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शाहपुर में बादल फटने से बारिश का कहर, झरने में बहे पर्यटक; एक की मौत, एक लापता

महाराष्ट्र के ठाणे जिले के शाहपुर तालुका में रविवार को बादल फटने जैसी भारी बारिश के कारण चोंढे झरने में अचानक आई बाढ़ ने बड़ा हादसा कर दिया। कल्याण से घूमने आए पांच पर्यटक तेज बहाव में बह गए। इनमें से तीन लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि एक युवक की मौत हो गई और एक अन्य अब भी लापता है। प्रशासन, पुलिस और बचाव दल लगातार राहत एवं खोज अभियान चला रहे हैं। लोगों से मानसून के दौरान झरनों और नदी-नालों से दूर रहने की अपील की गई है।

Priyanka Gaikwad27 जुल. 2026, 04:31 PM IST
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शाहपुर में बादल फटने से बारिश का कहर, झरने में बहे पर्यटक; एक की मौत, एक लापता
शाहपुर: रविवार दोपहर ठाणे जिले के शाहपुर तालुका के डोलखांब-चोंढे क्षेत्र में अचानक हुई मूसलाधार बारिश ने कुछ ही मिनटों में हालात बदल दिए। पहाड़ी इलाकों में लगातार हुई तेज बारिश के कारण झरने का जलस्तर अचानक बढ़ गया और पानी का तेज बहाव नीचे की ओर आ गया। उस समय कल्याण से आए पांच पर्यटक झरने के पास घूम रहे थे, जो अचानक आई फ्लैश फ्लड की चपेट में आ गए। देखते ही देखते तेज बहाव ने सभी को अपनी गिरफ्त में ले लिया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण, पुलिस, राजस्व विभाग, आपदा प्रबंधन टीम और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से तीन पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि 21 वर्षीय आकाश देशमुख की मौत हो गई, जबकि दिनेश मांडलकर नामक युवक अब भी लापता है। लापता युवक की तलाश के लिए देर रात तक सर्च ऑपरेशन जारी रहा। तेज बारिश और उफनते पानी के कारण बचाव कार्य में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन प्रशासन लगातार अभियान चलाए हुए है। इस हादसे का असर केवल झरने तक ही सीमित नहीं रहा। डोलखांब बाजार क्षेत्र में भी भारी मात्रा में पानी भर गया, जिससे कई दुकानों और प्रतिष्ठानों में पानी घुस गया। व्यापारियों को सामान खराब होने के कारण आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। कई सड़कों पर भी पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

प्रशासन ने बताया कि मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम अचानक बदल सकता है। कई बार ऊपर के इलाकों में होने वाली तेज बारिश का असर कुछ ही मिनटों में नीचे स्थित झरनों और नदी-नालों में दिखाई देता है, जिससे फ्लैश फ्लड जैसी स्थिति पैदा हो जाती है। इसलिए पर्यटकों को ऐसे स्थानों पर जाने से बचना चाहिए, खासकर जब मौसम विभाग की ओर से भारी बारिश का अलर्ट जारी हो। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि बारिश के मौसम में किसी भी झरने, नदी या तेज बहाव वाले क्षेत्र में सेल्फी लेने या पानी के करीब जाने का जोखिम न उठाएं। प्रशासन ने कहा है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम सामान्य होने तक ऐसे पर्यटन स्थलों से दूरी बनाए रखना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।