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चित्रकूट गैंगरेप केस: 50 हजार का इनामी आरोपी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार l

चित्रकूट के देवांगना एयरपोर्ट घाटी क्षेत्र में छात्रा के साथ हुई सनसनीखेज वारदात में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। 50 हजार रुपये के इनामी मुख्य आरोपी जितेंद्र उर्फ भोला को पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि एक पुलिस सिपाही भी घायल हुआ है। यह मामला 22 जुलाई को सामने आया था, जब मध्य प्रदेश के सतना की रहने वाली 20 वर्षीय छात्रा अपने दोस्त के साथ घूमने गई थी। वहां तीन युवकों ने खुद को वनकर्मी बताकर दोनों को रोका, युवक को बंधक बनाया और छात्रा के साथ दुष्कर्म कर फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 48 घंटे के भीतर आरोपियों की पहचान कर ली थी। फिलहाल एक आरोपी गिरफ्तार हो चुका है, जबकि बाकी दो की तलाश जारी है।

Kashish Rai27 जुल. 2026, 04:42 PM IST
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चित्रकूट गैंगरेप केस: 50 हजार का इनामी आरोपी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार l

चित्रकूट में हुई इस दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। अब इस मामले में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। मुख्य आरोपी जितेंद्र उर्फ भोला, जिस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था, को पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी भरतकूप थाना क्षेत्र के मड़फा जंगलों में छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की। खुद को घिरा देख आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी और उसे मौके पर ही दबोच लिया गया। इस दौरान बहिलपुरवा थाने का एक सिपाही राघवेंद्र भी घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।


पूरे मामले की शुरुआत 22 जुलाई को हुई थी। मध्य प्रदेश के सतना जिले की 20 वर्षीय छात्रा अपने 17 वर्षीय दोस्त के साथ देवांगना एयरपोर्ट घाटी के पास घूम रही थी। उसी दौरान बाइक सवार तीन युवक वहां पहुंचे और खुद को वन विभाग का कर्मचारी बताकर दोनों को डराने-धमकाने लगे। आरोपियों ने उनसे पैसे की मांग की, लेकिन इनकार करने पर उन्होंने युवक की पिटाई की और उसके हाथ-पैर बांध दिए। इसके बाद दो आरोपी छात्रा को झाड़ियों में ले गए और उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसे मारा-पीटा गया और दोनों को धमकी देकर आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के तुरंत बाद पीड़ित युवक ने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने तुरंत एक्शन लिया और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन विशेष टीमों का गठन किया। इसके साथ ही बांदा, चित्रकूट और प्रयागराज की एसओजी टीमों को भी जांच में शामिल किया गया।


शुरुआत में यह मामला पूरी तरह ब्लाइंड था, लेकिन पुलिस ने तकनीकी और स्थानीय स्तर पर गहन जांच करते हुए सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से आरोपियों की पहचान कर ली। पीड़ित छात्र-छात्रा ने भी तस्वीरों के जरिए आरोपियों की पुष्टि की। पहचान होने के बाद आरोपियों पर पहले 25 हजार और बाद में 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया।

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से अवैध तमंचे, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद की है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है, ताकि फरार अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी मिल सके।


पुलिस का कहना है कि बाकी दोनों आरोपियों की तलाश के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यह मामला बेहद संवेदनशील है, इसलिए पुलिस हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और दोषियों को सख्त सजा दिलाई जा सके।