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नेपाल का ऐतिहासिक फैसला, अब ₹200 और ₹500 के भारतीय नोट लेकर कर सकेंगे यात्रा
करीब 10 साल बाद नेपाल ने भारतीय मुद्रा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। नेपाल राष्ट्र बैंक (NRB) ने भारतीय और नेपाली नागरिकों को 9 नवंबर 2016 के बाद जारी ₹200 और नए डिज़ाइन वाले ₹500 के भारतीय नोट अधिकतम ₹25,000 तक नेपाल में लाने और ले जाने की अनुमति दे दी है। इस फैसले से भारत-नेपाल के बीच पर्यटन, व्यापार और सीमापार यात्रा करने वाले लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
Priyanka Gaikwad27 जुल. 2026, 01:24 PM IST

नेपाल राष्ट्र बैंक (Nepal Rastra Bank) ने भारतीय मुद्रा को लेकर लंबे समय से लागू प्रतिबंध में महत्वपूर्ण ढील देते हुए नया नियम लागू किया है। अब भारतीय और नेपाली नागरिक 9 नवंबर 2016 के बाद जारी ₹200 और नए डिज़ाइन वाले ₹500 के भारतीय नोट अधिकतम ₹25,000 तक नेपाल में ला और ले जा सकेंगे। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि यह नियम पहले ही नेपाल गजट में प्रकाशित किया जा चुका था, लेकिन लोगों के बीच किसी भी तरह का भ्रम दूर करने के लिए इसे दोबारा सार्वजनिक किया गया है।
यह फैसला 2016 में भारत में हुई नोटबंदी के लगभग 10 साल बाद आया है। नोटबंदी के बाद नेपाल ने ₹100 से अधिक मूल्य के भारतीय नोटों के उपयोग और प्रवेश पर रोक लगा दी थी। इससे भारतीय पर्यटकों, नेपाल में कारोबार करने वाले व्यापारियों और सीमा क्षेत्र में रहने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अब नए नियम लागू होने से दोनों देशों के बीच नकद लेनदेन और यात्रा पहले की तुलना में अधिक आसान हो जाएगी। नेपाल राष्ट्र बैंक के प्रवक्ता गुरु प्रसाद पौडेल ने बताया कि नेपाली नागरिक भारत के अलावा किसी अन्य देश से भारतीय मुद्रा नेपाल नहीं ला सकते और न ही नेपाल से किसी तीसरे देश में भारतीय मुद्रा ले जा सकते। उन्होंने कहा कि इस फैसले से भारत से आने वाले पर्यटकों और भारत-नेपाल व्यापार से जुड़े उद्योगों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
नए नियमों के तहत नेपाली नागरिक और विदेशी पर्यटक बिना सीमा शुल्क घोषणा के अधिकतम 5,000 अमेरिकी डॉलर तक की विदेशी मुद्रा नेपाल ला सकते हैं। इससे अधिक राशि होने पर सीमा शुल्क विभाग को इसकी घोषणा करना अनिवार्य होगा। वहीं भारतीय मुद्रा के मामले में पुराने ₹500 और ₹1,000 के नोटों पर प्रतिबंध पहले की तरह जारी रहेगा, जबकि केवल 9 नवंबर 2016 के बाद जारी ₹200 और नए डिज़ाइन वाले ₹500 के नोट ही वैध माने जाएंगे। भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा, धार्मिक पर्यटन, व्यापार और सामाजिक संबंधों को देखते हुए इस फैसले को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे दोनों देशों के बीच पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, व्यापारिक गतिविधियां आसान होंगी और सीमावर्ती क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। भारत नेपाल का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और हर साल बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक नेपाल की यात्रा करते हैं, जबकि लाखों नेपाली नागरिक भारत में रोजगार, शिक्षा और व्यवसाय से जुड़े हुए हैं।
