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आषाढ़ी एकादशी पर निकली भव्य ज्ञान दिंडी, विठ्ठल नाम के साथ दिया संस्कार और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
देवशयनी आषाढ़ी एकादशी के पावन अवसर पर कल्याण में कल्याण मराठी चैरिटी ट्रस्ट, बी. के. बिर्ला कॉलेज, बी. के. बिर्ला पब्लिक स्कूल, सरला बिर्ला हाई स्कूल और सेंचुरी रेयॉन के संयुक्त तत्वावधान में भव्य ज्ञान दिंडी का आयोजन किया गया। बी. के. बिर्ला कॉलेज से शुरू हुई दिंडी शहाड स्थित विठोबा (बिर्ला) मंदिर पहुंची, जहां हरिनाम संकीर्तन के साथ स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया गया।
Priyanka Gaikwad27 जुल. 2026, 01:23 PM IST

देवशयनी आषाढ़ी एकादशी के पावन अवसर पर कल्याण शहर भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया, जब कल्याण मराठी चैरिटी ट्रस्ट, बी. के. बिर्ला कॉलेज, बी. के. बिर्ला पब्लिक स्कूल, सरला बिर्ला हाई स्कूल तथा सेंचुरी रेयॉन के संयुक्त तत्वावधान में भव्य ज्ञान दिंडी का आयोजन किया गया। इस दिंडी का उद्देश्य केवल वारकरी परंपरा का पालन करना ही नहीं, बल्कि नई पीढ़ी तक भारतीय संस्कृति, नैतिक संस्कार, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश पहुंचाना भी था। दिंडी का शुभारंभ बी. के. बिर्ला कॉलेज परिसर से पारंपरिक विधि-विधान के साथ हुआ। टाल-मृदंग की मधुर धुन, "ज्ञानोबा-तुकाराम" और "विठ्ठल-विठ्ठल" के जयघोष, भगवा पताकाएं और पारंपरिक वेशभूषा में सजे विद्यार्थी, शिक्षक एवं वारकरी पूरे मार्ग में आकर्षण का केंद्र बने रहे। दिंडी विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए शहाड स्थित विठोबा (बिर्ला) मंदिर पहुंची, जहां सामूहिक आरती, हरिनाम संकीर्तन और भजन-कीर्तन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण, जल बचाओ, वृक्षारोपण, प्लास्टिक मुक्त समाज और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण जैसे विषयों पर संदेशात्मक झांकियां प्रस्तुत कीं। विभिन्न नारों और जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से नागरिकों से स्वच्छ, हरित और संस्कारित समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया। आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और सेवा भाव विकसित करना है। ज्ञान दिंडी में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षक, वारकरी, सामाजिक कार्यकर्ता, अभिभावक एवं श्रद्धालु उत्साहपूर्वक शामिल हुए। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने दिंडी का स्वागत किया और विठ्ठल नाम के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। कार्यक्रम के दौरान भारतीय संत परंपरा, वारकरी संप्रदाय की समृद्ध विरासत तथा समाज में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का संदेश भी दिया गया।
आयोजकों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार कार्यक्रम में कल्याण पूर्व की विधायक सुलभा गणपत गायकवाड, केडीएमसी की महापौर एडवोकेट हर्षाली थविल-चौधरी, केडीएमसी आयुक्त अभिनव गोयल, ठाणे शहर के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त संजय जाधव, रिजेंसी ग्रुप के चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर महेश अग्रवाल, मैनेजिंग डायरेक्टर उद्धव रुपचंदानी, आयोजक ओमप्रकाश चितलांगे सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षण संस्थाओं के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने वारकरी परंपरा के माध्यम से समाज में संस्कार, सेवा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक एकता का संदेश प्रसारित करने के इस प्रयास की सराहना की।
