crime
FSSAI की बड़ी कार्रवाई: एक्सपायर्ड फूड पर फर्जी लेबल लगाकर बेचने वाली कंपनी का लाइसेंस सस्पेंड l
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन के मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए मेसर्स वेस्टएंड एग्रो प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड का स्टेट लाइसेंस सस्पेंड कर दिया है। कंपनी पर आरोप है कि वह एक्सपायर हो चुके और मिसब्रांडेड खाद्य उत्पादों को फर्जी लेबल लगाकर बाजार में बेच रही थी। FSSAI को मिली शिकायतों के आधार पर जब अधिकारियों ने कंपनी के परिसर में छापेमारी की, तो जांच में यह स्पष्ट हुआ कि उत्पादों की मैन्युफैक्चरिंग डेट, पैकिंग डेट और एक्सपायरी डेट में जानबूझकर बदलाव किया जा रहा था। इसके अलावा, “ऑर्गैनिक” जैसे भ्रामक दावों के साथ नकली लेबलिंग का इस्तेमाल भी किया जा रहा था, जिससे उपभोक्ताओं को धोखा दिया जा सके। छापेमारी के दौरान लेबल बदलने के लिए उपयोग की जा रही मशीनें, स्टैंप, केमिकल (सॉल्वेंट) और अन्य उपकरण भी जब्त किए गए। इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए FSSAI ने इसे उपभोक्ता स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा मानते हुए लाइसेंस सस्पेंड करने का निर्णय लिया।

FSSAI द्वारा की गई यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा खुलासा मानी जा रही है। प्राधिकरण को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि मेसर्स वेस्टएंड एग्रो प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड एक्सपायर हो चुके खाद्य उत्पादों को दोबारा पैक कर, उन पर नई और फर्जी तारीखें लगाकर बाजार में बेच रही है। इन शिकायतों की पुष्टि के लिए जब अधिकारियों की टीम ने कंपनी के परिसर में निरीक्षण किया, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पाया गया कि एक ही स्थान से दो कंपनियां—वेस्टएंड एग्रो प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और वेस्टएंड कॉरपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड—संचालित हो रही थीं, जिससे संचालन में पारदर्शिता पर सवाल उठे। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को बड़ी मात्रा में ऐसे खाद्य उत्पाद मिले, जिनके पैकेट पर छपी मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट और बैच नंबर को बदला गया था। इन उत्पादों पर नए लेबल चिपकाए गए थे, जिससे वे ताजे और सुरक्षित दिखाई दें।
इसके अलावा, छापेमारी में ऐसे उपकरण भी बरामद किए गए जिनका उपयोग लेबल बदलने के लिए किया जाता था, जैसे:
- प्रिंटिंग मशीन
- स्टैंप और इंक
- सॉल्वेंट (केमिकल)
- फर्जी लेबल और पैकेजिंग मटेरियल
अधिकारियों ने पाया कि इन उपकरणों की मदद से पुराने लेबल हटाकर नए, भ्रामक लेबल लगाए जाते थे। विशेष रूप से “ऑर्गैनिक” जैसे दावे करने वाले पैकेजिंग मटेरियल का उपयोग कर उपभोक्ताओं को गुमराह किया जा रहा था। FSSAI के अनुसार, इस तरह की गतिविधियां खाद्य सुरक्षा कानूनों का गंभीर उल्लंघन हैं और इससे उपभोक्ताओं की सेहत को सीधा खतरा होता है। गलत या भ्रामक लेबलिंग न केवल उपभोक्ताओं को धोखा देती है, बल्कि खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा पर भी सवाल खड़े करती है। इन्हीं गंभीर अनियमितताओं को ध्यान में रखते हुए FSSAI ने कंपनी का राज्य लाइसेंस तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। साथ ही, मामले की आगे की जांच जारी है और संबंधित कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
यह मामला दर्शाता है कि खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और लेबलिंग में किसी भी प्रकार की लापरवाही या धोखाधड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। FSSAI की यह कार्रवाई उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और बाजार में पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में एक सख्त संदेश है।
