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मुंबई में Income Tax Day समारोह, राज्यपाल बोले- देश के विकास में करदाताओं की अहम भूमिका
मुंबई के BKC स्थित कौटिल्य भवन में 24 जुलाई को 167वें आयकर दिवस समारोह का आयोजन किया गया। महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए करदाताओं के योगदान और आयकर विभाग में बढ़ती पारदर्शिता व डिजिटल सेवाओं की सराहना की। समारोह में मुंबई के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त आलोक कुमार और अभिनेता विक्की कौशल समेत कई गणमान्य लोग शामिल हुए।

मुंबई: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में शुक्रवार, 24 जुलाई को 167वें आयकर दिवस के अवसर पर विशेष समारोह आयोजित किया गया। बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) स्थित कौटिल्य भवन में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने की। समारोह में मुंबई आयकर विभाग के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त आलोक कुमार, फिल्म अभिनेता विक्की कौशल, आमंत्रित करदाता तथा आयकर विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने आयकर विभाग के बदलते स्वरूप की सराहना करते हुए कहा कि विभाग ने पारदर्शिता बढ़ाने, मुकदमेबाजी कम करने, कर अनुपालन को आसान बनाने और लोगों का भरोसा मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।
'डर वाले टैक्समैन' से 'फ्रेंडली विभाग' तक बदलाव
राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने अपने संबोधन में आयकर विभाग के कामकाज में आए बदलावों की विशेष रूप से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि विभाग ने खुद को ऐसी संस्था के रूप में विकसित किया है जो करदाताओं के लिए अधिक पारदर्शी, सरल और नागरिक-अनुकूल हो रही है। उनके अनुसार, आयकर विभाग की छवि अब केवल जांच और कर वसूली तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि लोगों के साथ बेहतर संवाद और आसान अनुपालन पर भी जोर दिया जा रहा है। राज्यपाल ने विभाग के इस परिवर्तन को उस बदलाव के रूप में रेखांकित किया जिसमें पहले कर विभाग को लेकर लोगों में भय की भावना रहती थी, जबकि अब विभाग अधिक सहयोगी और नागरिक-केंद्रित बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
देश के विकास में टैक्स की अहम भूमिका
राज्यपाल ने कहा कि भारत जब 5 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है, तब कर व्यवस्था की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
- सरकारी स्कूल
- अस्पताल
- सड़कें
- बुनियादी ढांचा
- विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं
राज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि करदाताओं द्वारा दिया गया पैसा केवल सरकारी राजस्व नहीं है, बल्कि देश के विकास और सार्वजनिक सुविधाओं को मजबूत करने में योगदान देता है।
महाराष्ट्र देश के प्रत्यक्ष कर संग्रह में अग्रणी
समारोह में राज्यपाल ने महाराष्ट्र की आर्थिक भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र देश के प्रत्यक्ष कर संग्रह में सबसे बड़ा योगदान देने वाला राज्य बना हुआ है, जबकि मुंबई देश की वित्तीय राजधानी के रूप में अपनी महत्वपूर्ण स्थिति बनाए हुए है। मुंबई में देश की बड़ी वित्तीय संस्थाओं, कंपनियों और कारोबारी गतिविधियों की मौजूदगी के कारण यहां का कर संग्रह राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
मुंबई के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का भी किया उल्लेख
राज्यपाल ने मुंबई में चल रही और पूरी हो चुकी प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि करदाताओं का योगदान किस तरह शहर के विकास और कनेक्टिविटी को मजबूत करने में दिखाई देता है। उन्होंने मुंबई मेट्रो विस्तार, कोस्टल रोड परियोजना, मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक और मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं का उदाहरण दिया। इन परियोजनाओं से मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था, कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की उम्मीद है।
Advance Tax को सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में देखने की अपील
राज्यपाल ने Advance Tax की भूमिका पर भी बात की। उन्होंने कहा कि अग्रिम कर को केवल एक वित्तीय या कानूनी दायित्व के तौर पर देखने के बजाय इसे देश के विकास में नागरिकों की सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में भी देखा जाना चाहिए। समय पर कर भुगतान से सरकार को राजस्व की उपलब्धता का बेहतर अनुमान लगाने और विकास कार्यों की वित्तीय योजना बनाने में मदद मिल सकती है।
