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महाराष्ट्र में मानसून हुआ उग्र, मुंबई-ठाणे समेत पूरे राज्य में भारी बारिश का अलर्ट जारी
अरब सागर में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता और राजस्थान से बनी शीयर ज़ोन प्रणाली के चलते इस पूरे सप्ताह महाराष्ट्र में आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा।
Kalpana Gautam27 जुल. 2026, 04:31 PM IST

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार, 27 जुलाई 2026 को महाराष्ट्र में दक्षिण-पश्चिम मानसून के तीव्र होने के कारण पूरे सप्ताह मुंबई, ठाणे, पालघर और तटीय कोंकण सहित राज्य भर में तेज हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की आधिकारिक चेतावनी जारी की है।
जुलाई के अंतिम सप्ताह में मानसून के कमजोर पड़ने का अनुमान लगाया जा रहा था, लेकिन अरब सागर में बने नए मौसमी सिस्टम ने बारिश की रफ्तार को दोबारा बढ़ा दिया है। तटीय कोंकण, मुंबई महानगरीय क्षेत्र और पश्चिमी महाराष्ट्र के घाट इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से निचले इलाकों में जलभराव, नदियों का जलस्तर बढ़ने और घाट मार्गों पर भूस्खलन का खतरा पैदा हो गया है, जिससे दैनिक जनजीवन और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र से जुड़ा पूर्व-पश्चिम 'शीयर ज़ोन' अरब सागर तक फैल गया है। इस मौसमी बदलाव के कारण संपूर्ण कोंकण बेल्ट में मानसून के लिए अनुकूल स्थितियां बन गई हैं। रायगढ़ और रत्नागिरि जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि मुंबई, ठाणे और सिंधुदुर्ग के लिए यलो अलर्ट जारी है। 28 से 30 जुलाई के बीच मुंबई, ठाणे और पालघर में मध्यम से भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है, जबकि पुणे और सतारा के घाट इलाकों में मूसलाधार बारिश हो सकती है। इस दौरान 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। जुलाई के अंत तक यह प्रणाली धीरे-धीरे कमजोर होगी और 31 जुलाई से 1 अगस्त के बीच बारिश का जोर कुछ कम हो सकता है। पश्चिम और उत्तर महाराष्ट्र के पुणे, सतारा, सांगली, कोल्हापुर और सोलापुर जिलों में मध्यम बारिश के साथ घाट क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान है। उत्तर महाराष्ट्र के नाशिक, धुले, जलगांव और नंदुरबार में बिजली कड़कने के साथ हल्की से मध्यम बौछारें गिर सकती हैं। मराठवाड़ा और विदर्भ के नागपुर, वर्धा, चंद्रपुर, गड़चिरोली, अमरावती और अकोला सहित 11 जिलों में भी यलो अलर्ट जारी किया गया है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) मुंबई केंद्र की ओर से जारी प्रेस बुलेटिन के अनुसार:
"अरब सागर में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता और राजस्थान से फैले शीयर ज़ोन के कारण महाराष्ट्र के तटीय और घाट क्षेत्रों में मानसूनी हवाएं काफी मजबूत हुई हैं। 27 से 31 जुलाई तक राज्य के कई हिस्सों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और मूसलाधार बारिश होने की पूरी संभावना है।" — आईएमडी मुंबई (क्षेत्रीय मौसम केंद्र)
तटीय सुरक्षा और बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के आपदा प्रबंधन कक्ष की ओर से नागरिकों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं:
"तटीय इलाकों में समुद्र में ऊंची लहरें उठने और मूसलाधार बारिश से जलभराव की स्थिति बन सकती है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है और नागरिकों से अपील है कि वे उच्च ज्वार के समय तटीय इलाकों से दूर रहें।" — आपदा प्रबंधन अधिकारी, बीएमसी
