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आंध्र प्रदेश में अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस को मिला 8,500 करोड़ रुपये का बड़ा प्रोजेक्ट, ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया को मिलेगी नई ऊर्जा

Adani Energy Solutions को आंध्र प्रदेश में करीब 8,500 करोड़ रुपये का बड़ा अंतरराज्यीय बिजली ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट मिला है। यह परियोजना विशाखापत्तनम क्षेत्र में प्रस्तावित ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया परियोजनाओं के लिए मजबूत बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क तैयार करेगी। इस ऑर्डर से कंपनी की ट्रांसमिशन ऑर्डर बुक 80,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है और खबर के बाद कंपनी के शेयर में भी तेजी देखी गई। परियोजना से आंध्र प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा, औद्योगिक विकास और भविष्य की बिजली मांग को समर्थन मिलने की उम्मीद है।

Anshuman Mishra27 जुल. 2026, 01:23 PM IST
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आंध्र प्रदेश में अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस को मिला 8,500 करोड़ रुपये का बड़ा प्रोजेक्ट, ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया को मिलेगी नई ऊर्जा


नई दिल्ली: अडानी समूह की बिजली ट्रांसमिशन कंपनी Adani Energy Solutions Ltd. (AESL) ने आंध्र प्रदेश में करीब 8,500 करोड़ रुपये का अंतरराज्यीय पावर ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट हासिल किया है। यह प्रोजेक्ट विशाखापत्तनम यानी विजाग क्षेत्र में प्रस्तावित ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया परियोजनाओं के लिए बिजली की आपूर्ति और ग्रिड कनेक्टिविटी मजबूत करने के उद्देश्य से तैयार किया जाएगा। कंपनी के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट करीब 4,500 मेगावाट की अनुमानित बिजली मांग को पूरा करने में मदद करेगा। 


यह परियोजना केंद्र सरकार के Tariff-Based Competitive Bidding यानी TBCB मॉडल के तहत AESL को मिली है। कंपनी इस प्रक्रिया में सबसे प्रतिस्पर्धी बोलीदाता के रूप में सामने आई। परियोजना को ‘Transmission System for Proposed Green Hydrogen/Green Ammonia Projects in Vizag Area, Andhra Pradesh (Phase-I)’ नाम दिया गया है और इसे एक विशेष प्रयोजन कंपनी Vizag Power Transmission Ltd. के तहत विकसित किया जाएगा। 


परियोजना के तहत पेंदुर्थी में 4×1500 MVA क्षमता का 765/400 kV GIS सबस्टेशन और खम्मम-II में 3×1500 MVA क्षमता का 765/400 kV सबस्टेशन स्थापित किया जाना है। इसके अलावा AESL के ट्रांसमिशन नेटवर्क में 1,582 सर्किट किलोमीटर ट्रांसमिशन लाइन और 10,500 MVA ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता जुड़ने की योजना है। कंपनी के अनुसार, इसके बाद उसका कुल ट्रांसमिशन नेटवर्क 29,531 सर्किट किलोमीटर और कुल ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता 1,33,675 MVA तक पहुंच जाएगी।


इस प्रोजेक्ट का महत्व केवल अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस के कारोबार तक सीमित नहीं है। विजाग क्षेत्र में प्रस्तावित ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया परियोजनाओं के लिए बड़ी मात्रा में बिजली की जरूरत होगी। ऐसे में उत्पादन क्षमता विकसित करने के साथ-साथ उस बिजली को विश्वसनीय तरीके से पहुंचाने के लिए मजबूत ट्रांसमिशन नेटवर्क भी जरूरी है। यही वजह है कि यह परियोजना आंध्र प्रदेश के उभरते स्वच्छ ऊर्जा और औद्योगिक ढांचे के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया को भारत की स्वच्छ ऊर्जा रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका वाले क्षेत्रों के रूप में देखा जा रहा है। इन क्षेत्रों के विस्तार से भविष्य में उद्योगों को कम-कार्बन ऊर्जा विकल्प उपलब्ध कराने और जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता घटाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इन परियोजनाओं का वास्तविक पर्यावरणीय और आर्थिक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि इनके लिए इस्तेमाल होने वाली बिजली कितनी स्वच्छ और नवीकरणीय स्रोतों से आती है।

