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सिर्फ ज्यादा प्रोटीन खाना काफी नहीं, जानिए कौन सा प्रोटीन आपके शरीर के लिए सही है
आज के समय में फिटनेस, मसल्स बनाने और वजन कम करने के लिए प्रोटीन को सबसे जरूरी पोषक तत्वों में से एक माना जाता है। सोशल मीडिया पर भी हाई-प्रोटीन डाइट, प्रोटीन शेक और सप्लीमेंट्स को लेकर काफी चर्चा रहती है। कई लोग मानते हैं कि ज्यादा मात्रा में प्रोटीन लेना ही स्वस्थ शरीर की कुंजी है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ प्रोटीन की मात्रा बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। शरीर को सही प्रकार का प्रोटीन, सही मात्रा और सही समय पर मिलना भी उतना ही जरूरी है।

हाई प्रोटीन डाइट के ट्रेंड के बीच विशेषज्ञों की सलाह
फिटनेस और हेल्थ को लेकर बढ़ती जागरूकता के बीच आजकल हाई प्रोटीन डाइट का चलन तेजी से बढ़ रहा है। मसल्स बनाने, वजन कम करने और शरीर को मजबूत रखने के लिए लोग अपनी डाइट में प्रोटीन की मात्रा बढ़ा रहे हैं। सोशल मीडिया पर प्रोटीन शेक, सप्लीमेंट्स और हाई प्रोटीन फूड्स को लेकर कई तरह के दावे किए जाते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ ज्यादा प्रोटीन खाना ही शरीर के लिए फायदेमंद नहीं होता। सही मात्रा के साथ-साथ यह जानना भी जरूरी है कि कौन सा प्रोटीन शरीर के लिए बेहतर है और उसे किस तरह लिया जाए।
शरीर के लिए क्यों जरूरी है प्रोटीन?
प्रोटीन शरीर के लिए एक आवश्यक पोषक तत्व है, जो मांसपेशियों के निर्माण और मरम्मत में अहम भूमिका निभाता है। इसके अलावा प्रोटीन शरीर में हार्मोन, एंजाइम, त्वचा, बाल, नाखून और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है। जब कोई व्यक्ति एक्सरसाइज करता है या शारीरिक मेहनत करता है, तो मांसपेशियों में होने वाली टूट-फूट की भरपाई के लिए प्रोटीन की जरूरत होती है। बच्चों और किशोरों में यह शरीर के विकास के लिए जरूरी होता है, जबकि बुजुर्गों में यह उम्र के साथ कम होती मांसपेशियों की ताकत को बनाए रखने में मदद कर सकता है।
सिर्फ ज्यादा प्रोटीन लेने से नहीं बनेगा स्वस्थ शरीर
विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर को जरूरत से ज्यादा प्रोटीन देने से हमेशा अतिरिक्त फायदा नहीं मिलता। शरीर एक निश्चित सीमा तक ही प्रोटीन का इस्तेमाल कर पाता है। अगर कोई व्यक्ति अपनी जरूरत से अधिक प्रोटीन ले रहा है और डाइट में फाइबर, विटामिन, मिनरल और स्वस्थ वसा की कमी है, तो इससे पोषण संतुलन बिगड़ सकता है। बहुत ज्यादा प्रोटीन लेने से कुछ लोगों में पेट फूलना, कब्ज, पाचन संबंधी समस्या और पानी की कमी जैसी परेशानियां हो सकती हैं। वहीं, जिन लोगों को पहले से किडनी से जुड़ी समस्या है, उन्हें प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
शरीर के लिए कौन सा प्रोटीन बेहतर है?
