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ठाणे में Basement में लगी आग, करीब 30 मिनट में Fire Brigade ने पाया काबू

ठाणे के नौपाड़ा इलाके में शनिवार सुबह एक रिहायशी इमारत के बेसमेंट में आग लगने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग और आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची और इमारत में मौजूद 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। करीब 30 मिनट की कार्रवाई के बाद आग पर काबू पा लिया गया। राहत की बात है कि घटना में किसी के घायल होने या जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है।

Neha Sharma27 जुल. 2026, 01:23 PM IST
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ठाणे में Basement में लगी आग, करीब 30 मिनट में Fire Brigade ने पाया काबू

ठाणे: महाराष्ट्र के ठाणे शहर में शनिवार सुबह एक रिहायशी इमारत के बेसमेंट में आग लगने से कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं और इमारत में मौजूद 10 लोगों को एहतियात के तौर पर सुरक्षित बाहर निकाला गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने या जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। यह घटना ठाणे के नौपाड़ा पुलिस स्टेशन के पास स्थित गौतम हाउस नाम की दो मंजिला रिहायशी इमारत में हुई। अधिकारियों के अनुसार, आग इमारत के बेसमेंट में रखी रबर मैट्स में लगी थी। आग को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया, जिससे इसे ऊपरी मंजिलों तक फैलने से रोका जा सका।


सुबह करीब 8:10 बजे मिली आग की सूचना

ठाणे नगर निगम के Regional Disaster Management Cell (RDMC) के प्रमुख यासीन तडवी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 8:10 बजे बेसमेंट में आग लगने की सूचना दमकल विभाग को मिली। सूचना मिलते ही संबंधित आपातकालीन टीमों को घटनास्थल पर भेजा गया। मौके पर ठाणे दमकल विभाग, RDMC, महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) और Mahanagar Gas Limited से जुड़े कर्मचारी भी पहुंचे। टीमों ने स्थिति का तत्काल आकलन किया और इमारत में मौजूद लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू की।


धुएं से बचाने के लिए 10 लोगों को कराया गया सुरक्षित बाहर

आग भले ही मामूली स्तर की बताई गई, लेकिन बेसमेंट में आग लगने की स्थिति में धुआं तेजी से फैल सकता है। यही वजह रही कि बचाव दल ने किसी संभावित जोखिम को देखते हुए इमारत में मौजूद 10 निवासियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। अधिकारियों के मुताबिक, लोगों को बाहर निकालने का मुख्य उद्देश्य उन्हें धुएं के संपर्क और दम घुटने जैसी संभावित परेशानी से बचाना था। साथ ही, आग के ऊपर की मंजिलों तक पहुंचने की आशंका को देखते हुए भी यह एहतियाती कदम उठाया गया।


करीब 30 मिनट में आग पर पाया गया काबू

दमकल विभाग और RDMC की संयुक्त कार्रवाई के बाद आग को लगभग 30 मिनट के भीतर नियंत्रित कर लिया गया।

आग बुझने के बाद भी घटनास्थल पर कूलिंग ऑपरेशन जारी रखा गया, ताकि बेसमेंट में मौजूद गर्म हिस्सों या सामग्री से दोबारा आग भड़कने की संभावना को कम किया जा सके। अधिकारियों ने पुष्टि की कि घटना में किसी भी व्यक्ति के घायल होने या किसी की मौत की सूचना नहीं है।


समय पर कार्रवाई से टला बड़ा खतरा

रिहायशी इमारत के बेसमेंट में आग लगना इसलिए संवेदनशील स्थिति मानी जाती है क्योंकि बेसमेंट में अक्सर वाहन, इलेक्ट्रिकल उपकरण, स्टोरेज सामग्री या अन्य ज्वलनशील सामान मौजूद हो सकते हैं। इस घटना में आग सीमित क्षेत्र में रही और दमकल टीम ने समय पर मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। इसके अलावा, निवासियों को पहले ही सुरक्षित बाहर निकालने से धुएं के कारण होने वाली संभावित परेशानी को टाला जा सका। यदि आग बेसमेंट से ऊपर की मंजिलों तक फैलती या धुआं सीढ़ियों और अन्य रास्तों में भर जाता, तो स्थिति अधिक गंभीर हो सकती थी। इसलिए समय पर किया गया evacuation इस घटना में महत्वपूर्ण रहा।