कंपनी के लिए भी यह प्रोजेक्ट काफी अहम है। 8,500 करोड़ रुपये के इस नए ऑर्डर के बाद AESL की ट्रांसमिशन ऑर्डर बुक 80,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। इससे कंपनी के पास भविष्य में निष्पादित किए जाने वाले बड़े प्रोजेक्ट्स का आधार मजबूत हुआ है। हालांकि, ऑर्डर बुक में वृद्धि को सीधे तत्काल मुनाफे के बराबर नहीं माना जा सकता, क्योंकि वास्तविक वित्तीय लाभ परियोजना के निर्माण, लागत नियंत्रण और समय पर संचालन शुरू होने पर निर्भर करेगा। 


इस घोषणा का असर शेयर बाजार में भी देखने को मिला। 24 जुलाई को Adani Energy Solutions के शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान करीब 2 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई, जबकि उस समय व्यापक भारतीय शेयर बाजार दबाव में था। निवेशकों ने इस बड़े ऑर्डर को कंपनी की भविष्य की विकास संभावनाओं के लिए सकारात्मक संकेत के रूप में देखा। हालांकि, शेयर की लंबी अवधि की दिशा केवल इस एक प्रोजेक्ट से तय नहीं होगी और कंपनी की वित्तीय स्थिति, कर्ज, परियोजना निष्पादन तथा बाजार की परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण रहेंगी।


इस परियोजना का एक और महत्वपूर्ण पहलू विजाग क्षेत्र में बढ़ती बिजली मांग है। कंपनी के अनुसार, ट्रांसमिशन सिस्टम केवल ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया परियोजनाओं की बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए नहीं होगा, बल्कि पेंदुर्थी-विजाग क्षेत्र में बढ़ रहे डेटा सेंटर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश से पैदा होने वाली अतिरिक्त बिजली मांग को भी मजबूत ग्रिड के जरिए समर्थन मिल सकता है। 


आंध्र प्रदेश के लिए इस प्रोजेक्ट से औद्योगिक और ऊर्जा क्षेत्र में कई संभावित फायदे हो सकते हैं। बेहतर ट्रांसमिशन नेटवर्क से बड़े ऊर्जा-आधारित उद्योगों को विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, निर्माण के दौरान इंजीनियरिंग, उपकरण निर्माण, लॉजिस्टिक्स और अन्य संबंधित सेवाओं में गतिविधियां बढ़ सकती हैं। हालांकि, रोजगार और स्थानीय आर्थिक लाभ की वास्तविक मात्रा परियोजना के क्रियान्वयन और इससे जुड़े निवेश पर निर्भर करेगी।


इस प्रोजेक्ट की सफलता की सबसे बड़ी कसौटी इसका समय पर और प्रभावी तरीके से पूरा होना होगी। बड़े ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट में भूमि, अनुमति, निर्माण, उपकरण आपूर्ति और ग्रिड एकीकरण जैसी कई चुनौतियां हो सकती हैं। इसलिए 8,500 करोड़ रुपये का ऑर्डर कंपनी के लिए बड़ा अवसर जरूर है, लेकिन इसका वास्तविक लाभ परियोजना के सफल निष्पादन के बाद ही स्पष्ट होगा।


कुल मिलाकर, आंध्र प्रदेश में Adani Energy Solutions को मिला 8,500 करोड़ रुपये का ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट कंपनी के कारोबार के साथ-साथ भारत के उभरते स्वच्छ ऊर्जा ढांचे के लिए भी महत्वपूर्ण है। यह परियोजना विजाग क्षेत्र में प्रस्तावित ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया परियोजनाओं को आवश्यक बिजली नेटवर्क उपलब्ध कराने के साथ भविष्य की औद्योगिक और डिजिटल बिजली मांग को भी समर्थन दे सकती है। कंपनी की 80,000 करोड़ रुपये से अधिक की ट्रांसमिशन ऑर्डर बुक उसके विस्तार की तस्वीर पेश करती है, लेकिन आगे की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह इन परियोजनाओं को कितनी कुशलता और समयबद्ध तरीके से पूरा करती है।