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CBI का बड़ा एक्शन: बनारस रेल मंडल के सीनियर DMM नितिश अग्रवाल रिश्वत लेते गिरफ्तार l

वाराणसी के बनारस रेल मंडल मुख्यालय में तैनात वरिष्ठ मंडल सामग्री प्रबंधक (Senior DMM) नितिश अग्रवाल को CBI की लखनऊ टीम ने कथित रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एक ठेकेदार की शिकायत के आधार पर की गई। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि मामला एकल रिश्वत तक सीमित है या रेलवे की खरीद और टेंडर प्रक्रिया में किसी बड़े भ्रष्टाचार नेटवर्क से जुड़ा है।

Kashish Rai27 जुल. 2026, 01:24 PM IST
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CBI का बड़ा एक्शन: बनारस रेल मंडल के सीनियर DMM नितिश अग्रवाल रिश्वत लेते गिरफ्तार l

वाराणसी स्थित पूर्वोत्तर रेलवे के बनारस रेल मंडल मुख्यालय (DRM कार्यालय) में तैनात वरिष्ठ मंडल सामग्री प्रबंधक (Senior DMM) नितिश अग्रवाल को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की लखनऊ टीम ने कथित रूप से रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया है और विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई एक ठेकेदार संदीप की शिकायत के आधार पर की गई। ठेकेदार ने आरोप लगाया था कि रेलवे में आपूर्ति से जुड़े कार्यों के बदले वरिष्ठ अधिकारी द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत की प्रारंभिक पुष्टि के बाद CBI ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप बिछाया।


CBI टीम ने आरोपी अधिकारी को उनके सरकारी आवास पर कथित रिश्वत की रकम लेते हुए पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद मौके पर ही आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की गई, ताकि मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई जा सके। इसके बाद जांच एजेंसी की एक टीम बनारस रेल मंडल मुख्यालय स्थित DRM कार्यालय भी पहुंची। हालांकि कार्यालय बंद होने के कारण विस्तृत जांच नहीं हो सकी, लेकिन कर्मचारियों से प्रारंभिक पूछताछ कर जानकारी एकत्र की गई।


सूत्रों के अनुसार, CBI अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि यह मामला केवल एक आपूर्ति आदेश से जुड़ा है या रेलवे की खरीद और टेंडर प्रक्रिया में किसी बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार का नेटवर्क सक्रिय है। इसी के तहत विभागीय दस्तावेजों, फाइलों और रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। CBI ने आरोपी के सरकारी आवास की तलाशी भी ली, जहां से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और रिकॉर्ड खंगाले गए। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है, ताकि पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ा जा सके।


गिरफ्तारी के बाद आरोपी अधिकारी से कई घंटों तक पूछताछ की गई, जिसमें रेलवे की सामग्री खरीद, आपूर्ति व्यवस्था और टेंडर प्रक्रिया से जुड़े सवाल पूछे गए। प्रारंभिक पूछताछ के बाद CBI टीम आरोपी को अपने साथ लखनऊ ले गई, जहां उसे विशेष CBI अदालत में पेश किया जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम के बाद रेलवे विभाग में हलचल तेज हो गई है और अब सभी की नजर CBI की आगे की जांच पर टिकी है।  यह मामला न केवल एक कथित रिश्वत का है, बल्कि इससे रेलवे की खरीद और आपूर्ति व्यवस्था में पारदर्शिता को लेकर भी बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।