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कागजों का झंझट खत्म! छात्रों का शैक्षणिक रिकॉर्ड अब APAAR में रहेगा सुरक्षित

महाराष्ट्र के छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य में अब तक 2.67 करोड़ छात्रों की APAAR (Automated Permanent Academic Account Registry) आईडी तैयार की जा चुकी है। इसके जरिए छात्रों की मार्कशीट, डिग्री, प्रमाणपत्र और अन्य शैक्षणिक दस्तावेज अब डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेंगे। DigiLocker से जुड़ी इस व्यवस्था के कारण प्रवेश, छात्रवृत्ति, नौकरी और दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक आसान, तेज और पारदर्शी हो जाएगी।

Priyanka Gaikwad27 जुल. 2026, 04:37 PM IST
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कागजों का झंझट खत्म! छात्रों का शैक्षणिक रिकॉर्ड अब APAAR में रहेगा सुरक्षित
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत केंद्र सरकार ने 'वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी' की अवधारणा के तहत APAAR आईडी प्रणाली शुरू की है। इसका उद्देश्य प्रत्येक छात्र को एक स्थायी डिजिटल शैक्षणिक पहचान देना है, जिससे उसके स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक के सभी शैक्षणिक रिकॉर्ड एक ही प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रह सकें। महाराष्ट्र में इस अभियान को बड़ी सफलता मिली है और अब तक करीब 2.67 करोड़ छात्रों की APAAR आईडी बनाई जा चुकी है। इसके माध्यम से छात्रों की मार्कशीट, डिग्री, डिप्लोमा, प्रमाणपत्र और अन्य शैक्षणिक दस्तावेज DigiLocker में सुरक्षित उपलब्ध होंगे। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद संबंधित संस्थान इन दस्तावेजों को सीधे छात्रों के डिजिटल खाते में अपलोड कर सकेंगे।

इस नई व्यवस्था से छात्रों को हर जगह मूल दस्तावेज लेकर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कॉलेज में प्रवेश, छात्रवृत्ति के लिए आवेदन, सरकारी या निजी नौकरी तथा अन्य संस्थानों में दस्तावेजों का सत्यापन ऑनलाइन और कुछ ही मिनटों में किया जा सकेगा। इससे समय की बचत होगी और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनेगी। APAAR प्रणाली का एक बड़ा लाभ यह भी है कि फर्जी प्रमाणपत्रों और नकली दस्तावेजों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित होने के कारण दस्तावेज खोने, खराब होने या दोबारा बनवाने की परेशानी भी काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। साथ ही छात्रों का पूरा शैक्षणिक रिकॉर्ड जीवनभर सुरक्षित रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर देश के किसी भी हिस्से से आसानी से प्राप्त किया जा सकेगा।

हालांकि, हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि नाबालिग छात्रों के लिए APAAR आईडी बनवाना अनिवार्य नहीं है। इसके लिए अभिभावकों की सहमति आवश्यक होगी और किसी भी अभिभावक पर APAAR आईडी बनवाने का दबाव नहीं डाला जा सकता। इस प्रकार यह व्यवस्था छात्रों की सुविधा और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्वैच्छिक रूप से लागू की जा रही है।