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बिना वैध रजिस्ट्रेशन के बिक रहे Imported Cosmetics पर CDSCO की नजर

भारत में तेजी से बढ़ते कॉस्मेटिक बाजार के बीच केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने विदेशी सौंदर्य उत्पादों की निगरानी को लेकर बड़ा कदम उठाया है। नियामक संस्था ने आयातित कॉस्मेटिक उत्पादों (Imported Cosmetics) की बिक्री पर सतर्कता बढ़ाते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया है कि घरेलू बाजार में ऐसे उत्पादों की जांच की जाए, जो बिना वैध इम्पोर्ट रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (Import Registration Certificate) के बेचे जा रहे हैं।

Vindhya Dubey27 जुल. 2026, 01:24 PM IST
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बिना वैध रजिस्ट्रेशन के बिक रहे Imported Cosmetics पर CDSCO की नजर
CDSCO द्वारा जारी सर्कुलर में कहा गया है कि बाजार में उपलब्ध विदेशी कॉस्मेटिक उत्पादों की वैधता की जांच की जाए और यदि कोई उत्पाद आवश्यक रजिस्ट्रेशन के बिना पाया जाता है तो नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाए। 

क्यों बढ़ाई गई Imported Cosmetics पर निगरानी?

भारत में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और पर्सनल केयर उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। विदेशी ब्रांडों के कॉस्मेटिक्स भी भारतीय बाजार में बड़ी मात्रा में उपलब्ध हैं। इनमें कई उत्पाद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया मार्केटिंग और अनधिकृत बिक्री चैनलों के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंच रहे हैं। ऐसे में नियामक संस्थाओं के सामने यह सुनिश्चित करने की चुनौती है कि बाजार में उपलब्ध सभी कॉस्मेटिक उत्पाद सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों को पूरा करें।

CDSCO का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत में बिकने वाले सभी आयातित कॉस्मेटिक्स:

  • वैध रजिस्ट्रेशन के साथ आयात किए गए हों।
  • निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करते हों।
  • उत्पाद पर सही लेबलिंग और निर्माता संबंधी जानकारी उपलब्ध हो।
  • प्रतिबंधित या असुरक्षित सामग्री का उपयोग न किया गया हो।

Import Registration Certificate क्यों जरूरी है?

भारत में विदेशी कॉस्मेटिक उत्पादों के आयात के लिए Cosmetics Rules, 2020 के तहत रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया अनिवार्य है। विदेशी निर्माता या भारत में अधिकृत आयातक को CDSCO के पास आवेदन करना होता है। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के दौरान उत्पाद से जुड़ी कई जानकारियां जमा करनी होती हैं, जैसे:

  • कॉस्मेटिक उत्पाद का नाम और श्रेणी
  • निर्माता कंपनी की जानकारी
  • निर्माण स्थल का विवरण
  • इस्तेमाल किए गए Ingredients की सूची
  • उत्पाद की सुरक्षा संबंधी जानकारी

जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद CDSCO द्वारा Cosmetic Registration Certificate जारी किया जाता है। बिना इस प्रमाणपत्र के किसी विदेशी कॉस्मेटिक उत्पाद को भारत में कानूनी रूप से बेचना नियमों का उल्लंघन माना जा सकता है।

Online Marketplaces पर भी होगी नजर

हाल के वर्षों में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से विदेशी कॉस्मेटिक्स की बिक्री तेजी से बढ़ी है। कई बार ऐसे उत्पाद छोटे विक्रेताओं या अनधिकृत आयात चैनलों के जरिए बाजार में पहुंच जाते हैं। नियामकीय विशेषज्ञों का कहना है कि बिना रजिस्ट्रेशन वाले उत्पादों में उपभोक्ता को यह जानकारी नहीं मिल पाती कि उनमें इस्तेमाल किए गए Ingredients भारतीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं या नहीं। ऐसे उत्पादों से त्वचा संबंधी एलर्जी, जलन, संक्रमण या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

RC/COS-003938 Cosmetic Registration Certificate सरेंडर

CDSCO ने एक अन्य पब्लिक नोटिस जारी करते हुए Cosmetic Registration Certificate नंबर RC/COS-003938 के सरेंडर की जानकारी दी है। यह प्रमाणपत्र 23 अगस्त 2023 को जारी किया गया था। CDSCO की पब्लिक नोटिस सूची में RC/COS-003938 के सरेंडर से संबंधित सूचना 23 जुलाई 2026 को प्रकाशित की गई है। रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट सरेंडर होने के बाद संबंधित प्रमाणपत्र के आधार पर कॉस्मेटिक उत्पादों के आयात और बिक्री की अनुमति समाप्त हो जाती है। संबंधित कंपनी या आयातक को आगे की बिक्री और आयात गतिविधियों के लिए नियामकीय नियमों का पालन करना होता है।

CDSCO क्यों सख्त हो रहा है?

भारत का कॉस्मेटिक बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है। ग्लोबल ब्रांडों के साथ-साथ छोटे विदेशी ब्रांड भी भारतीय उपभोक्ताओं तक पहुंच रहे हैं। इस बढ़ते बाजार में नकली, बिना रजिस्ट्रेशन वाले या गलत जानकारी वाले उत्पादों की संभावना भी बढ़ जाती है। CDSCO की निगरानी का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ता सुरक्षा को मजबूत करना और बाजार में केवल ऐसे उत्पादों की बिक्री सुनिश्चित करना है, जो भारतीय कानूनों और सुरक्षा मानकों को पूरा करते हों।

उपभोक्ताओं को क्या सावधानी रखनी चाहिए?

विशेषज्ञों के अनुसार विदेशी कॉस्मेटिक्स खरीदते समय उपभोक्ताओं को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  • उत्पाद के लेबल पर Importer Details जरूर जांचें।
  • Manufacturing Country और Manufacturer की जानकारी देखें।
  • Expiry Date और Batch Number की जांच करें।
  • ऐसे उत्पादों से बचें जिन पर जरूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है।
  • केवल भरोसेमंद विक्रेताओं और अधिकृत प्लेटफॉर्म से ही खरीदारी करें।

सरकार का संदेश: सुरक्षित कॉस्मेटिक बाजार बनाना लक्ष्य

CDSCO की यह कार्रवाई भारत में कॉस्मेटिक सेक्टर को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नियामक संस्था लगातार बाजार निगरानी, दस्तावेजों की जांच और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई के माध्यम से उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने का प्रयास कर रही है।



स्रोत: https://cdsco.gov.in/opencms/opencms/en/Home/