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पुणे में पेट्रोल पंप पर पानी मिला पेट्रोल? कई वाहन बीच रास्ते में बंद, जांच शुरू

पुणे के राजगुरुनगर में एक पेट्रोल पंप से कथित तौर पर पानी मिला पेट्रोल मिलने के आरोप के बाद कई वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। आरोप है कि पेट्रोल भरवाने के कुछ ही समय बाद कई दोपहिया और चारपहिया वाहन अचानक बंद हो गए। जब ईंधन का नमूना बोतल में निकाला गया तो उसमें पानी और पेट्रोल अलग-अलग दिखाई देने का दावा किया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, अधिकारियों की जांच जारी है और अभी तक किसी भी एजेंसी ने पानी की मिलावट की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

Priyanka Gaikwad27 जुल. 2026, 04:42 PM IST
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पुणे में पेट्रोल पंप पर पानी मिला पेट्रोल? कई वाहन बीच रास्ते में बंद, जांच शुरू
पुणे जिले के राजगुरुनगर स्थित एक पेट्रोल पंप पर कथित तौर पर पानी मिला पेट्रोल मिलने की शिकायत सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। वाहन चालकों का आरोप है कि पेट्रोल भरवाने के कुछ ही मिनटों के भीतर उनकी गाड़ियां बीच रास्ते में बंद हो गईं। कई लोगों को अपने वाहन धक्का लगाकर गैरेज तक ले जाने पड़े, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ काफी परेशानी भी उठानी पड़ी। बताया जा रहा है कि कुछ ग्राहकों ने पेट्रोल का नमूना बोतल में निकालकर देखा तो उसमें नीचे पानी और ऊपर पेट्रोल की परत दिखाई दी। इस दौरान बनाए गए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित अधिकारियों और तेल कंपनी को शिकायत की गई तथा मामले की जांच शुरू कर दी गई।

विशेषज्ञों का कहना है कि ई20 पेट्रोल में मौजूद इथेनॉल में वातावरण की नमी को सोखने की क्षमता होती है। यदि बारिश के मौसम में भूमिगत स्टोरेज टैंक में पानी पहुंच जाए या अत्यधिक नमी जमा हो जाए, तो पानी और इथेनॉल नीचे बैठ सकते हैं। ऐसे में डिस्पेंसर से ईंधन भरते समय कुछ मात्रा में पानी मिला मिश्रण वाहन के टैंक तक पहुंच सकता है, जिससे इंजन बंद होना, स्टार्टिंग में दिक्कत, मिसफायरिंग और फ्यूल सिस्टम को नुकसान जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि, विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि केवल ई20 पेट्रोल को इस घटना के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। यदि पेट्रोल पंप के स्टोरेज टैंक का रखरखाव सही ढंग से किया जाए और समय-समय पर पानी की जांच की जाए, तो ऐसी घटनाओं की संभावना काफी कम हो जाती है।

केंद्र सरकार और तेल कंपनियां पहले भी स्पष्ट कर चुकी हैं कि ई20 पेट्रोल वैज्ञानिक परीक्षणों के बाद ही देशभर में लागू किया गया है और यह निर्धारित मानकों पर खरा उतरता है। इसलिए राजगुरुनगर की घटना में वास्तविक कारण क्या था, इसका पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि यदि ईंधन भरवाने के बाद वाहन में असामान्य समस्या आए तो तुरंत संबंधित पेट्रोल पंप, तेल कंपनी के हेल्पलाइन नंबर और उपभोक्ता शिकायत पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।