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किडनी की सुरक्षा कवच बनी Dapagliflozin, CKD मरीजों में बेहतर परिणामों का दावा
क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) के इलाज में पिछले कुछ वर्षों में Dapagliflozin ने एक महत्वपूर्ण स्थान बना लिया है। शुरुआत में टाइप-2 डायबिटीज के इलाज के लिए विकसित की गई यह दवा अब उन मरीजों में भी प्रभावी साबित हो रही है जिन्हें मधुमेह नहीं है, लेकिन वे IgA Nephropathy से जुड़ी क्रॉनिक किडनी डिजीज से जूझ रहे हैं। हाल के वर्षों में प्रकाशित अंतरराष्ट्रीय शोधों ने संकेत दिया है कि Dapagliflozin किडनी की कार्यक्षमता को लंबे समय तक सुरक्षित रखने, प्रोटीन यूरिया कम करने और डायलिसिस या किडनी फेल होने के खतरे को घटाने में मदद कर सकती है।

क्या है IgA Nephropathy?
IgA Nephropathy, जिसे बर्जर डिजीज भी कहा जाता है, दुनिया में सबसे अधिक पाई जाने वाली प्राथमिक ग्लोमेरुलर बीमारी है। इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा बनने वाला इम्युनोग्लोबुलिन-A (IgA) किडनी के ग्लोमेरुली में जमा होने लगता है। इससे सूजन पैदा होती है और धीरे-धीरे किडनी की फिल्टर करने की क्षमता कम होने लगती है। इस बीमारी के प्रमुख लक्षणों में पेशाब में खून आना, पेशाब के साथ अधिक मात्रा में प्रोटीन निकलना, उच्च रक्तचाप और समय के साथ किडनी की कार्यक्षमता में गिरावट शामिल हैं। कई मरीजों में यह बीमारी वर्षों तक धीरे-धीरे बढ़ती है और अंततः एंड-स्टेज किडनी डिजीज तक पहुंच सकती है।
कैसे काम करती है Dapagliflozin?
Dapagliflozin SGLT2 (Sodium-Glucose Cotransporter-2) इनहिबिटर वर्ग की दवा है। हालांकि इसका विकास रक्त शर्करा नियंत्रित करने के लिए किया गया था, लेकिन वैज्ञानिकों ने पाया कि यह किडनी की सुरक्षा भी करती है। यह दवा किडनी के ग्लोमेरुली पर पड़ने वाले अतिरिक्त दबाव को कम करती है, प्रोटीन के रिसाव को घटाती है, सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मदद करती है तथा लंबे समय तक किडनी की कार्यक्षमता को सुरक्षित रखने में योगदान देती है। यही कारण है कि इसका लाभ केवल मधुमेह के मरीजों तक सीमित नहीं है।
DAPA-CKD ट्रायल से मिले मजबूत प्रमाण
Dapagliflozin के पक्ष में सबसे मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण अंतरराष्ट्रीय DAPA-CKD क्लिनिकल ट्रायल से मिले हैं। इस अध्ययन में 4,304 क्रॉनिक किडनी डिजीज मरीजों को शामिल किया गया, जिनमें डायबिटीज वाले और बिना डायबिटीज वाले दोनों प्रकार के मरीज थे। अध्ययन में 270 मरीज ऐसे थे जिन्हें बायोप्सी से पुष्टि की गई IgA Nephropathy थी। इन मरीजों में अधिकांश पहले से ACE Inhibitor या ARB जैसी मानक दवाएं ले रहे थे।
क्या रहे अध्ययन के नतीजे?
अध्ययन के अनुसार Dapagliflozin लेने वाले मरीजों में किडनी रोग की प्रगति का खतरा लगभग 71 प्रतिशत तक कम पाया गया। इसके अलावा पेशाब में प्रोटीन की मात्रा औसतन 26 प्रतिशत कम हुई और किडनी की कार्यक्षमता में गिरावट की गति भी धीमी रही। यह लाभ मधुमेह वाले और बिना मधुमेह वाले दोनों समूहों में देखा गया। शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि Dapagliflozin लेने वाले मरीजों में डायलिसिस या किडनी प्रत्यारोपण की आवश्यकता तक पहुंचने का जोखिम अपेक्षाकृत कम था।
किडनी फंक्शन को लंबे समय तक बचाने में मदद
विशेषज्ञों के अनुसार Dapagliflozin शुरू करने के शुरुआती सप्ताहों में eGFR में हल्की गिरावट देखी जा सकती है, लेकिन यह सामान्य और अस्थायी होती है। इसके बाद लंबे समय में किडनी की कार्यक्षमता अपेक्षाकृत बेहतर बनी रहती है। यही कारण है कि नेफ्रोलॉजिस्ट इस शुरुआती बदलाव को उपचार का अपेक्षित प्रभाव मानते हैं, न कि किडनी को नुकसान।
प्रोटीन यूरिया में कमी क्यों है महत्वपूर्ण?
IgA Nephropathy में पेशाब के साथ अधिक मात्रा में प्रोटीन निकलना भविष्य में किडनी फेल होने का बड़ा संकेत माना जाता है। Dapagliflozin प्रोटीन यूरिया को कम करके किडनी पर अतिरिक्त दबाव घटाती है, जिससे बीमारी की प्रगति धीमी हो सकती है। क्लिनिकल ट्रायल में Dapagliflozin का सुरक्षा प्रोफाइल संतोषजनक पाया गया। कुछ मरीजों में जननांग संक्रमण, बार-बार पेशाब आना या हल्का डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं देखी गईं, लेकिन गंभीर दुष्प्रभावों की दर प्लेसीबो समूह से अधिक नहीं थी। IgA Nephropathy वाले मरीजों में भी कोई नई सुरक्षा संबंधी चिंता सामने नहीं आई।
इलाज का विकल्प नहीं, बल्कि उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा
विशेषज्ञों का कहना है कि Dapagliflozin को अकेले इलाज के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह ACE Inhibitors या ARBs, रक्तचाप नियंत्रण, कम नमक वाला आहार, नियमित निगरानी और अन्य सहायक उपचारों के साथ मिलकर बेहतर परिणाम देती है। मरीजों को यह दवा केवल नेफ्रोलॉजिस्ट की सलाह पर ही शुरू करनी चाहिए। वैज्ञानिक वर्तमान में Dapagliflozin को नई दवाओं जैसे Targeted-release Budesonide, Sparsentan और Complement Inhibitors के साथ मिलाकर उपयोग करने की संभावनाओं पर भी अध्ययन कर रहे हैं। भविष्य के शोध यह स्पष्ट करेंगे कि किन मरीजों को इस दवा से सबसे अधिक लाभ मिल सकता है।
उपलब्ध वैज्ञानिक प्रमाण बताते हैं कि Dapagliflozin, IgA Nephropathy से जुड़ी क्रॉनिक किडनी डिजीज के उपचार में एक महत्वपूर्ण प्रगति है। DAPA-CKD ट्रायल सहित कई अध्ययनों में यह दवा किडनी की कार्यक्षमता को लंबे समय तक सुरक्षित रखने, प्रोटीन यूरिया कम करने और किडनी फेल होने के खतरे को घटाने में प्रभावी पाई गई है। हालांकि यह दवा सभी मरीजों के लिए उपयुक्त नहीं होती, इसलिए इसका उपयोग हमेशा विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह और नियमित जांच के साथ ही किया जाना चाहिए।
