यानी खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाता है। जब शरीर में LDL की मात्रा बढ़ती है तो यह धमनियों की दीवारों पर जमा होकर प्लाक बना सकता है। समय के साथ यह स्थिति एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis) का कारण बन सकती है, जिसमें रक्त वाहिकाएं संकरी और कठोर हो जाती हैं। इससे रक्त प्रवाह प्रभावित होता है और हार्ट अटैक व स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा ट्रांस फैट HDL यानी अच्छे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी कम कर सकता है। HDL शरीर से अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को हटाने में मदद करता है, इसलिए इसका कम होना हृदय स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक माना जाता है।

शरीर में बढ़ा सकता है सूजन और बीमारियों का खतरा

ट्रांस फैट केवल कोलेस्ट्रॉल को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि शरीर में क्रॉनिक इंफ्लेमेशन यानी लंबे समय तक रहने वाली सूजन को भी बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार सूजन रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकती है और कई गंभीर बीमारियों के खतरे को बढ़ा सकती है। अध्ययनों में ट्रांस फैट के अधिक सेवन को हृदय रोगों के अलावा मोटापा, इंसुलिन रेजिस्टेंस और टाइप-2 डायबिटीज जैसी समस्याओं से भी जोड़ा गया है।

क्या सभी फैट शरीर के लिए खराब होते हैं?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हर तरह का फैट शरीर के लिए नुकसानदायक नहीं होता। शरीर को ऊर्जा, हार्मोन निर्माण और कोशिकाओं के सामान्य कामकाज के लिए फैट की जरूरत होती है। अच्छे फैट यानी हेल्दी फैट के स्रोतों में बादाम, अखरोट, बीज, मछली, जैतून का तेल और एवोकाडो जैसे खाद्य पदार्थ शामिल हैं। वहीं ट्रांस फैट और अत्यधिक संतृप्त वसा (Saturated Fat) का सेवन सीमित करना चाहिए।

भारत में ट्रांस फैट को लेकर क्या कदम उठाए गए?

भारत में खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य पदार्थों में ट्रांस फैट की मात्रा को नियंत्रित करने के लिए नियम बनाए हैं। इसके तहत खाद्य कंपनियों को ट्रांस फैट की मात्रा कम करने और पैकेट पर पोषण संबंधी जानकारी स्पष्ट रूप से देने के निर्देश दिए गए हैं। FSSAI ने "Trans Fat Free India" अभियान के तहत खाद्य उद्योग और आम लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने की पहल भी की है।

ट्रांस फैट से बचने के लिए क्या करें?

विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रांस फैट से बचने के लिए लोगों को अपनी रोजमर्रा की खान-पान की आदतों में कुछ बदलाव करने चाहिए।

  • पैकेज्ड फूड खरीदने से पहले पोषण लेबल जरूर पढ़ें।
  • "Partially Hydrogenated Oil" वाले उत्पादों से बचें।
  • फास्ट फूड और डीप फ्राइड चीजों का सेवन कम करें।
  • तेल को बार-बार गर्म करके इस्तेमाल न करें।
  • घर का बना ताजा भोजन प्राथमिकता दें।
  • फल, सब्जियां, साबुत अनाज और स्वस्थ फैट को डाइट में शामिल करें।

ट्रांस फैट स्वाद और खाद्य पदार्थों की उम्र बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला तत्व है, लेकिन इसका अधिक सेवन दिल की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। यह खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ाकर और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को कम करके हृदय रोगों की संभावना बढ़ाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि लोग खाने की चीजों का चुनाव करते समय केवल स्वाद नहीं, बल्कि उसमें मौजूद पोषक तत्वों और फैट की गुणवत्ता पर भी ध्यान दें। दिल को स्वस्थ रखने के लिए ट्रांस फैट से दूरी बनाना और संतुलित आहार अपनाना बेहद जरूरी है।