government
मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 20 IAS अधिकारियों के तबादले, नीरज मंडलोई को मिली GIS 2027 की अहम जिम्मेदारी l
मध्य प्रदेश में नए मुख्य सचिव के कार्यभार संभालने के कुछ ही घंटों बाद सरकार ने बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए 20 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। सबसे अहम जिम्मेदारी नीरज मंडलोई को दी गई है, जिन्हें उद्योग, MSME विभाग और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 की कमान सौंपी गई है। इस फेरबदल का असर मंत्रालय से लेकर जिलों तक देखने को मिला है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि सरकार निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और जल परियोजनाओं पर फोकस बढ़ाने जा रही है।

मध्य प्रदेश में नए मुख्य सचिव अशोक बर्नवाल के पदभार ग्रहण करते ही प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। सरकार ने देर रात आदेश जारी कर 20 आईएएस अधिकारियों के तबादले के साथ उनकी नई जिम्मेदारियां तय कर दीं। इस व्यापक फेरबदल में सबसे ज्यादा ध्यान अतिरिक्त मुख्य सचिव नीरज मंडलोई पर गया है, जिन्हें मुख्यमंत्री सचिवालय के साथ-साथ उद्योग एवं एमएसएमई विभाग की कमान सौंपी गई है। इतना ही नहीं, उन्हें आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) 2027 के आयोजन की जिम्मेदारी भी दी गई है। यह जिम्मेदारी इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि राज्य में बड़े निवेश आकर्षित करने, औद्योगिक विकास को गति देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने की पूरी रणनीति अब उनके नेतृत्व में तैयार और लागू होगी।
इस प्रशासनिक बदलाव में कई अहम विभागों के प्रमुख भी बदले गए हैं। राघवेंद्र सिंह को उद्योग विभाग से हटाकर वन विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है, जबकि संदीप यादव को जल संसाधन विभाग में पदस्थ किया गया है। उनके पास केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध जैसी बहुप्रतीक्षित नदी जोड़ो परियोजनाओं की जिम्मेदारी होगी, जो राज्य के सिंचाई और जल प्रबंधन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं। ई. रमेश कुमार को राजस्व विभाग के साथ नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (NVDA) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, जिससे भूमि प्रबंधन और जल संसाधन योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय की उम्मीद की जा रही है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. राजेश राजौरा को आरसीपीवी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी का महानिदेशक नियुक्त किया गया है, जहां वे प्रशासनिक प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण को नई दिशा देंगे। वहीं सुखवीर सिंह को लोक निर्माण विभाग के साथ स्वास्थ्य, परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है, जो बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर तालमेल का संकेत है।
तबादलों का प्रभाव केवल मंत्रालय तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जिलों और संभागों में भी बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए हैं। भास्कर लक्ष्याकर को इंदौर का नया संभागायुक्त बनाया गया है, जबकि अजय काटेसरिया को रतलाम, रत्नाकर झा को अनुपपुर, मिशा सिंह को शहडोल, दिव्यांक सिंह को मंदसौर, गुरु प्रसाद को खरगोन और शेर सिंह मीणा को आगर मालवा का कलेक्टर नियुक्त किया गया है। इसके अलावा अदिति गर्ग, प्रीति यादव, हर्षल पंचोली, केदार सिंह, सिद्धार्थ जैन, हिमांशु प्रजापति, जॉन किंग्सले एआर और सचिन सिन्हा सहित कई अन्य अधिकारियों के कार्यभार में भी बदलाव किया गया है। इन नियुक्तियों के जरिए सरकार ने जिला स्तर पर प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया है।
राजनीतिक और प्रशासनिक विश्लेषकों के अनुसार, यह फेरबदल केवल नियमित तबादलों तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार की आगामी प्राथमिकताओं का स्पष्ट संकेत देता है। राज्य सरकार निवेश आकर्षित करने, औद्योगिक विकास को गति देने, अधोसंरचना को मजबूत करने, जल संसाधन परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है। यही कारण है कि इन महत्वपूर्ण विभागों में अनुभवी और भरोसेमंद अधिकारियों की तैनाती की गई है।
कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में हुआ यह व्यापक प्रशासनिक फेरबदल सरकार की नई कार्ययोजना और विकास एजेंडा को लागू करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अब यह देखना अहम होगा कि नई जिम्मेदारियों के साथ नियुक्त अधिकारी इन प्राथमिकताओं को किस हद तक जमीन पर उतार पाते हैं और राज्य के विकास को कितनी गति मिलती है।