Income Tax Department में तकनीक का बढ़ता इस्तेमाल
समारोह में मुंबई के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त आलोक कुमार ने आयकर विभाग में तकनीक के इस्तेमाल और करदाताओं के लिए सेवाओं को सरल बनाने पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आयकर रिटर्न की प्रक्रिया पहले की तुलना में काफी तेज हुई है। उनके अनुसार, 2019 में रिटर्न प्रोसेस होने में लगभग 82 दिन लगते थे, जबकि अब यह प्रक्रिया कुछ ही दिनों में पूरी हो सकती है। रिफंड प्रक्रिया में भी तेजी आई है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी विभागों में तकनीक को अपनाने के मामले में आयकर विभाग अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
ऑनलाइन प्रक्रिया से करदाताओं के लिए सुविधा
आयकर विभाग की डिजिटल व्यवस्था के कारण आज करदाताओं के लिए कई प्रक्रियाएं पहले की तुलना में अधिक आसान हुई हैं। ऑनलाइन रिटर्न फाइलिंग, डिजिटल प्रोसेसिंग और रिफंड की तेज प्रक्रिया ने करदाताओं के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता को काफी कम किया है। आलोक कुमार ने इस बदलाव को समझाते हुए कहा कि आज आयकर रिटर्न दाखिल करना रोजमर्रा की ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल करने जितना आसान हो गया है।
मुंबई का राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में योगदान
प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त ने मुंबई की आर्थिक महत्ता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि मुंबई का राष्ट्रीय आय में योगदान देश के कई राज्यों के योगदान से अधिक है। वित्तीय सेवाओं, कॉर्पोरेट गतिविधियों, व्यापार और अन्य आर्थिक क्षेत्रों में मुंबई की बड़ी भूमिका के कारण शहर का प्रत्यक्ष कर संग्रह में भी महत्वपूर्ण योगदान रहता है।
विक्की कौशल भी समारोह में शामिल
167वें आयकर दिवस समारोह में अभिनेता विक्की कौशल भी उपस्थित रहे। उन्होंने आयकर विभाग को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं और समारोह का हिस्सा बनने पर खुशी व्यक्त की। उनकी मौजूदगी ने कार्यक्रम को अतिरिक्त आकर्षण दिया और समारोह में आमंत्रित करदाताओं तथा आयकर विभाग के अधिकारियों के साथ विभिन्न क्षेत्रों के लोगों की भागीदारी देखने को मिली।
करदाता और सरकार के बीच भरोसा बढ़ाने पर जोर
इस पूरे कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण संदेश करदाता और सरकारी विभाग के बीच विश्वास को मजबूत करना रहा। सरकार के लिए कर राजस्व विकास कार्यों का एक महत्वपूर्ण स्रोत है, वहीं करदाताओं के लिए पारदर्शी और आसान व्यवस्था जरूरी है। ऐसे में आयकर विभाग द्वारा डिजिटल तकनीक, तेज प्रोसेसिंग और आसान अनुपालन पर बढ़ता जोर दोनों पक्षों के बीच बेहतर संबंध बनाने में मदद कर सकता है। राज्यपाल द्वारा भी विभाग को अधिक नागरिक-अनुकूल बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना इसी व्यापक बदलाव की ओर संकेत करती है।
167वें आयकर दिवस का महत्व
आयकर दिवस हर वर्ष 24 जुलाई को मनाया जाता है। यह दिन भारत की प्रत्यक्ष कर व्यवस्था और आयकर प्रशासन की भूमिका को याद करने के साथ-साथ करदाताओं के योगदान के महत्व को सामने लाने का अवसर भी देता है। मुंबई में आयोजित इस वर्ष के समारोह में विशेष रूप से डिजिटल बदलाव, पारदर्शिता, कर अनुपालन में आसानी और देश के विकास में करदाताओं की भूमिका पर जोर दिया गया।
मुंबई के BKC स्थित कौटिल्य भवन में आयोजित 167वां आयकर दिवस समारोह कर व्यवस्था में हो रहे बदलाव और करदाताओं की भूमिका पर केंद्रित रहा। महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने आयकर विभाग को अधिक पारदर्शी और नागरिक-अनुकूल बनाने की दिशा में किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कर राजस्व को देश के बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सेवाओं के विकास से जोड़ते हुए करदाताओं के योगदान को महत्वपूर्ण बताया। वहीं, मुंबई आयकर विभाग के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त आलोक कुमार ने डिजिटल तकनीक के कारण रिटर्न प्रोसेसिंग और रिफंड में आई तेजी का उल्लेख किया। कुल मिलाकर, समारोह का मुख्य संदेश यही रहा कि एक आधुनिक कर व्यवस्था केवल राजस्व संग्रह का माध्यम नहीं, बल्कि नागरिकों, सरकार और देश के विकास के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी भी है।
