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अमेरिका का बड़ा व्यापारिक वार! भारत के निर्यात पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लागू ....
अमेरिका ने भारत सहित 60 देशों पर Section 301 के तहत नया टैरिफ ढांचा लागू कर दिया है। भारत पर 10% अतिरिक्त शुल्क लगाया गया है, जो पहले प्रस्तावित 12.5% से कम है। हालांकि सोशल मीडिया पर इसे "भारत के सभी निर्यात पर स्थायी 10% टैक्स" बताकर पेश किया जा रहा है, लेकिन वास्तविकता यह है कि भारत के लगभग 45% निर्यात इस अतिरिक्त शुल्क से मुक्त रहेंगे।
Kalpana Gautam27 जुल. 2026, 01:22 PM IST

अमेरिका ने भारत सहित 60 देशों पर Section 301 के तहत नया टैरिफ ढांचा लागू कर दिया है। भारत पर 10% अतिरिक्त शुल्क लगाया गया है, जो पहले प्रस्तावित 12.5% से कम है। हालांकि सोशल मीडिया पर इसे "भारत के सभी निर्यात पर स्थायी 10% टैक्स" बताकर पेश किया जा रहा है, लेकिन वास्तविकता यह है कि भारत के लगभग 45% निर्यात इस अतिरिक्त शुल्क से मुक्त रहेंगे।
सरकार का कहना है कि शुरुआती प्रस्ताव में भारत पर 12.5 प्रतिशत शुल्क लगाने की बात थी, लेकिन भारत द्वारा किए गए कूटनीतिक प्रयासों और नीति सुधारों के बाद अंतिम निर्णय में भारत को निचले 10 प्रतिशत टैरिफ वर्ग में रखा गया। इससे भारत को कई प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में कुछ राहत मिली है। हालांकि, भारतीय टेक्सटाइल उद्योग ने इस फैसले पर चिंता जताई है। उद्योग संगठनों का मानना है कि अतिरिक्त शुल्क से भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति प्रभावित हो सकती है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां अन्य देशों को विशेष छूट मिली है।
दूसरी ओर, Global Trade Research Initiative (GTRI) ने अमेरिकी कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा है कि अमेरिका ने भारत के खिलाफ जबरन श्रम (Forced Labour) के आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किए हैं और यह कदम व्यापारिक संरक्षणवाद का हिस्सा प्रतीत होता है। भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement) पर बातचीत अभी भी जारी है और दोनों देशों के अधिकारी आने वाले महीनों में इस समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रहे हैं।
निष्कर्ष
अमेरिका द्वारा भारत पर 10% अतिरिक्त Section 301 टैरिफ लागू किया जाना सत्य है, लेकिन यह कहना कि "भारत के सभी निर्यात पर स्थायी 10% टैक्स लगा दिया गया है" भ्रामक है। यह शुल्क केवल निर्धारित उत्पादों पर लागू होगा और भारत के लगभग 45% निर्यात इस अतिरिक्त शुल्क से बाहर रहेंगे।