Fire Safety को लेकर फिर सामने आया महत्वपूर्ण सवाल

इस घटना ने रिहायशी इमारतों में बेसमेंट और पार्किंग क्षेत्रों की Fire Safety को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।

  • बेसमेंट में अनावश्यक ज्वलनशील सामान जमा न करना
  • इलेक्ट्रिकल वायरिंग और उपकरणों की नियमित जांच
  • Fire Extinguishers को आसानी से उपलब्ध रखना
  • Emergency Exit और रास्तों को खुला रखना
  • Smoke Detection और Alarm System की नियमित जांच
  • Fire Fighting Equipment की समय-समय पर सर्विसिंग
  • निवासियों के लिए Emergency Evacuation Plan तैयार रखना

निवासियों के लिए क्या सीख?

ठाणे की इस घटना से रिहायशी इमारतों में रहने वाले लोगों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश निकलता है। आग लगने पर सबसे पहले घबराने के बजाय सुरक्षित निकासी पर ध्यान देना चाहिए। यदि किसी इमारत में आग लगती है, तो धुएं से बचने के लिए लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित रास्ते से बाहर निकलना चाहिए। लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करना और आग की स्थिति में इमारत के अंदर अनावश्यक रूप से वापस न जाना महत्वपूर्ण है। साथ ही, यदि बेसमेंट या किसी बंद जगह में आग लगी हो, तो बिना प्रशिक्षित उपकरण और जानकारी के खुद आग बुझाने की कोशिश करने के बजाय दमकल विभाग को तुरंत सूचना देना बेहतर होता है।


आग लगने का कारण क्या था?

उपलब्ध अधिकारियों की जानकारी के अनुसार, आग बेसमेंट में रखी रबर मैट्स में लगी थी। हालांकि, आग लगने के सटीक कारण को लेकर इस रिपोर्ट में कोई अंतिम आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। इसलिए आग के कारण के संबंध में किसी तरह का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा। आग की वास्तविक वजह सामने आने के लिए संबंधित विभागों की जांच और तकनीकी निरीक्षण महत्वपूर्ण होगा।


ठाणे में Fire Safety पर क्यों जरूरी है ध्यान?

ठाणे में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और रिहायशी इमारतों की बढ़ती संख्या के बीच Fire Safety एक महत्वपूर्ण नागरिक मुद्दा है। बेसमेंट, पार्किंग, इलेक्ट्रिकल सिस्टम और स्टोरेज एरिया जैसी जगहों पर छोटी सी आग भी कुछ परिस्थितियों में तेजी से फैल सकती है। ऐसे में केवल दमकल विभाग की तत्परता ही नहीं, बल्कि भवन प्रबंधन और निवासियों की तैयारी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इमारतों में Fire Safety Equipment की उपलब्धता के साथ-साथ यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि आपात स्थिति में लोगों को बाहर निकलने के लिए पर्याप्त और सुरक्षित रास्ता उपलब्ध हो।


राहत की बात: कोई हताहत नहीं

इस घटना में सबसे बड़ी राहत यह रही कि 10 निवासियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और किसी के घायल होने या मौत की सूचना नहीं मिली। दमकल विभाग और आपदा प्रबंधन टीमों की समय पर कार्रवाई के कारण आग को सीमित क्षेत्र में नियंत्रित किया जा सका और इसे इमारत के ऊपरी हिस्सों तक फैलने से रोका गया।


ठाणे के नौपाड़ा क्षेत्र में गौतम हाउस के बेसमेंट में लगी आग ने कुछ समय के लिए स्थानीय स्तर पर चिंता पैदा कर दी। हालांकि, दमकल विभाग और आपदा प्रबंधन टीमों की त्वरित कार्रवाई के चलते स्थिति को जल्द नियंत्रित कर लिया गया।10 निवासियों को एहतियातन सुरक्षित बाहर निकालना और करीब 30 मिनट में आग पर काबू पाना इस घटना के प्रमुख बिंदु रहे। फिलहाल किसी के घायल होने या जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि रिहायशी इमारतों में Fire Safety, Emergency Exit, Electrical Maintenance और नियमित सुरक्षा जांच को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।