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बाड़मेर केस: 2 करोड़ ब्लैकमेलिंग के बीच डॉक्टर पर 100 महिलाओं के शोषण के आरोप l
राजस्थान के बाड़मेर में 65 वर्षीय डॉक्टर ने अपनी ही अस्पताल की नर्स पर प्राइवेट तस्वीरों के जरिए 2 करोड़ रुपये की ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया है। पुलिस ने नर्स को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, कोर्ट में पेशी से पहले नर्स ने डॉक्टर पर 100 से अधिक महिलाओं के यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाकर मामले को नया मोड़ दे दिया है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों की जांच कर रही है।

राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक डॉक्टर और नर्स के बीच विवाद ने सनसनीखेज रूप ले लिया है। 65 वर्षीय डॉक्टर ने अपनी अस्पताल में कार्यरत नर्स पर आरोप लगाया है कि उसने निजी तस्वीरों के आधार पर कई वर्षों तक उन्हें ब्लैकमेल किया और करीब 2 करोड़ रुपये वसूल लिए। डॉक्टर के अनुसार, नर्स वर्ष 2016 से उनके अस्पताल में कार्यरत थी और नाइट ड्यूटी के दौरान वह उनके निजी कक्ष में आती-जाती थी। इसी दौरान उसने कथित तौर पर मोबाइल से कुछ निजी तस्वीरें ले लीं और बाद में उन्हीं के जरिए ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी।
डॉक्टर का कहना है कि नर्स ने कभी तस्वीरें वायरल करने, कभी झूठे दुष्कर्म मामले में फंसाने और कभी जान से मारने की धमकी देकर उनसे पैसे वसूले। अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए उन्होंने वर्षों तक रकम दी, जिसमें लगभग 35 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। इसके अलावा उनसे ब्लैंक चेक और खाली स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर भी कराए गए। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नर्स को गिरफ्तार कर लिया।
हालांकि, मामले ने उस वक्त नया मोड़ ले लिया जब कोर्ट में पेशी से पहले नर्स का एक वीडियो सामने आया। इसमें उसने डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि डॉक्टर ने अपने अस्पताल में आने वाली महिला मरीजों समेत 100 से अधिक महिलाओं के साथ दुष्कर्म किया है। नर्स ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मामलों की शिकायत पहले पुलिस तक पहुंची थी, लेकिन डॉक्टर ने कथित रूप से पैसे देकर उन्हें दबा दिया। उसने यह भी कहा कि अस्पताल के दो कर्मचारी डॉक्टर के लिए महिलाओं की व्यवस्था करते थे।
पुलिस के अनुसार, अभी तक नर्स द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। बाड़मेर शहर कोतवाल मनोज कुमार ने बताया कि आरोपी नर्स को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि नर्स पूछताछ में सहयोग नहीं कर रही और अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार कर रही है। पुलिस उसके मोबाइल से मिले ईमेल, मैसेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
इसके साथ ही, पुलिस डॉक्टर की शिकायत और नर्स द्वारा लगाए गए आरोप—दोनों पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि नर्स ने वर्ष 2020 में बाड़मेर पंचायत समिति का चुनाव एक राजनीतिक दल के टिकट पर लड़ा था, जिसमें वह मामूली अंतर से हार गई थी। इसके अलावा, वह पिछले तीन वर्षों से अपने पति से अलग रह रही है और पति के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और मारपीट का मामला भी दर्ज करा चुकी है।
फिलहाल यह मामला पूरी तरह जांच के दायरे में है, जहां एक ओर डॉक्टर द्वारा लगाए गए ब्लैकमेलिंग और आर्थिक वसूली के आरोप हैं, वहीं दूसरी ओर नर्स द्वारा लगाए गए यौन शोषण के गंभीर आरोप हैं। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी, जिसके बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी।