प्रोटीन की गुणवत्ता इस बात पर निर्भर करती है कि उसमें कितने जरूरी अमीनो एसिड मौजूद हैं। अमीनो एसिड वे छोटे तत्व होते हैं जिनसे शरीर प्रोटीन बनाता है। अंडा, दूध, दही, पनीर, मछली और चिकन जैसे खाद्य पदार्थों में उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन पाया जाता है। इनमें शरीर के लिए जरूरी सभी अमीनो एसिड मौजूद होते हैं, इसलिए इन्हें कंप्लीट प्रोटीन स्रोत माना जाता है।
अंडा और डेयरी उत्पाद हैं बेहतरीन विकल्प
अंडे को लंबे समय से उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन का अच्छा स्रोत माना जाता है। इसमें सभी आवश्यक अमीनो एसिड पाए जाते हैं, जो मांसपेशियों की रिकवरी और विकास में मदद करते हैं। दूध, दही, पनीर और ग्रीक योगर्ट जैसे डेयरी उत्पाद भी प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। दूध में मौजूद व्हे और केसिन प्रोटीन शरीर को अलग-अलग समय पर अमीनो एसिड उपलब्ध कराने में मदद करते हैं।
शाकाहारी लोगों के लिए कौन से प्रोटीन बेहतर?
भारत में बड़ी संख्या में लोग शाकाहारी भोजन लेते हैं। ऐसे लोगों के लिए दालें, चना, राजमा, सोयाबीन, टोफू, मूंगफली और अन्य फलियां अच्छे प्रोटीन स्रोत हो सकते हैं। हालांकि कई पौध आधारित प्रोटीन स्रोतों में कुछ जरूरी अमीनो एसिड कम मात्रा में होते हैं, लेकिन अलग-अलग खाद्य पदार्थों को मिलाकर खाने से शरीर को बेहतर प्रोटीन मिल सकता है।
उदाहरण के तौर पर दाल और चावल या रोटी और दाल का संयोजन शरीर को अधिक संतुलित अमीनो एसिड प्रदान करता है।
क्या हर किसी को प्रोटीन सप्लीमेंट की जरूरत होती है?
फिटनेस इंडस्ट्री में व्हे प्रोटीन और अन्य सप्लीमेंट्स काफी लोकप्रिय हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि हर व्यक्ति को प्रोटीन पाउडर की जरूरत नहीं होती। जो लोग सामान्य संतुलित आहार से पर्याप्त प्रोटीन प्राप्त कर लेते हैं, उन्हें सप्लीमेंट लेने की आवश्यकता नहीं होती। प्रोटीन सप्लीमेंट मुख्य रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकते हैं जिन्हें भोजन से पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिल पाता, जैसे कुछ एथलीट, बॉडी बिल्डर या अधिक शारीरिक मेहनत करने वाले लोग। बिना जरूरत केवल सोशल मीडिया ट्रेंड देखकर प्रोटीन सप्लीमेंट शुरू करना सही नहीं माना जाता।
उम्र और जीवनशैली के हिसाब से बदलती है प्रोटीन की जरूरत
हर व्यक्ति की प्रोटीन की जरूरत अलग होती है। सामान्य स्वस्थ वयस्कों में प्रोटीन की जरूरत शरीर के वजन, उम्र और गतिविधि के स्तर के अनुसार तय होती है। जो लोग नियमित रूप से एक्सरसाइज करते हैं, एथलीट हैं या मसल्स बढ़ाने पर काम कर रहे हैं, उन्हें अधिक प्रोटीन की जरूरत हो सकती है। वहीं बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली महिलाओं में भी प्रोटीन की आवश्यकता बढ़ सकती है।
सही प्रोटीन चुनते समय इन बातों का रखें ध्यान
- प्रोटीन का स्रोत क्या है
- उसमें जरूरी अमीनो एसिड मौजूद हैं या नहीं
- उसमें अतिरिक्त शुगर या अनावश्यक सामग्री तो नहीं
- वह आपकी उम्र और स्वास्थ्य के अनुसार सही है या नहीं
विशेषज्ञों की सलाह: संतुलित डाइट ही है बेहतर विकल्प
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि स्वस्थ शरीर के लिए केवल प्रोटीन पर निर्भर रहना सही नहीं है। शरीर को कार्बोहाइड्रेट, स्वस्थ वसा, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स की भी जरूरत होती है। प्रोटीन तभी बेहतर परिणाम देता है जब इसे संतुलित आहार और सही जीवनशैली के साथ लिया जाए। इसलिए ज्यादा प्रोटीन खाने के बजाय अपनी जरूरत के अनुसार सही प्रोटीन स्रोत चुनना ही बेहतर स्वास्थ्य की कुंजी है।
