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'100% Natural' और 'Healthy' लिखने से पहले देना होगा सबूत, FSSAI सख्त

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य एवं पेय पदार्थों पर किए जा रहे भ्रामक "Healthy", "Natural" और अन्य स्वास्थ्य संबंधी दावों के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है। जिन कंपनियों के दावे वैज्ञानिक प्रमाणों और निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सही जानकारी उपलब्ध कराना और खाद्य बाजार में पारदर्शिता बढ़ाना है।

Neha Sharma24 जुल. 2026, 09:08 PM IST
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'100% Natural' और 'Healthy' लिखने से पहले देना होगा सबूत, FSSAI सख्त

नई दिल्ली : देश में खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य एवं पेय पदार्थ बनाने वाली कंपनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की है। FSSAI ने उन कंपनियों पर सख्ती बढ़ा दी है जो अपने उत्पादों पर "Healthy", "100% Natural", "Organic", "Fresh", "Immunity Booster" जैसे दावे बिना पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण या नियमों के अनुरूप किए जा रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य उपभोक्ताओं को भ्रामक विज्ञापनों और गलत जानकारी से बचाना है। 

क्या है पूरा मामला?
FSSAI और विज्ञापन मानक परिषद (ASCI) के अनुसार, खाद्य एवं पेय पदार्थों से जुड़े बड़ी संख्या में डिजिटल विज्ञापन विज्ञापन मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं। जनवरी से जून 2026 के बीच जांचे गए कई विज्ञापनों में लगभग 85% मामलों में नियमों के उल्लंघन पाए गए, जिसके बाद कंपनियों को अपने विज्ञापन, लेबल और पैकेजिंग में बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं। 

किन दावों पर है FSSAI की नजर?
FSSAI विशेष रूप से उन दावों की जांच कर रहा है जो उपभोक्ताओं को यह विश्वास दिलाते हैं कि कोई खाद्य उत्पाद स्वास्थ्य के लिए असाधारण रूप से लाभकारी है, जबकि उसके समर्थन में पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। इनमें "Healthy", "100% Natural", "100% Organic", "Fresh", "Vegan", "Immunity Booster" और अन्य स्वास्थ्य संबंधी दावे शामिल हैं। 

कंपनियों पर क्या होगी कार्रवाई?
नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं और उनसे जवाब मांगा जा रहा है। यदि कंपनियां निर्धारित मानकों का पालन नहीं करती हैं, तो उनके खिलाफ Food Safety and Standards Act, 2006 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। हाल के दिनों में कई कंपनियों को भ्रामक लेबलिंग और विज्ञापनों के लिए नोटिस भी जारी किए गए हैं। 

उपभोक्ताओं के लिए क्या मायने हैं?
इस कार्रवाई के बाद खाद्य कंपनियों को अपने उत्पादों की पैकेजिंग और विज्ञापनों में अधिक पारदर्शिता रखनी होगी। इससे उपभोक्ताओं को सही जानकारी के आधार पर खाद्य उत्पाद चुनने में मदद मिलेगी और झूठे स्वास्थ्य दावों से बचाव होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बाजार में वास्तविक गुणवत्ता वाले उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा और उपभोक्ताओं का भरोसा भी मजबूत होगा। 

FSSAI की यह पहल खाद्य क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। भ्रामक "Healthy" और अन्य स्वास्थ्य संबंधी दावों पर सख्ती से न केवल उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा होगी, बल्कि कंपनियों को भी वैज्ञानिक तथ्यों और निर्धारित नियमों के अनुरूप उत्पादों का प्रचार करना होगा। आने वाले समय में इस अभियान से खाद्य बाजार में विश्वसनीयता बढ़ने और सुरक्षित खाद्य उत्पादों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।